देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

6 इन 1 वैक्‍सीनेशन शिशुओं और माता-पिता के लिए बड़ा वरदान: डॉ संजय निरंजन

कंबीनेशन वैक्‍सीनेशन बच्‍चों के लिए बहुत फायदेमंद है। इससे बच्‍चों को बार-बार सुईं चुभोने की जरूरत नहीं होती और उन्‍हें सभी रोगों से सुरक्षा मिलती है। इसके साइड इफेक्‍ट्स भी अपेक्षाकृत कम होते हैं। यह पेरेंट्स के लिए वरदान है।

हुज़ैफ़ा अबरार
May 07 2022 Updated: May 07 2022 13:31
0 30201
6 इन 1 वैक्‍सीनेशन शिशुओं और माता-पिता के लिए बड़ा वरदान: डॉ संजय निरंजन प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। बच्चे असंख्य कीटाणुओं के संपर्क में आते हैं, जिनमें से कुछ गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली अभी भी विकसित हो रही होती है, ऐसे में वह, सभी घातक बीमारियों से नहीं लड़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सभी आयु समूहों में डिप्थीरिया, पर्टसिस (काली खांसी) और टेटनस जैसे संक्रमणों से होने वाली मौतों को रोकने के लिए टीकाकरण सबसे सफल सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों में से एक है। 6 इन 1 कॉम्बिनेशन वैक्‍सीनेशन (टीकाकरण) बच्चों को 6 गंभीर बीमारियों जैसे डिप्थीरिया (Diphtheria), पर्टुसिस (Pertussis), टेटनस (Tetanus), हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (Haemophilus Influenza Type B), हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B) और पोलियोमाइलाइटिस (Poliomyelitis) से बचाता है।

इस बारे में, डॉ संजय निरंजन, सीनियर कंसल्‍टेशन पीडियाट्रिशियन, लखनऊ और प्रेसीडेंट इलैक्‍ट उत्‍तर प्रदेश स्‍टेट ब्रांच, इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिशियल ने कहा, ''कंबीनेशन वैक्‍सीनेशन बच्‍चों के लिए बहुत फायदेमंद है क्‍योंकि इससे बच्‍चों को बार-बार सुईं चुभोने की जरूरत नहीं होती, और उन्‍हें उन सभी रोगों से सुरक्षा मिलती है। इसके साइड इफेक्‍ट्स भी अपेक्षाकृत कम होते हैं। यह पेरेंट्स के लिए वरदान है क्‍योंकि यह उन्‍हें अपने बच्‍चों को बार-बार क्‍लीनिक ले जाने की तकलीफ से बचाता है। पेरेंट्स को अब बच्‍चों के कंबीनेशन वैक्‍सीनेशन (combination vaccination) के फायदों के बारे में काफी जानकारी है।''

इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (Indian Academy of Pediatrics) के टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार, बच्चों को 6, 10 और 14 सप्ताह की उम्र में DTP-IPV-Hib-HepBके टीके लगवाने होते हैं। 6-इन-1 टीकाकरण इन 6 रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है। 6-इन-1 टीकाकरण का मतलब है कि बच्चे इनमें से प्रत्येक समय पर केवल 2 इंजेक्शन (यानी 6-इन-1 टीकाकरण और न्यूमोकोकल टीकाकरण) तथा 1 ओरल वैक्‍सीन (रोटावायरस टीकाकरण) लेते हैं। कॉम्बिनेशन शॉट नहीं लेने वाले बच्चों को और भी कई इंजेक्शन लेने पड़ते।

हाल के वर्षों में, भारत ने देश में टीकाकरण कवरेज बढ़ाने के अपने प्रयासों को तेज कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (National Family Health Survey) - एनएफएचएस -5 से उल्लेखनीय सुधार का पता चला है। भारत में पूर्ण टीकाकरण वाले 12 से 23 महीने के आयु वर्ग के बच्चों का प्रतिशत 62% (एनएफएचएस-4; 2015-16) से बढ़कर 76.4% (एनएफएचएस-5; 2019-21) हो गया है और उत्तरप्रदेशमें यह 51.1% to 69.6% हो गया है। हाल के एक अध्ययन से यह भी पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण कवरेज में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में सीमित सुधार हुआ है।

माता-पिता को टीकाकरण के लाभों और टीकों की उपलब्धता के बारे में जागरूक करने, पूर्ण टीकाकरण कवरेज को 90% और उससे अधिक बढ़ाने के लिए और अधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। कॉम्बिनेशन वैक्‍सीनेशन से बच्चों को कम इंजेक्‍शन लगाने पड़ते हैं लेकिन उन्हें उतनी ही सुरक्षा मिलती है जितनी अलग टीकों के साथ होती है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

शाम्भवी डायग्नोस्टिकसैंपल के लिए अब करेगा इलेक्ट्रिक बाइक का इस्तेमाल

admin July 08 2022 50689

शाम्भवी डायग्नोस्टिक सेंटर के डायरेक्टर सर्वेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि शहर का बढ़ता प्रदूषण लोगों

विश्व स्तनपान सप्ताह: महिलाओं में स्तनपान के प्रति जागरूकता पैदा करने का अभियान

विश्व स्तनपान सप्ताह: महिलाओं में स्तनपान के प्रति जागरूकता पैदा करने का अभियान

लेख विभाग August 02 2022 48327

स्तनपान बच्चे के विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने का ये सबसे अच्छा माध्यम है। ये

आयुर्वेद-एलोपैथ एक-दूसरे के पूरक बनेः डा. वाजपेयी

आयुर्वेद-एलोपैथ एक-दूसरे के पूरक बनेः डा. वाजपेयी

आनंद सिंह April 15 2022 26233

आयुर्वेद के अपने फायदे-नुकसान हैं। जिस इंटीग्रेटेड कोर्स पर हम लोग काम कर रहे हैं, वह लोगों की भलाई

12 से 17 आयु के बच्चों के लिए कोरोनारोधी टीके कोवोवैक्स को मंजूरी मिली

12 से 17 आयु के बच्चों के लिए कोरोनारोधी टीके कोवोवैक्स को मंजूरी मिली

एस. के. राणा March 05 2022 25830

देश में कोरोना टीकाकरण लगातार नया मुकाम हासिल कर रहा है। इस बीच बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर एक अहम

दिल्ली एम्स में मास्क अनिवार्य, 5 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर रोक

दिल्ली एम्स में मास्क अनिवार्य, 5 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर रोक

विशेष संवाददाता December 23 2022 28070

दुनियाभर में कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली एम्स ने एडवाइजरी जारी की है।अब परिसर में मास्

डा. सूर्यकान्त आईएमए के नेशनल अवार्ड से सम्मानित

डा. सूर्यकान्त आईएमए के नेशनल अवार्ड से सम्मानित

हुज़ैफ़ा अबरार January 19 2022 38815

डा. सूर्यकान्त आईएमए, लखनऊ के अध्यक्ष एवं उप्र आईएमए एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेशलिटीज के चेयरमैन रह चुके

यूके के शोधकर्ताओं ने बनाया थ्रीडी फोटो के जरिये आंखों की बीमारी की पहचान करने वाला उपकरण 

यूके के शोधकर्ताओं ने बनाया थ्रीडी फोटो के जरिये आंखों की बीमारी की पहचान करने वाला उपकरण 

हे.जा.स. July 21 2022 38927

किसी विशेषज्ञ के बगैर रोगी को आसान और सस्ते में फोटो के जरिये बीमारी का पता लगा सकते हैं। हमारा उपकर

कान पर भी दिख जाता है हार्ट अटैक का लक्षण

कान पर भी दिख जाता है हार्ट अटैक का लक्षण

श्वेता सिंह September 18 2022 31470

अमेरिका के CDC के अनुसार, आमतौर पर दिल का दौरा पड़ते वक्त सीने के केंद्र या बाईं ओर बेचैनी या दर्द,

वीएलसीसी ने लखनऊ में लॉन्‍च किया नया वैलनेस सेंटर

वीएलसीसी ने लखनऊ में लॉन्‍च किया नया वैलनेस सेंटर

हुज़ैफ़ा अबरार March 06 2022 26612

वीएलसीसी ने अपने मेहमानों की मौजूदगी में सोपराना हेयर रिडक्‍शन, हाइड्रा फेशियल, लिपो लेज़र, वेला – श

कोविड-19: बच्चों में संक्रमण से कई अंगों पर असर के मामले, उपचार के लिये नए दिशानिर्देश जारी

कोविड-19: बच्चों में संक्रमण से कई अंगों पर असर के मामले, उपचार के लिये नए दिशानिर्देश जारी

हे.जा.स. November 24 2021 25098

कोविड-19 संक्रमण के कारण, जिन बच्चों के कई अंग एक साथ प्रभावित होते हैं और उनमें सूजन व जलन होती है

Login Panel