











































प्रतीकात्मक
- आचार्य बालकृष्ण
पपीता का परिचय
पपीता एक ऐसा फल है जो बहुत ही आसानी से कहीं भी मिल सकता है। यहां तक कि आप घर के आस-पास थोड़ी-सी जगह होने पर वहां भी लगा सकते हैं। पपीता को कच्चा या पका दोनो अवस्थाओं में खा सकते हैं। कच्चा हो या पका पपीता के औषधीय गुणों (papita ke fayde) के कारण ये कई बीमारियों के लिए उपचारस्वरुप प्रयोग किया जाता है।
आयुर्वेद में पपीता के पौष्टिक गुणों के कारण इसको दांत और गले के दर्द के साथ-साथ दस्त, जीभ के घाव, दाद, सूजन जैसे अनेक बीमारियों के लिए औषधि के रुप प्रयुक्त किया जाता है। चलिये आगे जानते हैं कि पपीता खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानते हैं।
पपीता क्या है?
जैसा कि पहले ही चर्चा की गई कि पपीता का पेड़ हल्के छोटे और आसानी से उगने वाले होते हैं। इसके फल) विभिन्न आकार के, गोलाकार अथवा बेलनाकार, कच्ची अवस्था में हरे तथा पकने के बाद पीले रंग के हो जाते हैं। फलों के अन्दर काले धूसर रंग के गोल मरिच जैसे बीज रहते हैं। इसकी फलमज्जा पकने पर पीली तथा मीठी होती है। इस पौधे के किसी भी भाग में हल्का खरोंच आने पर भी दूध जैसा पदार्थ निकलने लगता है, जिसको आक्षीर कहते है।

पपीता कच्चा हो या पका उसमें इतने सारे मिनरल, विटामिन, प्रोटीन, एनर्जी आदि है कि वह बहुत सारे रोगों के लिए फायदेमंद साबित होता है। पपीता प्रकृति से कड़वा, गर्म, तीखा, कफ और वात कम करने वाला और जल्दी हजम होने वाला होता है। इसका क्षीर या कच्चे पपीते को काटने से जो दूध निकलता है वह पाचक होता है।
पपीता का कच्चा फल थोड़ा कड़वा तथा मधुर होता है। और पका हुआ फल मधुर, पित्त कम करने वाला, सूजन का दर्द कम करने वाला, वात को कम करने के साथ-साथ रक्त को भी शुद्ध करता है। यह विष हरने वाला, बल बढ़ाने वाला, पसीना निकालने वाला तथा कुष्ठनाशक होता है।
पपीता के फायदे
पपीता में विटामिन ए, विटामिन सी, फाइबर, पोटाशियम, एनर्जी जैसे पौष्टिक तत्व होते हैं। जिसके कारण आयुर्वेद में पपीते के पत्ते, बीज, जड़ और फल सबका रोगों के उपचार के तौर पर प्रयोग किया जाता है।
मुँह के छालों को ठीक करने में फायदेमंद पपीता
कई बार किसी दवाई के एलर्जी के कारण, किसी बीमारी के साइड इफेक्ट के वजह से या शरीर में किसी विटामिन की कमी से मुँह में छाले या घाव होने लगते हैं। इस परेशानी से राहत पाने के लिए पपीते का इस्तेमाल ऐसे करने पर आराम मिलता है। पपीते के दूध या आक्षीर को जीभ पर लगाने से जीभ पर होने वाला घाव जल्दी भर जाते हैं।

दांत दर्द में लाभकारी पपीता
अगर दांत दर्द से परेशान हैं तो पपीते का इस तरह से सेवन करने पर जल्दी आराम मिलता है। पपीते से प्राप्त दूध को रूई में लपेटकर लगाने से दांत का दर्द कम होता है।
कंठरोग से दिलाये राहत पपीता
कई बार ठंड लगने के कारण गले में दर्द या सूजन हो जाती है लेकिन पपीता से बनाये गए घरेलू उपाय का प्रयोग करने से जल्दी आराम मिलता है। पपीता से प्राप्त आक्षीर या दूध को जल में मिलाकर गरारा करने से गले के रोगों में लाभ होता है।
कमजोरी दूर करने में मदद करता है पपीता
अगर लंबे बीमारी के कारण या पौष्टिकता की कमी के वजह से कमजोरी महसूस हो रही है तो पपीता का इस तरह से सेवन करने पर लाभ मिलता है। पपीता के कच्चे फलों का साग बनाकर सेवन करने से अग्निमांद्य तथा कमजोरी में लाभ होता है। कहने का मतलब यह है कि पपीता खाने के फायदे कमजोरी दूर होने में मदद मिलती है।
दस्त रोके पपीता
अगर ज्यादा मसालेदार खाना, पैकेज़्ड फूड या बाहर का खाना खा लेने के कारण दस्त है कि रूकने का नाम ही नहीं ले रहा तो पपीता का घरेलू उपाय बहुत काम आता है।
पके बीजों का सेवन चावल के साथ करने से अतिसार या दस्त में फायदा पहुँचता है। इसके अलावा कच्चे फल का साग बनाकर सेवन करने से अतिसार में लाभ होता है।
बवासीर में फायदेमंद पपीता
आजकल के असंतुलित खान-पान के वजह से बवासीर की समस्या बढ़ने लगी है। इसके दर्द से राहत पाने में पपीता बहुत फायदेमंद साबित होता है। पपीता के कच्चे फलों से प्राप्त आक्षीर या दूध को अर्श के मस्सों पर लगाने से बवासीर में लाभ होता है। इसका प्रयोग चिकित्सकीय परामर्शानुसार करना चाहिए।
लीवर-प्लीहा से जुड़े रोगों में लाभकारी है पपीता
अगर कोई लीवर और स्प्लीन संबंधी बीमारियों से परेशान है तो पपीता का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है। पपीता के फलों का सेवन करने से रक्तार्श, यकृत् तथा प्लीहा-विकारों का शमन होता है।
लकवा के लक्षणों से दिलाये राहत पपीता
लकवा होने पर जो परेशानियां होती है उससे राहत दिलाने में पपीता काम करता है। पपीता के बीजों से तेल बनाकर, छानकर मालिश करने से लकवा तथा अर्दित (मुँह का लकवा) में लाभ होता है।
त्वचा-विकार से दिलाये राहत पपीता
आजकल के तरह-तरह के नए-नए कॉज़्मेटिक प्रोडक्ट के दुनिया में त्वचा रोग होने का खतरा भी दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। पपीता के द्वारा बनाये गए घरेलू उपाय चर्म या त्वचा रोगों से निजात दिलाने में मदद करते हैं। पौधे से निकलने वाले आक्षीर को सिध्म, गोखरू, अर्बुद, गाँठ तथा चर्म रोगों में लगाने से लाभ होता है।

दाद-खुजली से दिलाये आराम पपीता
आजकल के प्रदूषण भरे वातावरण में दाद-खुजली रोग होने का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। हर कोई किसी न किसी त्वचा संबंधी परेशानी से ग्रस्त हैं। पपीता इन सब परेशानियों को कम करने में मदद करता है।
पपीता के बीजों को पीसकर, उसमें ग्लिसरीन मिलाकर दाद पर लगाने से दाद तथा खुजली में लाभ होता है। इसके अलावा इसके फलों से प्राप्त आक्षीर को लगाने से दाद तथा खुजली की परेशानी कम होती है।
सूजन को करे कम पपीता
अगर किसी चोट के कारण या बीमारी के वजह से किसी अंग में हुए सूजन से परेशान है तो पपीता के द्वारा किया गया घरेलू इलाज बहुत ही फायदेमंद होता है। पपीता के फल मज्जा को पीसकर लगाने से सूजन कम होती है।
कोलेस्ट्रॉल कम करने में फायदेमंद
पपीता सेवन कोलेस्ट्रॉल को कम करने में आपकी मदद कर सकता है क्योकि रिसर्च के अनुसार पपीता में एंटीऑक्सीडेंट का गुण पाया जाता है जो की कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायता करता है।
रोग प्रतिरक्षक क्षमता बढ़ाने में सहायक पपीता
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पपीता का सेवन आपके लिए एक अच्छा साधन हो सकता है क्योकि रिसर्च के अनुसार पपीता में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का गुण पाया जाता है
आँखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक पपीता
पपीते में विटामिन ए और सी पाए जाने के कारण यह आँखों के लिए भी लाभकारी होता है।
पाचन तंत्र को सक्रिय करने में सहायक पपीता
पपीते की दीपन और पाचन गुण के कारण यह पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है साथ हि पपीता में रेचन यानि लैक्सटिव का गुण भी पाया जाता है जो कि कब्ज को भी दूर करने में मदद करता है।
पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से दिलाये राहत पपीता
पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द वात दोष के अधिक बढ़ने के कारण होता है। पपीते में वात शामक गुण पाए जाने के कारण यह इसमें राहत देता है।

वजन घटाने में मददगार पपीता
पपीता अपने दीपन, पाचन और रेचन गुण के कारण वजन घटाने में मदद करता है। इससे पाचन स्वस्थ होता है एवं शरीर के सभी विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।
डायबिटीज के लक्षणों से दिलाये राहत पपीता
डायबिटीज के लक्षणों को कम करने में पपीता के बीज का सत्व फायदेमंद हो सकता है क्योंकि एकरिसर्च के अनुसार इसमें एंटी डायबिटिक का गुण होता है।
तनाव को कम करने में मददगार पपीता
अगर आपको किसी प्रकार का या आप डिप्रेशन के शिकार है तो पपीता का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है क्योंकि एक रिसर्च केअनुसार पपीता में एंटी डिप्रेशन के गुण पाए जाते है
गठिया के दर्द से दिलाये राहत पपीता
गठिया का रोग वात दोष के बढ़ने के कारण होता है। पपीते में पाए जाने वाले वात शामक गुण इस रोग के लक्षणों को कम करने में भी मदद करता है।
बिच्छू के काटने पर पपीते का प्रयोग
बिच्छू के काटने पर उसके असर को कम करने में पपीता मदद करता है। पपीते के कच्चे फल से प्राप्त आक्षीर या दूध को दंश-स्थान पर लगाने से वृश्चिक या बिच्छू दंशजन्य विषाक्त प्रभाव कम होता है।







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