












































प्रतीकात्मक
लखनऊ। प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। शुक्रवार को प्रदेश में 17775 नए कोरोना के मरीज सामने आए हैं। कुल 19425 को स्वस्थ हो जाने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। जबकि कुल 281 मरीजों की मौत हुई है। वर्तमान में प्रदेश में 204658 एक्टिव मरीज बचे हैं। मरीजों के ठीक होने दर 86 प्रतिशत हो गई है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में 30 अप्रैल 2021 को 310783 एक्टिव मरीज थे। इसके मुकाबले वर्तमान में 204658 एक्टिव मरीज बचे हैं। इस तरह 30 अप्रैल से 13 मई तक 1.06 लाख एक्टिव मरीज कम हुए हैं। प्रदेश में अब तक 1359676 लोग कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। प्रदेश में अब मरीजों के ठीक होने की दर 86 प्रतिशत हो गई है। यह बृहस्पतिवार को 83 प्रतिशत थी। जबकि कोरोना जब पीक पर था जब मरीजों के ठीक होने की दर गिरकर 73 प्रतिशत हो गई थी। प्रदेश में वर्तमान में जो 204658 एक्टिव मरीज हैं, इनमें से 145801 होम आइसोलेशन में हैं। अन्य बचे हुए सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।
रोजाना 03 लाख तक बढ़ाई जाएगी जांच की संख्या
अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने बताया कि बीते 24 घंटे में प्रदेश में 253957 टेस्ट किए गए। इनमें से 1.09 लाख से अधिक आरटीपीसीआर से जांच की गई है। अब तक कुल 4.39 करोड़ से अधिक नमूनों की जांच की जा चुकी है। पिछले 12 दिन में टेस्ट में कोई कटौती नहीं हुई है। 01 मई को सबसे अधिक 2.66 लाख नमूनों की जांच की गई थी। अब इसे तीन लाख जांच प्रतिदिन किया जाना है।
अब तक 1.43 करोड़ का हुआ टीकाकरण
एसीएस सूचना नवनीत सहगल ने बताया कि प्रदेश में 18 से 44 आयु वर्ग के 265745 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। वर्तमान में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का 18 जिलों में टीकाकरण चल रहा है। जल्द ही इसका विस्तार अन्य जिलों में किया जाएगा। शुक्रवार को 18 से 44 आयु वर्ग के 48691 लोगों को टीके की पहली डोज दी गई है। उन्होंने बताया कि सभी आयु वर्ग के प्रदेश में 1.13 करोड़ से अधिक लोगों को अब तक वैक्सीन पहली डोज दी जा चुकी है। इनमें से 30.12 लाख से अधिक लोगों को दूसरी डोज भी लग चुकी है इस तरह अब तक कुल 1.43 करोड़ से अधिक डोज लगाई जा चुकी है।
सीएचसी पर ऑक्सीजन सुविधा वाले 20 बेड की व्यवस्था
एसीएस सूचना ने बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन बेड की बढ़ोतरी की जा रही है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों -सीएचसी पर 20-20 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए 15 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सीएचसी पर दिए जाएंगे। 17 हजार कंसंट्रेटर खरीदने के आदेश दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए क्वारंटीन सेंटर की व्यवस्था की गई है। कुल 193 जिला स्तर पर, 220 तहसील स्तर और 19 ब्लॉक स्तर और 254 ग्राम पंचायत स्तर पर क्वारंटीन सेंटर खोले गए हैं। यहां 25820 लोगों को क्वारंटीन करके उनकी जांच की गई है। इनमें से 49 लोगों को अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। गांव में निगरानी समितियों की जांच में अब तक 5262 लोग संक्रमित मिले हैं। अब तक कुल 181733 टेस्ट किए जा चुके हैं। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर गांव के हर घर को एक बार जरूरी संक्रमण के लक्षण वालों की जांच की जाए।







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