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इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) में सीनियर साइंटिस्ट डॉ प्रज्ञा यादव ने बताया, "करीब 30 म्युटेशन के साथ ओमिक्रॉन के उभार ने चिंता बढ़ा दी कि वैक्सीन इस पर असरहीन हो सकती है। इसके अलावा अन्य स्वीकृत टीकों के लिए वायरस के उभरते वैरिएंट्स के खिलाफ एंटीबॉडी प्रतिक्रियाओं के घटने की रिपोर्ट ने दुनिया भर में चिंता की लकीर खींच दी है।"
51 लोगों पर स्टडी से निकला निष्कर्ष

इस स्टडी में 51 लोगों ने भाग लिया, जिन्हें 6 महीने पहले ही कोवैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थी। इन्हें वैक्सीन की तीसरी डोज या बूस्टर शॉट लगाने के 28 दिन बाद असर का अध्ययन किया गया। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और कोवैक्सीन निर्माता भारत बायोटेक की ओर से जनवरी में यह अध्ययन किया गया, जिसका निष्कर्ष 24 मार्च को जर्नल ऑफ ट्रैवल मेडिसिन में प्रकाशित हुआ।







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