











































प्रतीकात्मक चित्र
नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम पर प्रतिबंध के तीन साल बाद ईटी कंज्यूमर फ्रीडम कॉन्क्लेव के पांचवें संस्करण में इंटरैक्टिव विचार नेतृत्व मंच की आवश्यकता पर चर्चा और बहस हुयी। शिखर सम्मेलन में चर्चा का विषय जीवन बचाने के लिए धूम्रपान बंद करने के दृष्टिकोण को अपनाना रहा; जिस पर नियामक आवाजों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों, वैज्ञानिक और चिकित्सा विशेषज्ञों, कानूनी थिंक टैंक और एनजीओ ने भागीदारी की और उपभोक्ता पर अपने दृष्टिकोण को सम्मेलन में साझा किया।
धूम्रपान (smoking) करने वालों को अपने स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने या खत्म करने में सहायता के लिए वैकल्पिक नुकसान कम करने वाले उत्पादों को वैध बनाने की आवश्यकता पर सबने बल दिया। राज्यसभा के पूर्व सदस्य प्रो. एमवी राजीव गौड़ा (MV Rajeev Gowda) ने कहा भारत इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन (nicotine) डिलीवरी सिस्टम की व्यापक श्रेणी पर प्रतिबंध के साथ नुकसान को कम करने के सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसर को याद कर रहा है। इस तरह के प्रतिबंध अवैध (illegal) व्यापार के तरीकों में वृद्धि कर काला बाजार को प्रोत्साहित कर रहे हैं। भारत अन्य देशों से सीख ले सकता है जो विज्ञान-समर्थित नीतियों को अपनाकर धूम्रपान (smoking) बंद करने की श्रेणी बनाने की यात्रा में मजबूत कदम उठा रहे हैं।

देशों को अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने में प्रगतिशील नीतियों की भूमिका पर चर्चा (discussion) में हडडी रोग सर्जन (Orthopedic) और एएचआरईआर एसो. फॉर हार्म रिडक्शन एजुकेशन एंड रिसर्च के सदस्य डॉ किरण मेलकोटे ने कहा कि धूम्रपान करने वालों को छोडऩे के लिए 30 प्रयास करने पड़ते हैं। आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची एनएलईएम में निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (Therapy) एनआरटी को शामिल करना सही दिशा में एक कदम है, हमें ऐसी नीतियों पर काम करने की जरूरत है।
कम हानिकारक विकल्पों पर स्विच करने के लाभों पर हम सांसदों और आबादी दोनों को बेहतर तरीके से कैसे संवेदनशील बना सकते हैं, इस पर मनोचिकित्सा में वरिष्ठ सलाहकार प्रो. डॉ निमेश जी देसाई और पूर्व निदेशक आईएचबीएएस ने कहा गत 40 में वर्षों से सरकार (government) द्वारा तंबाकू (tobacco) नियंत्रण और नुकसान में कमी के लिए प्रगतिशील नीतियां और कार्यक्रम हैं। इसके अलावा जेएसए एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर के पार्टनर उपेंद्र एन शर्मा ने कहा भारत को विनियमन पर संवाद को मजबूत करने और नीतियों को अपनाने की जरूरत है जो बड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों और उददेश्यों को प्राप्त करने में मदद करेगी। आज प्रतिबंधित उत्पाद ग्रे मार्केट में उपलब्ध हैं, जिसके परिणामस्वरूप राजकोष को राजस्व की हानि होती है।
शिखर सम्मेलन (Summit) में उपभोक्ताओं की कहानियों को साझा किया गया और लोगों ने धूम्रपान (smoking) के बारे में अपने अनुभव और छोडऩे की इच्छा साझा की। सभी ने एकमत होकर कहा कि बाजार में सुरक्षित विकल्प उपलब्ध होना बेहतर होगा जो उन्हें नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है और अंतत: धूम्रपान को पूरी तरह से छोड़ सकता है।







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