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नयी दिल्ली। कोरोना एक बार फिर बेकाबू हो गया है। ओमिक्रॉन वेरिएंट के नए सब वेरिएंट एक्स बीबी और bf.7 के केस बढ़ रहे हैं। देश में अभी तक XBB वेरिएंट के 70 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस वेरिएंट की वजह से सिंगापुर, चीन और अमेरिका में कोविड के मामले बढ़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी एक्स बीबी स्ट्रेन को लेकर अलर्ट जारी कर चुका है। WHO का कहना है कि इस वेरिएंट की वजह से कुछ देशों में कोविड की नए लहर आ सकती है।
सीडीसी के मुताबिक, XBB वेरिएंट (XBB Variants) के लक्षण फिलहाल ओमिक्रॉन के अन्य वेरिएंट्स जैसे ही हैं। इनमें लोगों को खांसी, जुकाम, सिरदर्द और सुनाई कम देना और हल्का बुखार शामिल है। वरिष्ठ फिजिशियन (physician) डॉ. अजय कुमार का कहना है कि लोगों को इन लक्षणों के दिखने पर कोविड टेस्ट करा लेना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक ओमिक्रॉन के ये नए वेरिएंट तेजी से फैल जरूर सकते हैं, लेकिन इससे कोविड वायरस की गंभीरता में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी, संक्रमित हो रहे मरीजों में हल्के लक्षण ही मिलेंगे, लेकिन बुजुर्ग और पुरानी बीमारी से पीड़ित मरीजों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं, भारत में भी अभी एक्स बीबी वेरिएंट के मरीजों में हल्के लक्षण ही मिल रहे हैं। लोगों में ये चार लक्षण प्रमुखता से देखे जा रहे हैं।
बता दें कि भारत के भी कई राज्यों में इस वेरिएंट के संक्रमित मरीज (infected patients) सामने आ रहे हैं। अकेले महाराष्ट्र में ही अभी तक 18 से ज्यादा केस दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी XBB वेरिएंट के केस सामने आ रहे हैं। इसको देखते हुए जीनोम सीक्वेंसिंग (genome sequencing ) भी बढ़ा दी गई है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि कोई महीनों में ये वेरिएंट ओमिक्रॉन के अन्य वेरिएंट की तुलना में तेजी से फैल सकता है। इस खतरे को देखते हुए WHO ने सभी देशों से वायरस (Virus) की पहचान के लिए ट्रेसिंग, ट्रेकिंग और जीनोम जांच को बढ़ाने की सलाह दी है।







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