देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

लो ब्लड प्रेशर: एक आम बीमारी के साथ खतरे का बड़ा सन्देश

दुनिया में बहुत बड़ी तादाद में लोग लो ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित हैं। ये बीमारी इतनी आम लगती है के अक्सर इसके लक्षणों के बारे में किसीको नहीं पता चलता है और इसे कोई और शारीरिक बदलाव से या आम चीज़ों से जोड़ लेते हैं

लेख विभाग
May 23 2022 Updated: May 23 2022 16:08
0 29263
लो ब्लड प्रेशर: एक आम बीमारी के साथ खतरे का बड़ा सन्देश प्रतीकात्मक चित्र

हमारे शरीर में पलने वाले कईं ऐसे रोग हैं जिनको हम ये सोच के  नज़र अंदाज़ कर देते हैं के ये आम बीमारी है। ऐसी ही एक बीमारी है निम्न रक्तचाप (low blood pressure)। लो ब्लड प्रेशर को हल्के में मत लें। ब्लड प्रेशर हद से ज़्यादा कम होने पर ऑर्गन फेलियर (organ failure) से लेकर दिल का दौरा (heart attack) पड़ने जैसी खतरनाक स्थिति भी पैदा हो सकती है।

दुनिया में बहुत बड़ी तादाद में लोग लो ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित हैं। ये बीमारी इतनी आम लगती है के अक्सर इसके लक्षणों के बारे में किसीको नहीं पता चलता है और इसे कोई और शारीरिक बदलाव से या आम चीज़ों से जोड़ लेते हैं। ये उनकी सिर्फ हेल्थ ही नहीं ज़िन्दगी को भी खतरे में डाल सकता है।

 

लो ब्लड प्रेशर या निम्न रक्तचाप क्या है? - What is low blood

इससे कभी-कभी आप थका हुआ या चक्कर आना महसूस कर सकते है। किसी भी व्यक्ति के रक्त चाप की सामान्य मात्रा 120/80 होना चाहिए। जब किसी भी इंसान का ब्लड प्रेशर 90/60 से नीचे चला जाता है, तो इस अवस्था को लो बीपी या हाइपोटेंशन कहते है।

कभी किसी के ब्लड प्रेशर की रीडिंग अगर इस साधारण मात्रा से कम  हो जाये तो उसे लौ बीपी की श्रेणी में गिना जाता है। ये कोई भी इंसान को किसी भी कारण से हो सकते हैं जैसे शरीर में पानी की कमी, दवाई का असर, सर्जरी या गंभीर चोट, आनुवंशिक या जेनेटिक, स्ट्रेस लेना, ड्रग्स का सेवन, खान पान की बुरी आदतें, ज्यादा समय तक भूखा रहना या अनियमित खान पान आदि।

 

लो ब्लड प्रेशर के प्रकार - Types of low blood pressure

लो ब्लड प्रेशर के कारणों और कारकों के आधार पर कुछ श्रेणियों में तोड़ कर विश्लेषण किया जा सकता हैं:

1. ऑर्थोस्टैटिक, या पोस्टुरल हाइपोटेंशन – Orthostatic, or postural hypotension

 ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन के वजह से जब आप बैठने की स्थिति से खड़े होते हैं तो ग्रेविटी पैरों में खून जमा देती हैं और रक्तचाप में अचानक गिरावट होती हैं। ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन विशेष रूप से बुज़ुर्गों में आम है, लेकिन यह युवा को भी प्रभावित करता है जो सेडेंटरी जीवनशैली का पालन करते हैं या स्वस्थ लोग जो अपने पैरों को लंबे समय तक पार करने के बाद या एक समय के लिए बैठने के बाद अचानक उठ खड़े होते हैं।

2. पोस्टप्रांडियल हाइपोटेंशन – Postprandial hypotension

खाने के बाद रक्तचाप में यह अचानक गिरावट ज्यादातर बुज़ुर्गों को प्रभावित करती है। आपके खाने के बाद रक्त आपके पाचन तंत्र में प्रवाहित होता है। सामान्य रूप से, आपका शरीर आपकी हृदय का गति बढ़ाता है और रक्तचाप के सामान्य मात्रा को बनाए रखने में मदद करने के लिए कुछ रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है।

3. नेउरेली मेडिएटेड  हाइपोटेंशन – Neurally mediated hypotension

ये निम्न रक्तचाप विकार हृदय और मस्तिष्क के बीच गलत संचार के कारण होता है।लो ब्लड प्रेशर के लक्षण

कईं बार, कुछ रोगी के शरीर में, निम्न रक्तचाप एक अंधरुनि समस्या का भी संकेत देता है, खासकर जब ये अचानक कम हो जाये। लो ब्लड प्रेशर के साधारण संकेत और लक्षणों में से हैं:

  • चक्कर आना या सर घूमना
  • उल्टी जैसा होना, मितली होना या जी मिचलाना
  • बेहोशी (सिंकोप)
  • थकान या शरीर भारी लगना
  • ध्यान लगाने में परेशानी होना
  • आंखों के सामने अंधेरा छाना, धुंधला दिखाई देना
  • हाथ-पैर ठंडे होना
  • चेहरा सफेद पड़ना
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • खाने में परेशानी होना

 

लो ब्लड प्रेशर का परिणाम - Result of low blood pressure

लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में शरीर के अंगों में सही तरह से खून की सप्लाई नहीं होती है जिस से स्ट्रोक (stroke), हार्ट अटैक (heart attack) और किडनी फेलियर (kidney failure) तक होने की संभावना है। आम ज़िन्दगी में, बीपी ज्यादा कम होने पर रोगी बेहोश हो सकता है, सचेतन नहीं रहने पे उस इंसान के सिर में गंभीर चोट आ सकती है। ऐसे कई मामलों में ब्रेन हैमरेज (brain haemorrhage) होने के केस भी सामने आ चुके हैं।

अत्यधिक हाइपोटेंशन (hypotension) की स्थिति में परिणाम जान की जोखिम भी हो सकते हैं जिसमें सबसे आम चीज़ो में शामिल हैं:

  1. भ्रम होना, विशेष कर वृद्ध लोगों में – इस बात को कईं लोग उम्र के साथ जोड़के नज़र अंडा भी कर देतें हैं
  2. ठंडा ज़्यादा लगना, निरंतर बार बार शर्दी होना
  3. चिपचिपापन, पीला त्वचा
  4. तीव्र, उथली श्वास
  5. कमजोर और तेज नाड़ी-स्पंदन/पल्स

 

लो बी.पी. के कारण - Reasons of low blood pressure

लो ब्लड प्रेशर (हाइपोटेंशन) किसी को भी हो सकता है, हालांकि कुछ प्रकार के निम्न रक्तचाप आपकी उम्र या अन्य कारणों के आधार पर होते हैं:

  • उम्र
  • खड़े होने पर या खाने के बाद रक्तचाप में गिरावट मुख्य रूप से ६५ वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों में होती है। आम तौर पर नेउरेली मेडिएटेड हाइपोटेंशन बच्चों और छोटे वयस्कों को प्रभावित करती है।
  • दवाइयां
  • जो लोग कुछ विशेष रोग या बिमारियों के दवाइयां लेते हैं, उदाहरण के लिए, हाइ ब्लड प्रेशर वाली दवाइयां लेने से लो ब्लड प्रेशर हो जाने का खतरा होता है।
  • बीमारियाँ
  • पार्किंसंस रोग, मधुमेह और कुछ दिल की स्थितियों ने आपको निम्न रक्तचाप के विकास के अधिक जोखिम में डाल दिया।
  • शारीरिक स्थिति
  • प्रेगनेंसी, हृद रोग, एंडोक्राइन प्रोब्लेम्स, डिहाइड्रेशन, दस्त, संक्रमण, ब्लड लॉस/खून की कमी, एलर्जी, डाइट की समस्या आदि।

 

डॉक्टर का सलाह कब लेना हैं - When to consult a doctor

  1. ऊपर लिखे हुए लक्षणों में अगर आपको कोई भी संकेत मिलता है तो डॉक्टर से ज़रूर बात करें और आपातकालीन सहायता लें।
  2. अगर आपके ब्लड प्रेशर की रीडिंग लगातार कम है, लेकिन ठीक महसूस हो रहा है, तो आपका डॉक्टर से नियमित सलाह और परिक्षण करते रहना चाहिए।
  3. लक्षणों के मदद से ध्यान रखें के आपका ब्लड प्रेशर क्यों और कब लौ होता है। यह आपके स्वस्थ का रिकॉर्ड रखने में मददगार हो सकता है।

 

डाइट् और लाइफस्टाइल में क्या बदलाव ज़रूरी है !

लो ब्लड प्रेशर का कोई निर्मूल उपचार नहीं है। मगर लो ब्लड प्रेशर को सही डाइट और बचाव के ज़रिये नियंत्रण किया जा सकता हैं:

  • खाने में नमक की मात्रा सामान्य रखें। शरीर के ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने में नमक अहम भूमिका निभाता है।
  • दिनभर में कम से कम ८  ग्लास पानी या किसी अन्य तरह का लिकर पीजिये जैसे की दूध, मट्ठा, जूस, लस्सी आदि, ताकि शरीर हाइड्रेट बना रहे।
  • एक झटके से अचानक नीचे से ऊपर की ओर न उठें।
  • दवाई डॉक्टर से सलाह करने पर ही लें। अगर आपको किसी दवाई से रिऐक्शन होती हैं तो इससे भी बीपी गड़बड़ हो सकता है।
  • अत्यधिक मानशिक या शारीरिक स्ट्रेस लेने से बचें।
  • सिगरेट, शराब या अन्य कोई नशे का सेवन न करें।
  • खाने में हरी सब्जियों और फलों को ज्यादा शामिल करें।
  • हाई कार्ब वाले खाने से बचाव करें


इसके अलावा भी बहुत सरे घरेलु चीज़ें हैं जो निम्न रक्तचाप के उपाय दे सकता है। लो ब्लड प्रेशर या हाइपोटेंशन के घरेलु उपचार में मददगार साबित हुआ है जैसे – ब्लैक कॉफी, ज्यादा पानी पीना, कच्चे चुकंदर का जूस और बादाम दूध आदि।

 

लेखक - डॉ. निखिल चौधरी, सलाहकार - कार्डियोलॉजी , नारायण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, जयपुर

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

राज्य सरकार एनीमिया की दर को कम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है: अपर मुख्य सचिव

राज्य सरकार एनीमिया की दर को कम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है: अपर मुख्य सचिव

हुज़ैफ़ा अबरार April 23 2026 3157

उत्तर प्रदेश सरकार ने एनीमिया मुक्त भारत के तहत एनीमिया नियंत्रण को प्राथमिकता दी है और राज्य में ए.

झोलाछाप डॉक्टरों के हौंसले बुलंद, गलत इलाज से बच्ची ने गंवाया पैर

झोलाछाप डॉक्टरों के हौंसले बुलंद, गलत इलाज से बच्ची ने गंवाया पैर

आरती तिवारी May 17 2023 32884

डिप्टी सीएम ने कहा कि जिलाधिकारी और सीएमओ तत्काल मामले की जांच करें। दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की

आईएमए गोरखपुर का मिशन जनकल्याण: निशुल्क मेडिकल कैंप लगाकर देगा स्वस्थ्य सेवायें

आईएमए गोरखपुर का मिशन जनकल्याण: निशुल्क मेडिकल कैंप लगाकर देगा स्वस्थ्य सेवायें

आनंद सिंह April 03 2022 30734

जनकल्याण मिशन के तहत आज शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में डॉक्टर शिव शंकर शाही ने लेजर विधि द्वारा 3 बुजुर्गो

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शुरुआत किया मिशन इंद्रधनुष 4.0 टीकाकरण  का अभियान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शुरुआत किया मिशन इंद्रधनुष 4.0 टीकाकरण का अभियान

आनंद सिंह February 08 2022 23682

ऐसे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित टीकाकरण सेवाएं मिल रही हैं जिन्हें अभी तक टीका नहीं लगा है य

महापौर और उपमुख्यमंत्री की पत्नी ने कोविड वैक्सीनेशन प्रीकॉशन डोज को लेकर प्रोत्साहित किया

महापौर और उपमुख्यमंत्री की पत्नी ने कोविड वैक्सीनेशन प्रीकॉशन डोज को लेकर प्रोत्साहित किया

रंजीव ठाकुर August 08 2022 34002

आलमबाग स्थित नगरीय स्वास्थ्य केन्द्र, चन्दर नगर में महापौर संयुक्ता भाटिया ने कोविड वैक्सीनेशन प्रीक

डीएम मनीष बंसल की मानवीय पहल, दो बच्चों के फ्री इलाज कराने के लिए अपोलो मेडिकल भेजा

डीएम मनीष बंसल की मानवीय पहल, दो बच्चों के फ्री इलाज कराने के लिए अपोलो मेडिकल भेजा

विशेष संवाददाता March 25 2023 31251

डीएम मनीष बंसल की मानवीय पहल से दिल में छेद की गंभीर बीमारी से पीड़ित दो बच्चों रचित और हरीश को नई ज

अंगदान से जुड़े नियम और भ्रांतियां जानना आवश्यक है: डॉ आदित्य कुमार शर्मा

रंजीव ठाकुर May 21 2022 35669

किडनी खराब होने पर मरीज डायलिसिस के जरिए 4-5 सालों तक जीवित रह सकता है जबकि ट्रांसप्लांट के बाद जीवन

भारत की कफ सिरप कंपनी के खिलाफ डब्ल्यूएचओ ने जारी किया अलर्ट

भारत की कफ सिरप कंपनी के खिलाफ डब्ल्यूएचओ ने जारी किया अलर्ट

विशेष संवाददाता October 06 2022 36871

WHO ने अपनी मेडिकल प्रोडक्ट रिपोर्ट में कहा है कि प्रयोगशाला में हुई जांच के दौरान मेडेन फार्मास्यूट

जी-20 स्वास्थ्य-समूह की पहली बैठक तिरुवनंतपुरम में हुई सम्पन्न 

जी-20 स्वास्थ्य-समूह की पहली बैठक तिरुवनंतपुरम में हुई सम्पन्न 

एस. के. राणा January 19 2023 31321

डॉ. पवार ने कहा कि महामारी की रोकथाम, उसके लिये तैयारी और कार्रवाई के लिये विभिन्न प्रकार के अनेक से

3 दिवसीय आयुर्वेद पर्व ODOP प्रदर्शनी का सीएम योगी ने किया उद्घाटन

एस. के. राणा March 12 2023 29892

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन एवं प्रादेशिक आयुर्वेद सम

Login Panel