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लखनऊ। बहुत से विद्यार्थी एमबीबीएस की तैयारी करते हैं लेकिन कुछ ही इस परीक्षा में सफल हो पाते है। असफल हुए विद्यार्थी अब नर्सिंग व पैरामेडिकल में अपना भविष्य बना सकते है। जल्द ही विज्ञान के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा विभाग सौगात देने वाला है।
विज्ञान के विद्यार्थियों को नर्सिंग व पैरामेडिकल की शिक्षा देने के लिए जल्द ही माध्यमिक शिक्षा विभाग (Secondary Education) तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग (Medical Education) के बीच समझौता होने वाला है। इससे विज्ञान के कुशल विद्यार्थी अब नर्सिंग व पैरामेडिकल में अपना भविष्य बना सकेंगे।
दरअसल, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक सर्वे करवाया था जिसमें यह पता चला कि नर्सिंग (nursing) व पैरामेडिकल कोर्सेज की पढ़ाई कर कालेजों में शिक्षक भी बना जा सकता है और इस बात को विद्यार्थी तथा अभिभावक जानते तक नहीं हैं। विद्यार्थी तथा अभिभावक केवल एमबीबीएस (MBBS) को ही अपना लक्ष्य मानते है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आलोक कुमार, प्रमुख सचिव (Principal Secretary), चिकित्सा शिक्षा इसके लिए तैयारियां कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभावान छात्र इन कोर्सेज की पढ़ाई कर करियर बनाएं इसके लिए महीने में एक दिन स्कूलों में विशेषज्ञ जाकर विद्यार्थियों को इन कोर्सेज के बारे में जानकारी दी जाएगी।
चिकित्सा शिक्षा विभाग नर्सिंग व पैरामेडिकल कोर्सेज (paramedical courses) की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी ध्यान दे रहा है। छात्रों को जागरूक करने लिए विभाग इसका प्रचार-प्रसार भी करेगा। विद्यार्थियों का रूझान इन कोर्सेज की तरफ बढ़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के बीच समझौता होने से ना केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि नर्सिंग व पैरामेडिकल क्षेत्र की बड़ी आवश्यकताओं को भी पूरा किया जा सकेगा।







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