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अपोलोमेडिक्स ने कैंसर को हारने वाले मरीज़ों को किया सम्मानित।

कैंसर जैसी जटिल बीमारी से लड़ने के लिए एक अच्छे डॉक्टर के साथ-साथ एक अच्छी तरह से प्रशिक्षित टीम, परिष्कृत उपकरण और उन्नत नैदानिक सेवाओं की आवश्यकता होती है।

हुज़ैफ़ा अबरार
February 05 2021 Updated: February 05 2021 01:40
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अपोलोमेडिक्स ने कैंसर को हारने वाले मरीज़ों को किया सम्मानित। लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया को सम्मानित करतीं अपोलोमेडिक्स की डॉक्टर।

लखनऊ। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने कैंसर और कोविड के खिलाफ लड़ाई में संयुक्त रूप से सामना करने का संकल्प लिया। इस अभियान का उद्देश्य कैंसर सरवाइवर्स को सम्मानित करना था, जिसके अंतर्गत अपोलोमेडिक्स अस्पताल परिसर में एक दीवार उनके सम्मान में तैयार की गई, जिसपर उनके हाथों की छाप को हमेशा के लिए सहेज कर रखा जायेगा।

लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सत्कार समारोह में इस नेक अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा, “साल 2020 सभी के लिए बहुत कठिन रहा है, खासकर कैंसर जैसी बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए। कैंसर जैसी जटिल बीमारी से लड़ने के लिए एक अच्छे डॉक्टर के साथ-साथ एक अच्छी तरह से प्रशिक्षित टीम, परिष्कृत उपकरण और उन्नत नैदानिक सेवाओं की आवश्यकता होती है। अपोलोमेडिक्स लखनऊ द्वारा की गई यह पहल कैंसर रोगियों को इस बीमारी से लड़ने के प्रति प्रेरित करती हैं।”

अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर चिकित्सक, डॉ हर्षवर्धन आत्रेय ने कहा, “कैंसर प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर बनाता है, जिससे आपको संक्रमण से लड़ने में मुश्किल होती है, जिसमें कोरोनो वायरस संक्रमण भी शामिल है। यदि आप संक्रमित हो जाते हैं तो इससे आपको इलाज के दौरान और अधिक परेशानियां होने की अधिक संभावना होती है। अपोलोमेडिक्स में कैंसर रोगियों ने अपनी सकारात्मक इच्छाशक्ति और उपचार द्वारा एक सच्चे नायक के रूप में सामने आए हैं। कोविड गया नहीं है लेकिन टीकाकरण की शुरुआत के साथ लोगों में आशा की किरण जागी है जो इस खतरनाक वायरस के खिलाफ हमारी लड़ाई को और सक्षम करेगा।“

अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉ. कमलेश वर्मा ने अपने विचार साझा किए और कहा, “अन्य बीमारियों  की तुलना में कैंसर लोगों की मृत्यु का प्रमुख कारण है। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम, भारत द्वारा उद्धृत एक रिपोर्ट के अनुसारय वर्ष 2020 में भारत में पुरुषों में कैंसर के रोगियों की अनुमानित संख्या 679,421 (94.1 प्रति 100,000) और महिलाओं में 712,758 (103.6 प्रति 100,000) थी। 9 में से 1 भारतीय 0-74 वर्ष की आयु के दौरान अपने जीवनकाल में कैंसर जैसी बीमारी का सामना करते हैं। 2020 में  पुरुषो  में 5 सबसे आम कैंसर - फेफड़े, मुंह, प्रोस्टेट, जीभ और पेट वहीं महिलाओं  में स्तन, गर्भाशय, अंडाशय, कॉर्पस गर्भाशय और फेफड़े आदि के मामले पाए गए हैं।“

अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रबंध निदेशक और सीईओ, डॉ मयंक सोमानी ने कहा कि विश्व कैंसर दिवस 2021 का विषय "I can and I will" है जो दर्शाता है कि सभी का इस लड़ाई में योगदान महत्वपूर्ण  है। नियमित व्यायाम के साथ-साथ उचित आहार और आवश्यक टीकाकरण (जैसे एचपीवी सर्विकल कैंसर से बचाव में साहयता प्रदान करता हैं, वही हेपेटाइटिस बी का टीकाकरण लिवर कैंसर के साथ- साथ पुराने लिवर रोगों को भी रोकता है)। हमें स्वस्थ जीवन शैली का नेतृत्व करने की प्रतिज्ञा करनी चाहिए। इससे कैंसर होने के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी जिससे बीमारी का बोझ कम होगा।”

अपोलो लखनऊ कैंसर टीम से डॉ नरेश, डॉ साकेत, डॉ सुहैब भी इस पहल के उद्धघाटन समारोह में शामिल रहें। डॉ अजय कुमार (निदेशक चिकित्सा सेवा), डॉ नीलम विनय, डॉ निखिल पुरी, डॉ वलीउल्लाह सिद्दीकी, और डॉ आशीष मिश्रा भी अन्य डॉक्टर्स के साथ-साथ इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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