











































प्रतीकात्मक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चिकित्सकों के स्थानांतरण को लेकर इस महीने की शुरुआत से काफी चर्चाएं हो रही हैं। डॉक्टर्स के ट्रांसफर्स में गड़बड़ी को लेकर स्वास्थ्य विभाग में खींचतान चल रही थी। अब इस मामले की जांच शुरू हो गई है। आइए पहले कुछ डॉक्टर्स के स्थानांतरण का हाल देखते हैं।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग (Provincial Medical Services cadre) के लगभग 350 चिकित्सकों ने अपने ट्रांसफर (doctors transfer case) को शिकायत दर्ज करवाई है। इसकी एक बानगी देखिए -
1- डॉ अजय शंकर त्रिपाठी लोकबंधु अस्पताल, लखनऊ (Lokbandhu Hospital, Lucknow) में चिकित्सा अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। पिछले लगभग डेढ़ साल के कार्यकाल में इन्होंने अस्पताल की कायापलट कर दी। मृदुभाषी तथा मिलनसार डॉ अजय से मरीज ही नहीं बल्कि विधायक, सभासद और एलडीए कालोनी कानपुर रोड के नागरिक आत्मीय तौर पर जुड़ गए थे। इनका ट्रांसफर भदोही कर दिया गया है। जिसको स्थानीय निवासी अच्छे कार्य का दण्ड बता रहे हैं।
2- डॉ शारदा रंजन सुल्तानपुर में अकेली रेडियोलॉजिस्ट (radiologist) है और इनका ट्रांसफर बलरामपुर कर दिया गया है तथा इनकी जगह पर दूसरे डॉक्टर की तैनाती भी नहीं की गई है।
3- डॉ पुष्पलता कनौजिया के रिटायरमेंट में महज 2 साल बचे हैं और इनका ट्रांसफर लखनऊ से लखीमपुर खीरी कर दिया गया है।
4- डॉ प्रेम प्रकाश एक साल पहले बलिया से आजमगढ़ आए थे और अब इन्हें सिद्धार्थ नगर भेज दिया गया है।
5- डॉ रेखा रानी झांसी मण्डल की संयुक्त निदेशक है और कैंसर से पीड़ित हैं। इनका ट्रांसफर ललितपुर कर दिया गया है।
तो यह एक बानगी भर है उत्तर प्रदेश में चिकित्सकों के स्थानांतरण की। जुलाई की शुरुआत से ही इस मामले ने तूल पकड़ रखा है और अब उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक (Deputy Chief Minister Brijesh Pathak) से की गई शिकायत पर डीजी हेल्थ डॉ लिली सिंह ने जांच (Investigation started) बैठा दी है। कई चिकित्सकों के तबादले निरस्त भी किए गए हैं लेकिन बड़ी संख्या में डॉक्टर्स अपने ट्रांसफर को कैंसिल होने को लेकर इंतजार भी कर रहे हैं।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा के महामंत्री डॉ अमित सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही डॉक्टर्स से पूरा ब्यौरा ले कर आनलाइन फीडिंग भी कर दी थी इसके बावजूद काफी बड़े स्तर पर ट्रांसफर में गड़बड़ियां देखी जा रही है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।
डॉक्टर्स का कहना है कि डीजी हेल्थ डॉ लिली सिंह (DG Health Dr. Lilly Singh) ने 5 सदस्यीय समिति बनाई है जो चिकित्सक ट्रांसफर प्रकरण की जांच कर रही है लेकिन निदेशक स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही कौन करेगा।







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