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जेनेवा। कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में पोषण वितरण कार्यक्रमों और आयोजकों को हर स्तर पर बुरी तरह प्रभावित किया है। पोषण से वंचित समुदाय को लगातार ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता होती है लेकिन कोविड महामारी (COVID pandemic) के कारण ऐसा नहीं हो सका है।
पोषण से वंचित समुदायों को पोषण मुहैया करवाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यूनिसेफ (UNICEF), यूएसएआईडी (USAID), डब्ल्यूएचओ (WHO) और यूएसएआईडी (USAID) एडवांस न्यूट्रीशन के परस्पर सहयोग से एजाइल कोर टीम फॉर न्यूट्रीशन मॉनिटरिंग समूह का गठन किया है। जो प्रमुख पोषण परिणामों पर COVID-19 महामारी के प्रभाव के लिए रास्ते तलाशने के लिए एक विश्लेषणात्मक ढांचा विकसित किया है।
इस विश्लेषणात्मक ढांचे में डब्ल्यूएचओ समर्थित 6 मातृ, शिशु और छोटे बच्चों के लिए पोषण लक्ष्य शामिल किए गए हैं। सभी प्रकार से कुपोषण को दूर करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं जिनकी लगातार निगरानी भी लक्ष्यों में शामिल है।
इस विश्लेषणात्मक ढांचे में पोषण पर भोजन, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर कोविड-19 के प्रभाव तथा परिणामों का अध्ययन किया जा सकेगा।
इस फ्रेमवर्क के माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल करने वाले समूह, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, नीति निर्माता या कोरोनावायरस से प्रभावित हुए व्यक्ति अथवा संस्थाएं यह अध्ययन कर सकती है कि कुपोषण का कैसे उन्मूलन किया जाएं और कोविड महामारी के दौरान किस प्रकार पोषण कार्यक्रम सुचारू रूप से चलते रहें। इसमें लॉक डाउन या ऐसे व्यवधान पर भी अध्ययन किया जाएगा जिससे कि इस प्रकार की वैश्विक अव्यवस्था के कारण पोषण कार्यक्रमों पर रोक ना लगे और कुपोषण को दूर करने की मुहिम पूरी दुनिया में सतत चलती रहे।







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