देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

कमजोर इम्युनिटी वाले हो रहे ब्लैक फंगस संक्रमण का शिकार।

अगर समय पर ब्लैक फंगस इलाज नहीं किया गया तो ये खतरनाक रूप ले लेती है और मरीज की जान भी जा सकती है।

लेख विभाग
May 20 2021 Updated: May 20 2021 01:08
0 37215
कमजोर इम्युनिटी वाले हो रहे ब्लैक फंगस संक्रमण का शिकार। प्रतीकात्मक

कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच कई लोग म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस ) नाम के फंगल इन्फेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। यह दुर्लभ फंगल इन्फेक्शन है जो किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर होता है। कोविड-19 और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह इन्फेक्शन और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इस संक्रमण को `ब्लैक फंगस’ के नाम से भी जाना जाता है| आमतौर पर यह इंफेक्शन नाक से शुरू होता है। जो धीरे-धीरे आंखो तक फैलता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी के मुताबिक हल्के लक्षण दिखने पर जल्दी से डॉक्टर से संपर्क करें। कोविड के रोगियों में अगर बार-बार नाक बंद होती हो या नाक से पानी निकलता रहे, गालों पर काले या लाल चकत्ते दिखने लगें, चेहरे के एक तरफ सूजन हो या सुन्न पड़ जाए, दांतों और जबड़े में दर्द, कम दिखाई दे या सांस लेने में तकलीफ हो तो यह ब्लैक फंगस हो सकता है।

आंख, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ रहबर अंसारी ने बताया कि आम हालात में डायबिटिक मरीजों में ब्लैक फंगस के मामले मिलते रहते हैं लेकिन अगर किसी का शुगर लेवल कंट्रोल में नहीं है और उसे कोरोना हो जाए तो ख़तरा ज़्यादा है। ऐसे केस में इलाज के लिए ज़्यादातर स्टेरॉइड्स का प्रयोग होता है। इनका इस्तेमाल नियंत्रित होना चाहिए।

कोविड-19 के लिए आईएमए की हेल्पलाइन के पैनलिस्ट डॉ रहबर ने बताया कि इस बीमारी का अगर समय पर इलाज नहीं किया गया तो ये खतरनाक रूप ले लेती है और मरीज की जान भी जा सकती है। इसलिए लक्षण आते ही मरीज को विशेषज्ञ डाक्टर से सलाह लेना चाहिए।  

क्या है म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस)?
इंडियन काउन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार म्यूकोरमाइकोसिस फंगल इंफेक्शन है, जो शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। म्यूकोरमाइकोसिस इंफेक्शन नाक, आँख, दिमाग, फेफड़े या फिर स्किन पर भी हो सकता है। इस बीमारी में कई लोगों की आंखों की रोशनी तक चली जाती है, वहीं कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है। 

कोरोना के मरीजों को ज्यादा खतरा
ब्लैक फंगस आमतौर पर उन लोगों को तेजी से अपना शिकार बनाता है जिन लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है। कोरोना के दौरान या फिर ठीक हो चुके मरीजों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है, इसलिए वह आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। खासतौर से कोरोना के जिन मरीजों को डायबिटीज है। शुगर लेवल बढ़ जाने पर उनमें म्यूकोरमाइकोसिस खतरनाक रूप ले सकता है।  कैंसर, एचआईवी/एड्स, वायरल रोग से पीड़ित मरीज़, बोन मैरो के रोगी तथा गंभीर रूप से जले मरीज़ भी ब्लैक फंगस का शिकार जल्दी होतें हैं।     

यह संक्रमण सांस द्वारा नाक के जरिये व्यक्ति के अंदर चला जाता है, जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उनको यह जकड़ लेता है|  

लक्षण 
• नाक में दर्द हो, खून आए या नाक बंद हो जाए 
• नाक में सूजन आ जाए
• दांत या जबड़े में दर्द हो या गिरने लगें
• आंखों के सामने धुंधलापन आए या दर्द हो, बुखार हो 
• सीने में दर्द
• बुखार
• सिर दर्द 
• खांसी 
• सांस लेने में दिक्कत 
• खून की उल्टियाँ होना 
• कभी-कभी दिमाग पर भी असर होता है  

किन रोगियों में ज्यादा पाया गया है
• जिनका शुगर लेवल हमेशा ज्यादा रहता है 
• जिन रोगियों ने कोविड के दौरान ज्यादा स्टेरॉइड लिया हो 
• काफी देर आईसीयू में रहे रोगी  
• ट्रांसप्लांट या कैंसर के रोगी 

कैसे बचें
• किसी निर्माणाधीन इलाके में जाने पर मास्क पहनें
• बगीचे में जाएं तो फुल आस्तीन शर्ट, पैंट व ग्लब्स पहनें 
• ब्लड ग्लूकोज स्तर को जांचते रहें और इसे नियंत्रित रखें

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

उज्बेकिस्तान में कफ सीरप पीने से हुई बच्चों की मौतों के सिलसिले में दवा कंपनी के तीन अधिकारी गिरफ्तार 

उज्बेकिस्तान में कफ सीरप पीने से हुई बच्चों की मौतों के सिलसिले में दवा कंपनी के तीन अधिकारी गिरफ्तार 

विशेष संवाददाता March 04 2023 35339

मैरियन बायोटेक जिसका सेक्टर 67 में कार्यालय है, पिछले साल दिसंबर में अपनी खांसी की दवाई डॉक -1 के लि

कानपुर में ‘कोल्ड अटैक’, 25 मरीजों की मौत

कानपुर में ‘कोल्ड अटैक’, 25 मरीजों की मौत

विशेष संवाददाता January 07 2023 26708

गुरुवार को हार्ट अटैक से पीड़ित 41 लोग कार्डियोलॉजी में भर्ती कराए गए। वर्तमान में ह्रदय रोग संस्थान

राजधानी में पहली बार बच्चों को मिलेंगी विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं

राजधानी में पहली बार बच्चों को मिलेंगी विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं

रंजीव ठाकुर April 29 2022 50314

राजधानी के मेदांता अस्पताल में आज से नियोनेटल विभाग ने काम करना शुरू कर दिया है। इसमें बच्चों को विश

विश्व में कोरोना से 41.15 करोड़ लोग संक्रमित, 58.1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत

विश्व में कोरोना से 41.15 करोड़ लोग संक्रमित, 58.1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत

हे.जा.स. February 14 2022 68074

कोविड-19 के घातक वायरस की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 41.15 करोड़ से ज्यादा हो गई है। वह

डॉ एन प्रताप कुमार ने भारत में पहली बार लाइव जीरो कंट्रास्ट एंजियोप्लास्टी की

डॉ एन प्रताप कुमार ने भारत में पहली बार लाइव जीरो कंट्रास्ट एंजियोप्लास्टी की

हुज़ैफ़ा अबरार June 24 2022 41221

डॉ प्रताप कुमार एन ने देश भर के विभिन्न मेडिट्रिना अस्पतालों में 40 से अधिक जीरो कंट्रास्ट एंजियोप्ल

OKCredit ने कोविड की देखभाल के लिए बनाया वेबसाइट। 

OKCredit ने कोविड की देखभाल के लिए बनाया वेबसाइट। 

हे.जा.स. May 13 2021 25001

ये स्टोर और कारोबारी कोविड-19 मरीजों के लिए फेबिफ्लूटेबलेट, ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन बेड, नॉर्मल बेड, स्टी

रायपुर एम्स डायरेक्टर डॉक्टर नितिन नागरकर का इस्तीफा

रायपुर एम्स डायरेक्टर डॉक्टर नितिन नागरकर का इस्तीफा

विशेष संवाददाता January 11 2023 30798

इस्तीफे पर डॉ. नागरकर का कहना है कि घर में कोई डॉक्टर नहीं है। पिताजी, चाचा, भाई समेत परिवार में सभी

महिलाओं से सम्बंधित बीमारियों का होमयोपैथिक इलाज है कारगर।

महिलाओं से सम्बंधित बीमारियों का होमयोपैथिक इलाज है कारगर।

लेख विभाग February 03 2021 48532

लगभग एक तिहाई भारत थायराइड विकार से पीड़ित है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉयड विकार विकसित

केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाया बड़ा कदम 

केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाया बड़ा कदम 

एस. के. राणा July 29 2022 29946

एक दिसंबर 2023 को या उसके बाद निर्मित या आयातित अथवा पैक किए गए तंबाकू उत्पादों पर स्वास्थ्य चेतावनी

एम्स की स्टडी में चौकाने वाला खुलासा, खून पतला करने की दवा है प्रेगनेंट महिलाओं के लिए घातक

एम्स की स्टडी में चौकाने वाला खुलासा, खून पतला करने की दवा है प्रेगनेंट महिलाओं के लिए घातक

आरती तिवारी August 18 2022 38004

खून पतला करने की दवा ले रहीं करीब एक चौथाई प्रेगनेंट महिलाओं की हालत गंभीर हो रही हैं। इन्हें डिलीवर

Login Panel