देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

आँखें ही असल ज़िंदगी हैं, रखें ख्याल।

आपको यदि कोई दृष्टि संबंधी समस्या का भी अनुभव हो रहा है तो समग्र नेत्र जांच के लिए किसी आईकेयर प्रोफेशनल से ही संपर्क करें।

0 39389
आँखें ही असल ज़िंदगी हैं, रखें ख्याल। प्रतीकात्मक

डॉ. टीना अग्रवाल, 
नेत्र रोग विशेषज्ञ, सेंटर फॉर साइट, इंदौर।

सिर्फ वही लोग सूर्य की रोशनी का महत्व समझ सकते हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी का कुछ पल देर अंधेरे में गुजारा है। हमें इलाज की बेहतर सुविधाओं के जरिए अस्थायी नेत्रहीनता दूर करने पर जोर देना चाहिए क्योंकि नेत्रहीनता से प्रभावित प्रत्येक पांच में से चार व्यक्तियों का इलाज संभव हो सकता है। 

जागरूकता बढ़ाना आज की मांग है, खासकर बुजुर्गों के बीच, क्योंकि वे अपने शरीर के चेतावनी भरे लक्षणों की अनदेखी कर देते हैं और दृष्टि की समस्या से पीड़ित लोगों में से 60 प्रतिशत लोग 50 साल से अधिक उम्र के ही होते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, विश्व में लगभग 4.50 करोड़ नेत्रहीनों में से लगभग 80 प्रतिशत लोग 50 साल से अधिक उम्र के हैं। लिहाजा 50 या इससे अधिक की उम्र वाले 50 साल या इससे अधिक की उम्र वाले प्रत्येक व्यक्ति को संपूर्ण नेत्र जांच कराने के लिए किसी आई केयर प्रोफेशनल से संपर्क करना चाहिए।

पहले से कोई संकेत नहीं आते
नेत्र संबंधी कई रोगों में कोई पूर्ववर्ती लक्षण या संकेत नजर नहीं आते लेकिन समग्र जांच से दृष्टिहीनता की स्थिति आने से पहले शुरुआती चरण के नेत्र रोगों का पता चल सकता है। शुरुआती जांच और इलाज से आपकी दृष्टि सुरक्षित रह सकती है। आपको यदि कोई दृष्टि संबंधी समस्या का भी अनुभव हो रहा है तो समग्र नेत्र जांच के लिए किसी आईकेयर प्रोफेशनल से ही संपर्क करें। 

इसलिए हमें लोगों को शिक्षित करना होगा कि मोतियाबिंद, डायबिटीक रेटिनोपैथी, ग्लूकोमा, ड्राई आई आदि जैसी अधिक उम्र संबंधी नेत्र समस्याएं हमारे देश में आंखों की खराब सेहत का एक बड़ा कारण है, लेकिन उचित देखभाल और सही समय पर किसी मेडिकल एक्सपर्ट द्वारा चिकित्सा सहायता मुहैया कराने से इनका इलाज किया जा सकता है और मरीजों को अच्छीदृष्टि तथा आत्मविश्वास की जिंदगी जीने का आनंद मिल सकता है।
मिथकों को दूर कर

साथ ही हमें लोगों को यह भी बताना होगा कि टेक्नोलॉजी की तरक्की की बदौलत हमें आंखों की देखभाल संबंधी सभी तरह के मिथकों को दूर करने की जरूरत है, क्योंकि शुरुआती जांच में जरा भी देरी हमें दृष्टि से वंचित कर सकती है। 

हमें अच्छे आईकेयर के महत्व और नेत्रदान के बारे में लोगों के बीच अधिकतम जागरूकता और सक्रियता बढ़ाने की जरूरत है। हमें लोगों को यह भी बताना होगा कि कैसे नेत्रदान से किसी की जिंदगी को रोशन किया जा सकता है। 

अतः यदि आपको आंखों के सामने सीधी रेखाएं नजर आती हैं या आपको देखने में अस्पष्टता या धुंधलापन महसूस होता है या दूर की चीज देखने में दिक्कत आती है या बारीक चीजों को देखने में र्दिक्कत होती है, पन्नो पर किसी अंक या चेहरे को पढ़ने में दिक्वत आती है या आंखों से लगातार पानी आता रहता है, तो आपको तुरंत किसी प्रोफेशनल की मदद लेनी चाहिए।

अच्छी दृष्टि के कारगर उपाय
खानपान स्वस्थ रखें: आंखों की सुरक्षा स्वस्थ संतुलित खानपान से ही शुरू होती है। ओमेगा-3, फैटी एसिड, जिंक और विटामिन सी तथा ई से युक्त पौष्टिक आहार मैस्कुलर डिजेनरेशन और कैटरेक्ट आदि जैसी उम्र संबंधी दृष्टि समस्याओं से निजात दिलाने में मददगार हो सकते हैं। हरी सब्जियां, साइट्रस फल, बादाम, आंखों की सेहत को अच्छा बनाए रखते हैं।

धूम्रपान त्यागें: धूम्रपान से आपको कैटरेक्ट्‌स, ऑप्टिक नर्व डैमेज और मैस्कुलर डिजेनरेशन आदि जैसी समस्याएं उत्पन्ना हो सकती हैं। सनग्लास का इस्तेमाल करें। धूप और नुकसानदेह यूवी किरणों में ज्यादा देर रहने से आपको कैटरेक्ट्‌स की समस्या हो सकती है।

कंप्यूटर पर काम करते समय रखे ख्याल: हमेशा कंप्यूटर पर काम करने के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें बिना ब्रेक लिए लंबे समय तक कंप्यूटर स्क्रीन पर चिपके रहने से नजर धुंधली, सिरदर्द और ड्राई आई जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए ऐहतियातन अपने कंप्यूटर स्क्रीन को आंखों के समानांतर रेखा में रखें। इससे कंप्यूटर स्क्रीन पर आपकी नजर बहुत कम ही नीचे झुकी रहेगी। बैठने के लिए आरामदेह और पीठ को सपोर्ट देने वाली कुर्सी ही चुनें। यदि आपकी आंखें ड्राई हो जाती है तो पलकों को बार-बार झपकाएं। संभव हो तो प्रत्येक 20 मिनट पर यह प्रक्रिया दोहराएं और आंखों को आराम देने के ख्याल से 20 सेकंड तक 20 फुट दूर की चीजें देखने का अभ्यास दोहराते रहें। प्रत्येक दो घंटे पर कंप्यूटर के सामने से हट जाएं और 15 मिनट का ब्रेक लें।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

ऑनलाइन नकली दवाइयां बेचने वालों के खिलाफ  देश के साढ़े 12 लाख केमिस्ट करेंगे हड़ताल

ऑनलाइन नकली दवाइयां बेचने वालों के खिलाफ देश के साढ़े 12 लाख केमिस्ट करेंगे हड़ताल

रंजीव ठाकुर August 22 2022 24285

ताज नगरी में आर्गेनाइजेशन आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स की दो दिवसीय कार्यशाला में दवा कारोबार में आ रही

जरूरी चिकित्सा उपकरणों के दाम घटे।

जरूरी चिकित्सा उपकरणों के दाम घटे।

हे.जा.स. July 24 2021 30938

आयातकों ने कीमतों में सबसे ज्यादा कमी पल्स ऑक्सीमीटर, ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग मशीन और नेबुलाइजर पर की

रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग केजीएमयू में फेफड़ों के कैंसर के निदान के लिए चल रहा हैं लंग कैंसर क्लीनिक

रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग केजीएमयू में फेफड़ों के कैंसर के निदान के लिए चल रहा हैं लंग कैंसर क्लीनिक

हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2022 33001

5 ऐसे खाद्य पदार्थ है जो आपके कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं वे मांस, तला हुआ खाना, रिफाइन्ड (परिष्क

हिंसा के खिलाफ एकजुट हुए डॉक्टर, 18 जून को करेंगे देशव्यापी विरोध।

हुज़ैफ़ा अबरार June 16 2021 30909

18 जून 2021 को हिंसा के खिलाफ देशभर में डॉक्टर विरोध प्रकट करेंगे। आमजन को कोई समस्या ना हो इसीलिए इ

कद्दू खाने से होते हैं ये फायदे

कद्दू खाने से होते हैं ये फायदे

आरती तिवारी October 19 2022 30709

कद्दू का सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से छुटकारा मिलता है। क्योंकि कद्दू में विटामिन ए,

कोरोना संक्रमण की चौथी लहर घातक होने की आशंका

कोरोना संक्रमण की चौथी लहर घातक होने की आशंका

एस. के. राणा March 03 2022 30102

शोधकर्ताओं ने भविष्यवाणी की है कि देश जल्द ही कोविड-19 की चौथी लहर की चपेट में आ सकता है। शोध में सा

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बड़ा एलान, जल्द मिलेगा 2,505 नए स्वास्थ्य केंद्र

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बड़ा एलान, जल्द मिलेगा 2,505 नए स्वास्थ्य केंद्र

आरती तिवारी March 23 2023 22910

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य की भौतिक विषमता को सुधारने के लिए 2505 स्वास्थ्

द अशोका फाउंडेशन प्रिवेंटेबल ब्लाइंडनेस के रोकथाम हेतु सक्रिय है।

द अशोका फाउंडेशन प्रिवेंटेबल ब्लाइंडनेस के रोकथाम हेतु सक्रिय है।

हुज़ैफ़ा अबरार January 16 2021 22543

स्क्रीन टाइम (मोबाइल के सामने बीतने वाला वक्त) बढ़ने से आंखों की समस्याओं में वृद्धि हुई है और इसलिए

बीआरडी मेडिकल कालेज में होगी कोरोना वायरस के म्यूटेशन की पहचान।

बीआरडी मेडिकल कालेज में होगी कोरोना वायरस के म्यूटेशन की पहचान।

रंजीव ठाकुर July 19 2021 39580

माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब में जीनोम सीक्वेसिंग की जाएगी। इस जांच के लिए अन्य मशीनें ‌विभाग में मौ

शरीर के सम्पूर्ण विकास के लिए जरूरी है आयोडीन की सही मात्रा।

शरीर के सम्पूर्ण विकास के लिए जरूरी है आयोडीन की सही मात्रा।

हुज़ैफ़ा अबरार October 21 2021 31636

आयोडीन सूक्ष्म पोषक तत्व होता है | शरीर में थाइरॉयड हार्मोन का सही से उत्पादन करने के लिए इसकी आवश्य

Login Panel