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लखनऊ। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में करीब 5.7 करोड़ लोग डिप्रेशन और 3.8 करोड़ लोग एंग्जाइटी का शिकार हैं। कोरोना महामारी की वजह से इसकी संख्या में कई गुणा बढ़ोतरी हुई है और इसकी वजह से सभी उम्र के लोग, खासकर बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में ऐसे लोगों की मानसिक सेहत पर जरबदस्त असर पड़ा है।
सीनियॉरिटी के फाउंडर तपन मिश्रा ने कहा, ‘’हम एक तरह से मानसिक महामारी की चपेट में हैं क्योंकि कोरोना वायरस ने हम सभी को प्रभावित किया है, चाहे वह किसी भी भौगोलिक और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के क्यों न हो। वरिष्ठ नागरिकों के पास मनोरंजन का सीमित साधन होता है और हमारी मंशा ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में उनकी मानसिक सेहत का ख्याल रखने की थी। एवरग्रीन क्लब एक अनोखा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसकी मदद से सीनियॉरिटी ने उनकी मदद करने की पहल की है। हमारे पायलट सेशन को जबरदस्त समर्थन मिला और अब हमें इस एप्प को सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने में बहुत खुशी महसूस हो रही है। हम लगातार रोमांचक कार्यक्रमों का आयोजन करना जारी रखेंगे और इस एप्प पर प्रासंगिक कंटेंट जोड़ते रहेंगे। आने वाले कुछ महीनों में इस एप्प को कई और दिलचस्प खूबियों से और बेहतर बनाया जाएगा।”
सरकार और सामाजिक संगठन देश में बुजुर्गों के लिए चिकित्सकीय और स्वास्थ्यसेवा समाधानों को विकसित कर रहे हैं। ऐसे में सीनियॉरिटी ने उनकी भावनात्मक और जीवनशैली संबंधी जरूरतों का विशेष तौर पर ख्याल रखा है। एवरग्रीन क्लब आने वाले समय में हमारे बुजुर्गों को एक खुशहाल और सकारात्मक भविष्य देने की दिशा में उठाया गया एक कदम है
बुजुर्गो और ज्यादा उम्र के लोगों की भावनात्मक सेहत को ध्यान में रखते हुए, भारत में बुजुर्गों के सबसे बड़े शॉपिंग डेस्टिनेशन सीनियॉरिटी ने एवरग्रीन क्लब को लॉन्च किया है। एवरग्रीन क्लब विशेष रूप से देश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह अपने आप में एक अलग तरह की पेशकश है, जिसका निर्माण वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसके जरिए उन लोगों के लिए रोचक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और उन्हें नए और सार्थक संबंध बनाने में मदद मिलेगी।
एवरग्रीन क्लब एक वेब और एप आधारित प्लेटफॉर्म है जहां 55 साल से अधिक उम्र के लोग वर्चुअली अपने जैसे समान विचार वाले लोगों के साथ ‘ई-मीट’ कर सकते हैं और समान रुचि वाले मसलों पर एक दूसरे से बातचीत कर सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को यहां अंताक्षरी, तंबोला, ओपेन माइक, कराओके आदि जैसे संवादपरक सत्रों में भी भाग लेने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही वे बागबानी, योग, डांस थेरेपी, क्राफ्ट्स और अन्य लर्निंग-बेस्ड एक्सपर्ट सेशंस में भी हिस्सा ले सकते हैं। मनोरंजक गतिविधियों के अलावा उन्हें रचनात्मक आदतों को विकसित करने और अपने घर बैठे ही नए टैलेंट को विकसित करने मदद मिलेगी। यह प्लेटफॉर्म उन्हें एक्सक्लूसिव कंटेंट मसलन ब्लॉग और वेबिनार तक भी पहुंच मुहैया कराएगा।







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