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दिल्ली। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) में उत्तर भारत का पहला स्किन बैंक बन कर तैयार हो गया है। सफदरगंज हॉस्पिटल में स्किन बैंक (skin bank) उद्घाटन किया गया। इसी के साथ ही अस्पताल में स्किन डोनेट का काम शुरु कर दिया है। जहां स्किन बैंक में डोनेट में हुए त्वचा का प्रयोग आग में जलें लोगों के ऊपर किया जाता है। साथ ही स्किन से जुड़े मामलें जैसे सीवियर बर्न इंजरी (severe burn injury) के मरीज चाहें एसिड़ बर्न वाले मरीज हो। इन सभी मरीजों की स्किन ग्राफ्टिंग करनें में मदद मिलेगी। बता दें कि नेशनल बर्न सेंटर 5 अक्टूबर, 2001 को मुंबई में शुरू किया गया था।
चिकित्सा अधीक्षक (Medical Superintendent) बीएल शेरवाल ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल बर्न डिपार्टमेंट (burn department) के लिए जाना जाता है, रोजाना बड़ी संख्या में लोगों को नई स्किन की आवश्यकता होती है। स्किन डोनेट किसी व्यक्ति की मौत हो जानें पर 6 घंटो के अंदर तक स्किन डोनेट किया जा सकता है। वहीं अब स्किन बैंक बन जाने से ये दिल्ली एनसीआर (Delhi NCR) के साथ उत्तर भारत के तमाम जरूरतमंद लोगों की मदद कर पाएगा।
स्किन डोनेशन क्या है?- What is skin donation?
डोनेशन (donation) के लिए स्किन पैरों, जांघ और पीठ से त्वचा (back skin) ली जा सकती है। हार्वेस्ट की जाने वाली स्किन 0.4-0.6mm मोटी होती है। एक डोनर से 2,000-2,500sqcm ली जा सकती है। पूरे देश में 17 स्किन बैंक हैं। जहां कुल 250-300 डोनेशन ही हो पाते हैं, लेकिन उत्तर भारत में पहली बार स्किन बैंक खुला है।







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