देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को जामनगर में जीसीटीएम का करेंगे भूमि पूजन

भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में स्वास्थ्य के प्रति सम्रग दृष्टिकोण अपनाया गया जो आज अधिक प्रासंगिक हो गया है। इसी कड़ी में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर स्वरुप लेने जा रहा है।

विशेष संवाददाता
April 14 2022 Updated: April 14 2022 23:14
0 24951
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को जामनगर में जीसीटीएम का करेंगे भूमि पूजन प्रतीकात्मक

नयी दिल्ली। भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में स्वास्थ्य के प्रति सम्रग दृष्टिकोण अपनाया गया जो आज अधिक प्रासंगिक हो गया है। इसी कड़ी में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर (WHO Global center for Traditional Madicine Center) स्वरुप लेने जा रहा है। 25 मार्च को आयुष मंत्रालय और डब्ल्यूएचओ के बीच जीसीटीएम के निर्माण को लेकर एमओयू साइन किया गया था। जीसीटीएम का भूमि पूजन 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के जामनगर में करेंगे।

मोदी सरकार में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को लगे पंख
भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति पूरे विश्व में पहले से ही मशहूर थी, लेकिन इसको बल कोरोना महामारी की रोकथाम की कोशिश के दौरान मिला। कोरोना महामारी के दौरान पूरे विश्व का विश्वास इस पर और भी मजबूत हो गया। आज पूरी दुनिया भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की कायल है। यही वजह है कि देश में गुजरात के जामनगर में विश्व का पहला एक मात्र डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर अपना स्वरूप लेने लगा है। विश्व में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के विस्तार, प्रचार और प्रसार में मोदी सरकार का अहम रोल है। वर्ष 2014 में आयुष मंत्रालय की स्थापना के साथ ही जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष की भूमिका का विस्तार होने लगा था। इसके बाद अब पूरी दुनिया में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की स्वीकार्यता बढ़ रही है। 
 
विश्व की 80 फीसदी जनसंख्या पारंपरिक चिकित्सा का करती है इस्तेमाल
गुजरात के जामनगर में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर की स्थापना से पूरे विश्व को लाभ मिलेगा। इस सेंटर में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ विश्व की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के शोध, विकास, प्रचार-प्रसार पर बड़े पैमाने पर काम होगा। डब्ल्यूएचओ (WHO) की रिपोर्ट की मानें तो विश्व की लगभग 80 फीसदी जनसंख्या पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का उपयोग करती है। ऐसे में यह सेंटर संपूर्ण मानव जाति के कल्याण में अपनी अहम भूमिका निभाएगा। मालूम हो कि डब्ल्यूएचओ के करीब 170 सदस्य विभिन्न देशों की अपनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साक्ष्य, डेटा, मानकों और नियामक ढांचे पर प्राथमिकता से काम कर रहे हैं। 

फॉर्मास्युटिकल उत्पादों में पारंपरिक उत्पादों की हिस्सेदारी 40 फीसदी 
डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सभी स्वीकृत फॉर्मास्युटिकल (pharmaceutical) उत्पादों में पारंपरिक उत्पादों की हिस्सेदारी लगभग 40 फीसदी है, जिसमें हर्बल दवाओं, सौंदर्य उत्पाद का उद्योग विश्व में एक लाख करोड़ का है। डब्ल्यूएचओ ने कोरोना महामारी को लेकर अब तक 2600 से अधिक लेख प्रसारित किए हैं, जिसमें संक्रमण की प्रकृति, उसके स्वरुप, विस्तार का उल्लेख किया गया है। साथ ही पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के जरिये इसे मात देने में उनका क्या योगदान रहा, यह भी शामिल है। सेंटर में इन सभी तथ्यों पर शोध होगा। 

जीसीटीएम (GCTM) का वर्ष 2023 तक का लक्ष्य निर्धारित
जीसीटीएम का उद्धेश्य डब्ल्यूएचओ के मिशन में सहयोग करना, पारंपरिक चिकित्सा रणनीति को तैयार करने समेत इन लक्ष्यों का विकास और वैश्विक मूल्य प्रदान करना है। केंद्र की ओर से पारंपरिक चिकित्सा को उसका वास्तविक स्थान दिलाने और इसका लाभ और अधिक लोगों तक पहुंचाने पर कार्य किया जाएगा ताकि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक व्यापक स्थान प्राप्त कर सके। पारंपरिक चिकित्सा को लंबे समय से स्थापित सांस्कृतिक अभ्यास माना जाता है जबकि यह आधुनिक विज्ञान की सीमाओं का भी विस्तार कर रही है। उदाहरण के तौर पर फॉर्माकोकाइनेटिक गुणों के लिए हजारों यौगिकों की जांच के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करने के साथ कार्यात्मक चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एफएमआरआई) का उपयोग मस्तिष्क गतिविधि और विश्राम प्रतिक्रिया के अध्ययन के लिए किया जाता है जो कुछ पारंपरिक चिकित्सा उपचारों का हिस्सा है। अभी तक सभी स्वास्थ्य प्रणालियों और रणनीतियों का एक जगह समावेश नहीं है, जैसे पारंपरिक चिकित्सा कर्मियों का डाटा, स्वास्थ्य सुविधाओं, योजनाओं का डाटा बेस इसे एक जगह लाने के लिए भी जीसीटीएम अहम भूमिका निभाएगा। डब्ल्यूएचओ ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के लिए वर्ष 2023 तक के लक्ष्य को भी निर्धारित कर लिया है। इसके तहत संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणलियों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के संभावित योगदान के दोहन पर काम किया जाएगा। साथ ही पारंपरिक चिकित्सा उत्पादों, शोध, सभी को एक जगह लाने, विनियमित करने पर जोर दिया जाएगा। 

नवाचार और प्रौद्योगिकी पर रहेगा जोर 
डब्ल्यूएचओ जीसीटीएम का जोर स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को उत्प्रेरित करने पर होगा। केंद्र पारंपरिक चिकित्सा को लेकर विशेषज्ञों की राय को परिभाषित करने के साथ उसके साक्ष्य उपलब्ध कराएगा। डब्ल्यूएचओ जीसीटीएम का नेतृत्व तो करेगा ही साथ में पांरपरिक चिकित्सा पद्धति का डाटा और उसका विश्लेषण, उसकी इक्किवटी, स्थिरता पर काम करेगा। इसके नवाचार और प्रौद्योगिकी (innovation and technology) पर जोर दिया जाएगा।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

जल्द ही आने वाली है कोरोना की नेक्स्ट जेनरेशन वैक्सीन

जल्द ही आने वाली है कोरोना की नेक्स्ट जेनरेशन वैक्सीन

विशेष संवाददाता September 03 2022 30868

देश में कोरोना का कहर जारी है। हालांकि मामलों में लगातार कमी देखने को मिल रही है, लेकिन मामले अभी भी

ड्रोन टेक्नोलॉजी का सफल ट्रायल, उत्तरकाशी भेजी गई वैक्सीन की 400 डोज

ड्रोन टेक्नोलॉजी का सफल ट्रायल, उत्तरकाशी भेजी गई वैक्सीन की 400 डोज

विशेष संवाददाता January 12 2023 27531

स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार के कहा कि उत्तराखंड में दवा या वैक्सीन पहुंचाने के लिए सड़क मार

वर्ष 2020 के दौरान क़रीब डेढ़ लाख बच्चे एचआईवी संक्रमण के शिकार हुए 

वर्ष 2020 के दौरान क़रीब डेढ़ लाख बच्चे एचआईवी संक्रमण के शिकार हुए 

हे.जा.स. February 02 2022 23943

एचआईवी संक्रमण का फ़िलहाल कोई उपचार उपलब्ध नहीं है मगर कारगर एचआईवी रोकथाम उपायों, निदान, उपचार व दे

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश,कहा- सांस व दिल के मरीजों के उपचार का पुख्ता इंतजाम करें

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश,कहा- सांस व दिल के मरीजों के उपचार का पुख्ता इंतजाम करें

आरती तिवारी December 07 2022 29843

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निर्देश दिया कि सांस के मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत अधिक पड़ती है। ऐसे में

अब शिमला में स्क्रब टाइफस का कहर। 

अब शिमला में स्क्रब टाइफस का कहर। 

हे.जा.स. July 27 2021 34941

स्क्रब टायफस के ज्यादातर मरीज पहाड़ी इलाकों में ही पाए जाते हैं। यह एक जीवाणुजनित संक्रमण है, जिससे

लखीमपुर: घायल बच्चे को देख रोने लगीं IAS रोशन जैकब

आरती तिवारी September 29 2022 31269

लखीमपुर पहुंची लखनऊ मंडल की कमिश्नर आईएएस डॉ. रोशन जैकब अचानक एक बच्चे की हालात देखकर फफक-फफक कर रोन

सौंफ खाने के बाद ही क्यों खाई जाती है?

सौंफ खाने के बाद ही क्यों खाई जाती है?

लेख विभाग September 02 2023 65715

सौंफ (वानस्पतिक नाम-फोनिकुलम) की तासीर ठंडी होती है। इसमें कैल्शियम,मैग्नीशियम फास्फोरस,विटामिन-ए,वि

चेतावनी! रूस में मिला नया बैट वायरस खोस्ता-2, इंसानों को कर सकता है संक्रमित

चेतावनी! रूस में मिला नया बैट वायरस खोस्ता-2, इंसानों को कर सकता है संक्रमित

हे.जा.स. September 25 2022 28520

कोरोना वायरस का कहर अभी खत्म नहीं हुआ है। वहीं इस बीच, रूस से खबर है कि यहां चमगादड़ों में कोरोना जै

परिवार सीमित रखने के लिए बास्केट ऑफ चॉइस की मदद लें: डा. अभिलाषा मिश्रा

परिवार सीमित रखने के लिए बास्केट ऑफ चॉइस की मदद लें: डा. अभिलाषा मिश्रा

हुज़ैफ़ा अबरार June 22 2022 37111

अब परिवार नियोजन के लिए नौ साधनों में बास्केट ऑफ़ च्वाइस को भी शामिल किया गया है।पुरुष और महिला नसबं

एम्स नागपुर का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

एम्स नागपुर का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

विशेष संवाददाता December 12 2022 35972

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का उद्घाटन

Login Panel