











































लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के दूसरे स्थापना दिवस पर इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में दूसरे सत्र में डिजिटल हेल्थ इमेजिंग हेल्थ केयर फॉर ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।
पद्मभूषण, एमएस, एफआरसीएस, और कार्डियक सर्जन डॉ देवी प्रसाद शेट्टी (Dr Devi Prasad Shetty) ने आरएमएल यूनिवर्सिटी के छात्रों और फैकल्टी को सम्बोधित करते हुए कहा कि डिजिटल हेल्थ (Digital Health) एंड डाटा विजुलाइजेशन (Data Visualization) विषय पर विस्तार से विचार करने की आवश्यकता है। यदि हमारा चिकित्सा जगत यदि डिजिटल हो जाता है तो यह सिर्फ मरीजों के लिए ही नहीं अपितु चिकित्सकों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि होगी। इसके माध्यम से हमें किसी भी मरीज का रिकॉर्ड रखने में आसानी होगी।
उन्होंने कहा हमारे देश के इंजीनियर्स में इतनी काबिलियत है कि वहां चिकित्सा जगत की किसी भी समस्या का समाधान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence) के माध्यम से कर सकते हैं। आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही है। किसी भी चिकित्सक को किसी भी बीमारी के सटीक डायग्नोसिस (accurate diagnosis) के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करना पड़ेगा।
दुनिया में 3000 तरह की बीमारियां हैं, डॉक्टर 2000 के बारे में याद रख पाता है और शेष के लिए उसे जादू के ऊपर एमआरआई (MRI) अल्ट्रासाउंड (ultrasound) के ऊपर निर्भर रहना पड़ता है। भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से ही रेडियोलॉजिस्ट (radiologists) इलाज करेंगे।

उन्होंने एक सॉफ्टवेयर वेयर के उदाहरण के माध्यम से यह बताया कि किस प्रकार डिजिटलाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मरीजों के इलाज में कारगर साबित होगा, चिकित्सक देश के किसी भी कोने में रहकर के मरीज की हेल्थ प्रोग्रेस के बारे में पता कर सकता है।
उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि किसी भी प्रकार का सॉफ्टवेयर मोबाइल फ्रेंडली होना चाहिए जिससे हम कहीं पर भी आसानी से देख सकते हैं। व्याख्यान के बाद डॉ देवी शेट्टी ने दर्शकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर समरेंद्र आचार्य रेडियोलॉजी विभाग द्वारा किया गया। संस्थान (RML University) की निदेशक प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद (Professor Sonia Nityanand) द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। डॉ विक्रम सिंह ने संस्थान संस्थान द्वारा डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में क्या पहल की जा रही है और आने वाले समय में संस्थान कि इस क्षेत्र में क्या योजनाएं हैं पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रकाश डाला।
इस दौरान (foundation day) संस्थान की निदेशक प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश एवं अध्यक्ष डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), दुर्गा शंकर मिश्र (Durga Shankar Mishra), प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं उपाध्यक्ष डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Lohiya hospital) आलोक कुमार, डीन प्रोफेसर नुजहत हुसैन, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विक्रम, समस्त संकाय सदस्य (faculty) छात्र गण एवं रेजिडेंट डॉक्टर (resident doctors) एवं अधिकारी उपस्थित रहे।







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