











































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली। बीए.2 वैरिएंट के बीच शोधकर्ताओं ने भविष्यवाणी की है कि देश जल्द ही कोविड-19 की चौथी लहर की चपेट में आ सकता है। आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) के ताजा शोध में सामने आया है कि भारत में कोरोना की चौथी लहर 22 जून के आसपास शुरू हो सकती है और 24 अक्टूबर तक जारी रह सकती है। शोध में कहा गया है कि अगर कोविड-19 की चौथी लहर (fourth wave of covid-19) उभरती है तो यह कम से कम चार महीने तक चल सकती है। 15 अगस्त से 31 अगस्त तक यह चरम पर पहुंच सकती है और उसके बाद इसका प्रकोप घटेगा।
यह तीसरी बार है जब आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने देश में कोविड-19 लहर की भविष्यवाणी की है और तीसरी लहर के बारे में उनकी भविष्यवाणी केवल कुछ IIT दिनों के आधार पर थी। चौथी लहर कितनी घातक होगी, इस बारे में उन्होंने कहा है कि इसकी गंभीरता कोरोना के वैरिएंट (corona variant) और टीकाकरण (vaccination) पर निर्भर करेगी।
इम्यूनिटी को चकमा देता है बीए 2 वायरस - BA2 virus trickes immunity
ओमिक्रॉन (Omicron) को बीए.1 वायरस के नाम से भी जाना जाता है। वहीं, उसके ही अगले स्वरूप को बीए.2 कहा गया है। फिलहाल बीए.2 वायरस की उत्पत्ति को लेकर दो मत है। कहा जाता है कि यह वायरस पहली बार ऑस्ट्रेलिया (Australia) में सामने आया। जबकि दूसरे में कहा जाता है कि इसकी पहचान सबसे पहले भारत में हुई। जबकि बीए.1 यानी ओमिक्रॉन के बारे में समान रूप से सभी मानते हैं कि वह पहली बार दक्षिण अफ्रीका में सामने आया है। यह वैरिएंट ज्यादा संक्रामक इसलिए बताया जा रहा है क्योंकि यह इम्यूनिटी को चकमा दे सकता है। जिन लोगों को वैक्सीन लग गई है यह वायरस उन्हें भी संक्रमित कर रहा है। कई शोध में ये भी आशंका जताई गई है कि बहुत जल्द यह 'सुपर स्प्रेडर' वैरिएंट बन सकता है।







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