देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

पहले हजार दिन की सही देखभाल, जीवन बनाये खुशहाल : डॉ. पियाली 

एसजीपीजीआई की वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पियाली भट्टाचार्य का कहना है कि किसी भी बच्चे के पहले हजार दिन की सही देखभाल और पोषण ही उसके जीवन की मजबूत नींव का निर्माण करते हैं।

हुज़ैफ़ा अबरार
September 04 2021 Updated: September 04 2021 03:41
0 37460
पहले हजार दिन की सही देखभाल, जीवन बनाये खुशहाल : डॉ. पियाली  प्रतीकात्मक

लखनऊ। हर माँ व परिवार की यही चाहत होती है कि उनके आंगन में एक स्वस्थ बच्चे की किलकारी गूंजे। उनकी इस चाहत को साकार करने की चाबी उनके ही हाथों में है। इसके लिए जरूरी है कि बच्चे के शुरू के सुनहरे हजार दिन (गर्भ के 270 दिन और पहले दो साल के 730 दिन) को सही देखभाल व पोषण से इतनी मजबूती प्रदान कर दें कि वह उनके पूरे जीवन चक्र की शक्ति बनकर उनकी रक्षा कर सके। इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले गर्भवती के पोषण का खास ख्याल रखें ताकि वह एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सके।  

एसजीपीजीआई की वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पियाली भट्टाचार्य का कहना है कि किसी भी बच्चे के पहले हजार दिन की सही देखभाल और पोषण ही उसके जीवन की मजबूत नींव

का निर्माण करते हैं। इन दिनों में बच्चे का तेजी से शारीरिक व मानसिक विकास होता है। इतना ही नहीं यह समय मस्तिष्क के तीव्र विकास का भी होता है, इसलिए सही पोषण इसमें भी महत्वपूर्ण पहलू निभाता है।इस दौरान उचित स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण, प्यार भरा व तनावमुक्त माहौल और सही देखभाल बच्चे के विकास में मददगार बनते हैं। इसीलिए इस समय माँ-बच्चे के सही पोषण और खास देखभाल की जरूरत होती है। इसके लिए जरूरी है कि गर्भवती रोजाना संतुलित और पोषक आहार का सेवन करें। दूध, तेल या घी व आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें। आईएफए की एक लाल गोली रोजाना, चौथे महीने से 180 दिन तक और कैल्शियम की निर्धारित खुराक लें। इसके अलावा एक अल्बेंडाजोल की गोली दूसरी तिमाही में लें। स्वच्छ पेयजल का ही इस्तेमाल करें। प्रसव पूर्व चार जांच अवश्य कराएँ ताकि कोई कमी हो तो उसे समय से दूर किया जा सके। संस्थागत प्रसव ही कराएँ क्योंकि इसी में माँ-बच्चे की पूर्ण सुरक्षा निहित है। व्यक्तिगत साफ़-सफाई व स्वच्छता का ख्याल रखें। खाना खाने से पहले और शौच के बाद हाथों को अच्छी तरह से साबुन-पानी से अवश्य धुलें व हमेशा शौचालय का ही इस्तेमाल करें। प्रसव के बाद धात्री महिलाएं भी इन बातों का ख्याल रखें। 

नवजात को कराएँ स्तनपान ताकि बनी रहे मुस्कान : 
जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान जरूर कराएँ क्योंकि माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध बच्चे का पहला टीका होता है। शिशु को शुरू के छह माह तक सिर्फ और सिर्फ मां का दूध पिलायें क्योंकि बाहरी कुछ भी चीज देने से संक्रमण का खतरा रहता है। बच्चे को जरूरी टीके भी अवश्य लगवाएं। मां अपने साथ बच्चे की विशेष स्वच्छता का ध्यान रखें। बच्चे के शौच का निपटान हमेशा शौचालय में ही करें। छह माह पूरे होने पर स्तनपान के साथ मसला हुआ और गाढ़ा पौष्टिक ऊपरी आहार देना शुरू करें, जिसमें दूध, तेल या घी और आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें। विटामिन ए की निर्धारित खुराक दें। पेट के कीड़ो से बचने के लिए 12 से 24 महीने के बच्चे को अल्बेंडाजोल की आधी गोली तथा 24 से 59 महीने के बच्चे को एक गोली साल में दो बार आंगनबाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र पर दिलवाएं। बच्चे का नियमित वजन कराएँ। बच्चे के बौद्धिक विकास के लिए पौष्टिक आहार उसकी उम्र के अनुसार आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता, एएनएम या चिकित्सक के बताये मात्रा के अनुसार देना सुनिश्चित करें। 

क्या कहते हैं आंकड़े :  
जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान कराने से नवजात मृत्यु दर में 33 फीसद तक कमी लायी जा सकती है (PLOS One Journal की Breastfeeding Metanalysis report-2017)। इसके अलावा छह माह तक शिशु को स्तनपान कराने से दस्त रोग और निमोनिया के खतरे में क्रमशः 11 फीसद और 15 फीसद कमी लायी जा सकती है (Lancet Study-Maternal and child Nutrition series 2008 के अनुसार)। नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-4 (2015-16) के अनुसार प्रदेश में एक घंटे के अंदर स्तनपान की दर 25.2 फीसद और छह माह तक केवल स्तनपान की दर 41.6 फीसद है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

महाराष्ट्र में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, जानिए लक्षण और उपचार

महाराष्ट्र में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, जानिए लक्षण और उपचार

आरती तिवारी August 31 2022 26767

स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा मरीज मुंबई में हैं। इसको लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को भी अलर्

लखनऊ में आठ अक्तूबर को होगा आरोग्य भारती का राष्ट्रीय अधिवेशन

लखनऊ में आठ अक्तूबर को होगा आरोग्य भारती का राष्ट्रीय अधिवेशन

अबुज़र शेख़ October 07 2022 48057

प्रदेश भर के सात सौ से अधिक चिकित्सक जुटेंगे। इस अधिवेशन में चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों

बच्चों में अगर है झिझक तो कराएं सहज शंख मुद्रा, इससे दूर होगी समस्या

बच्चों में अगर है झिझक तो कराएं सहज शंख मुद्रा, इससे दूर होगी समस्या

आरती तिवारी August 19 2022 23846

भागती दौड़ती जिंदगी में कई बार अभिभावक जान नहीं पाते हैं और बच्चे मानसिक समस्याओं में घिर जाते है। बा

अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर जानिए, नर्सेज को जमीनी स्तर क्या दिक्कतें आती हैं

रंजीव ठाकुर May 13 2022 30399

फ्लोरेंस नाइटिंगेल से दुनिया भर की नर्सेज प्रेरणा लेती है और आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होत

सर्दियों के दौरान हर पाँचवे कोलेस्ट्रॉल मरीजों के कोलेस्ट्रॉल लेवल में होती है वृद्धि: डा अभिनीत गुप्ता 

सर्दियों के दौरान हर पाँचवे कोलेस्ट्रॉल मरीजों के कोलेस्ट्रॉल लेवल में होती है वृद्धि: डा अभिनीत गुप्ता 

हुज़ैफ़ा अबरार January 18 2023 32951

सर्दियों मे हर 5 मरीज़ में से एक को अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर में वृद्धि का अनुभव हो सकता है। इसका का

दिल्ली और कोलकाता दुनिया के दो सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल 

दिल्ली और कोलकाता दुनिया के दो सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल 

एस. के. राणा August 18 2022 27957

अमेरिकी हेल्थ इफेक्ट इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में पता चलता है कि पीएम 2.5 प्रदूषण के कारण 2019 में दिल

कोरोना की एक और लहर दे सकती है दस्तक: डब्लूएचओ की चीफ साइंटिस्ट

कोरोना की एक और लहर दे सकती है दस्तक: डब्लूएचओ की चीफ साइंटिस्ट

विशेष संवाददाता October 22 2022 30617

देश में त्योहारों के बीच कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट के सब वेरिएंट एक्सबीबी ने डराना शुरू कर दिया है।

सहारा हॉस्पिटल ने कैंसर सर्वाइवर मरीजों का किया सम्मान 

सहारा हॉस्पिटल ने कैंसर सर्वाइवर मरीजों का किया सम्मान 

हुज़ैफ़ा अबरार July 28 2022 76401

एक प्रेजेंटेशन देकर वरिष्ठ कैंसर रोग सर्जन डा. शशांक चौधरी ने कैंसर के बारे में जनमानस को जागरूक किय

अमित मोहन प्रसाद के ट्रांसफर पर पीएमएस एसोसिएशन की प्रतिक्रिया, उठाए भ्रष्टाचार के अन्य मामले

रंजीव ठाकुर September 02 2022 34880

उत्तर प्रदेश में डॉक्टर्स के ट्रांसफर्स और उसके बाद हुए निलम्बन को लेकर अपर एसीएस अमित मोहन प्रसाद क

देश में कोविड-19 संक्रमण के 91,702 नए मामले।

देश में कोविड-19 संक्रमण के 91,702 नए मामले।

एस. के. राणा June 11 2021 23688

देश में 3,403 और लोगों की वायरस के संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 3,63,079 हो गई। उपचाराधीन

Login Panel