देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

विश्व स्ट्रोक दिवस पर मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ में सेमिनार आयोजित 

देशभर में स्ट्रोक के बढ़ते मामलों को लेकर मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ के विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त किया और न्यूरोसाइंसेज, न्यूरोसर्जरी, इमरजेंसी, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी टीम के साथ स्ट्रोक पर चर्चा की।

हुज़ैफ़ा अबरार
October 31 2023 Updated: October 31 2023 12:35
0 160109
विश्व स्ट्रोक दिवस पर मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ में सेमिनार आयोजित  विश्व स्ट्रोक दिवस

लखनऊ। स्ट्रोक के मामले देशभर में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यदि इसके आंकड़ों पर गौर करें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में हर साल 1.5 करोड़ लोग स्ट्रोक (stroke) से पीड़ित होते हैं। इनमें से 50 लाख मरीज़ों की मृत्यु हो जाती है और अन्य 50 लाख मरीज़ विकलांग हो जाते हैं, जिससे उनके परिवार पर भी बोझ बढ़ता है। मेदांता हॉस्पिटल (Medanta Hospital) के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्ट्रोक पर जागरूकता हेतु विश्व स्ट्रोक दिवस के अवसर पर स्ट्रोक से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों पर सेमिनार में चर्चा की। 

डॉ ए के ठक्कर, डायरेक्टर न्यूरोलॉजी (Neurology) ने बताया कि यह समस्या अधिकतर 50 वर्ष की आयु के बाद लोगों में देखने को मिलती हैं, परंतु पिछले कुछ समय से 30 से 35 वर्ष की आयु के लोगों में भी ब्रेन स्ट्रोक (brain stroke) के मामले बढ़ रहे हैं। अनुचित खानपान, व्यायाम की कमी व तनाव के कारण स्ट्रोक (stress) की संख्या हर साल बढ़ती ही जा रही है, जोअपने आप में ही एक चिंता का विषय है। इसलिए हर साल विश्व स्ट्रोक दिवस (World Stroke Day) मनाया जाता है ताकि स्ट्रोक को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके। 

डॉ ठक्कर ने बताया कि इससे बचने के लिए स्ट्रोक के लक्षणों (symptoms of stroke) पर ध्यान रखें। मरीज को बोलने और समझने में बहुत कठिनाई होती है, वह अचानक से किसी वाक्य को बोलने में सक्षम नहीं हो पाता है, उसे यदि कोई भी संवाद करने को कहा जाए तो वह उसमें असफल हो जाता है। उसे कुछ समझ में भी नहीं आता, उस दरमियान ऐसे में मरीज को शांत रहने के लिए कहें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

डॉ रित्विज बिहारी एसोसिएट डायरेक्टर न्यूरोलॉजी ने बताया कि स्ट्रोक की स्थिति में अस्पताल पहुंचने में गोल्डन ऑवर (golden hour) के महत्व पर जोर देते हुए लोगों को गोल्डन ऑवर के महत्व के बारे में शिक्षित किया, जो स्ट्रोक शुरू होने के 4, 5 घंटे बाद तक रहता है। एक स्ट्रोक के बाद, प्रति मिनट 2 लाख से अधिक मस्तिष्क कोशिकाएं मर जाती हैं। इस स्थिति में रोगी को नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। जहाँ स्ट्रोक का आकस्मिक और उचित इलाज होता हो, ताकि रोगी को बचाने के लिए जल्दी और सर्वोत्तम उपचार दिया जा सके।  इसके अलावा स्ट्रोक के लक्षणों को समझना और तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचना आवश्यक है।

डॉ रवि शंकर, डायरेक्टर- न्यूरोसर्जरी (Neurosurgery) ने बताया कि आज-कल की अनियमित जीवनशैली, अस्वस्थ आहार, तनाव, शराब, सिगरेट और गुटखा के अत्यधिक सेवन इत्यादि के चलते व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure), डायबिटीज (diabetes), दिल की बीमारी (heart disease) उत्पन्न हो जाती है। जिस कारण स्ट्रोक आने की संभावना बनी रहती है।  

डॉ रवि ने बताया कि क्लॉट-बस्टर प्राप्त करने वाले 30 प्रतिशत व्यक्तियों में सुधार नहीं होता है क्योंकि वे प्रमुख स्ट्रोक या बड़े पोत अवरोध (LVO) से पीड़ित होते हैं। ऐसी परिस्थितियों में भी इलाज में प्रगति हुई है। एक न्यूरो-रेडियोलॉजिस्ट-एक्स, न्यूरो-इंटरवेंशनिस्ट मस्तिष्क की धमनियों से क्लॉट हटाने के लिए एक डिवाइस का उपयोग कर सकता है। यदि अस्पताल तक पहुंचने के लिए त्वरित विश्लेषण और कार्रवाई की जाती है, तो उपचार रोगियों को उनकी जान बचाने के लिए अधिक प्रभावी ढंग से मदद कर सकता है।

डॉ लोकेंद्र गुप्ता एसोसिएट डायरेक्टर, इमरजेंसी ने बताया कि इसके लक्षणों में मरीज को बोलने और समझने में बहुत कठिनाई होती है, वह अचानक से किसी वाक्य को बोलने में सक्षम नहीं हो पाता है, सीटी स्कैन (CT scan) और एमआरआई (MRI) जैसे परीक्षणों के साथ मस्तिष्क की नैदानिक परीक्षा के बाद, डॉक्टर उपचार का सर्वोत्तम तरीका निर्धारित कर सकता है। यदि रोगी को गोल्डन ऑवर के दौरान लाया जाता है, तो चिकित्सक मस्तिष्क का सफलतापूर्वक उपचार कर सकता है। इस समस्या से बचने के लिए जीवनशैली में सुधार करना चाहिए, पोषणयुक्त आहार को अपने जीवन में शामिल करना चाहिए, सैचुरेटेड फैट, नमक, ट्रांसफैट और हाईकोलेस्ट्रॉल वाली चीजों से बचना चाहिए। फल और सब्जियां भरपूर मात्रा में खानी चाहिए। इसके अलावा व्यायाम (exercise) और योगाभ्यास (yoga) को भी अपने जीवनशैली में सम्मिलित करना बहुत आवश्यक है और साथ ही शराब का सेवन व तंबाकू इत्यादि के सेवन से दूर रहें, तनाव मुक्त जीवन जीएं और स्वस्थ रहें।

डॉ रोहित अग्रवाल एसोसिएट डायरेक्टर- इंटरनेशनल रेडियोलॉजी ने बताया कि जब शरीर की नसों में खून एकत्रित हो जाता है और इस कारण सिर में खून का प्रवाह किसी एक या कुछ नसों में रुक जाता है। इसके चलते ऑक्सीजन तत्व भी नहीं पहुंच पाते और सिर के अंदर की कोशिकाएं तुरंत मर जाती हैं। कई बार इसका दूसरा कारण सिर में ब्लीडिंग भी हो सकता है। यदि रोगी को गोल्डन ऑवर के दौरान अस्पताल लाया जाता है, तो चिकित्सक मस्तिष्क का सफलतापूर्वक उपचार कर सकते है। स्ट्रोक शुरू होने के 4, 5 घंटे बाद तक को गोल्डन ऑवर कहा जाता है। इस समस्या से बचने के लिए आपको अपनी जीवनशैली में सुधार करना चाहिए, पोषण युक्त आहार को अपने जीवन में शामिल करना चाहिए, सैचुरेटेड फैट, नमक, ट्रांस फैट और हाई कोलेस्ट्रॉल वाली चीजों से बचना चाहिए, फल और सब्जियां भरपूर मात्रा में खानी चाहिए।

मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ स्ट्रोक के लिए एक तैयार अस्पताल है। यहां स्ट्रोक के मरीजों का इलाज विश्वस्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है। मेदांता हास्पिटल, लखनऊ में मरीजों की अत्याधुनिक देखभाल के साथ उन्हें हर प्रकार की स्वस्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जिससे मरीज को एक बेहतर जीवन प्राप्त होता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

भारतीय दवा निर्माता कंपनी Alembic को inj.Treprostinil के लिए USFDA से मिली मंजूरी। 

भारतीय दवा निर्माता कंपनी Alembic को inj.Treprostinil के लिए USFDA से मिली मंजूरी। 

हे.जा.स. February 13 2021 29600

इंजेक्शन का प्रयोग pulmonary arterial hypertension के मरीज़ में किया जाता है। इस इंजेक्शन को PAH में

ओमिक्रोन के मामले तेजी से बढ़े, 2,432 पहुंचा संक्रमण का मामला, पहली मौत की पुष्टि    

ओमिक्रोन के मामले तेजी से बढ़े, 2,432 पहुंचा संक्रमण का मामला, पहली मौत की पुष्टि    

हे.जा.स. January 06 2022 34326

केंद्र सरकार ने बुधवार को देश में कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट से जुड़ी पहली मौत की पुष्टि की। राजस्था

शंघाई में कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद लगा लाकडाउन

शंघाई में कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद लगा लाकडाउन

हे.जा.स. March 28 2022 31534

चीन के फाइनेंशियल हब कहे जाने वाले शहर शंघाई में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने के बाद लाकडाउन लगा दि

विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम पर चलेगी यूपी डिप्लोमा फार्मेसी एसोसिएशन

विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम पर चलेगी यूपी डिप्लोमा फार्मेसी एसोसिएशन

रंजीव ठाकुर September 27 2022 28765

बलरामपुर चिकित्सालय स्थित संयुक्त राज्य कर्मचारी संघ कार्यालय में डिप्लोमा फार्मेसी एसोसिएशन उत्तर

Artificial sweeteners and risk of cardiovascular diseases: results from the prospective NutriNet-Santé cohort

Artificial sweeteners and risk of cardiovascular diseases: results from the prospective NutriNet-Santé cohort

British Medical Journal February 25 2023 41137

The findings from this large scale prospective cohort study suggest a potential direct association b

गुणों से भरपूर है लहसुन।

गुणों से भरपूर है लहसुन।

लेख विभाग July 08 2021 47734

लहसुन कल्क का प्रयोग अनेक व्याधियों की चिकित्सा में किया गया है। लहसुन में अम्ल रस को छोड़कर शेष पाँ

भविष्य में गंभीर लहर की संभावना नहीं है, सरकार मास्क की अनिवार्यता से छूट दे सकती है: डॉ. संजय राय

भविष्य में गंभीर लहर की संभावना नहीं है, सरकार मास्क की अनिवार्यता से छूट दे सकती है: डॉ. संजय राय

एस. के. राणा March 21 2022 29584

देश में रोजाना मिल रहे संक्रमण व मृतकों की संख्या अब बेहद कम हैं। इसी लिए मास्क लगाने से कुछ छूट दी

कानपुर: हैलट अस्पताल के बालरोग विभाग का हाईकोर्ट के निर्देश निरीक्षण 

कानपुर: हैलट अस्पताल के बालरोग विभाग का हाईकोर्ट के निर्देश निरीक्षण 

हे.जा.स. November 03 2025 4067

अस्पताल के जिम्मेदारों ने बताया कि जिस समय की फोटो लगाई गईं। उस वक्त रिंकू सिंह ही सिस्टर इंचार्ज थी

कई बीमारियों का इलाज है जटामांसी

कई बीमारियों का इलाज है जटामांसी

लेख विभाग August 02 2023 33084

जटामांसी एक औषधि है, जिसका इस्तेमाल आयुर्नेव में कई तरह की बीमारियों से दूर करने के लिए किया जाता है

अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर जानिए, नर्सेज को जमीनी स्तर क्या दिक्कतें आती हैं

रंजीव ठाकुर May 13 2022 30861

फ्लोरेंस नाइटिंगेल से दुनिया भर की नर्सेज प्रेरणा लेती है और आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होत

Login Panel