











































गुरु श्री गोरक्षनाथ कॉलेज आफ नर्सिंग में दीप प्रज्वलन एवं सेवा शपथ ग्रहण ग्रहण समारोह की एक तस्वीर
गोरखपुर। एक सफल एवं कुशल परिचारिका के लिए चार गुण विशिष्ट होते हैं अनुरक्ति, सत्यता, दक्षता और बुद्धिमता। इसी के साथ मित्रता, करुणा और प्रेम भाव के बल पर कई बार परिचारिका या नर्स की भूमिका चिकित्सक से भी महत्वपूर्ण हो जाती है। चिकित्सक सिर्फ दवा लिखते हैं जबकि परिचारिकाएं रोगियों के पास सर्वाधिक समय व्यतीत करते हुए उन्हें दवा देती हैं। उनकी देखभाल करती हैं। रोगी को स्वस्थ करने उन्हें मानसिक रूप से लड़ने को तैयार करने में परिचारिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वास्तव में परिचारिकाओं की भूमिका हमें यह बताती है कि रोगियों की सेवा से बढ़कर कोई और धर्म नहीं है।
यह बातें राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग, मेडिकल असेसमेंट बोर्ड ऑफ के अध्यक्ष डॉ. रघुराम भट्ट ने कही। वह गुरु श्री गोरक्षनाथ कॉलेज ऑफ नर्सिंग के "दीप प्रज्वलन एवं सेवा शपथ ग्रहण समारोह" में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। डॉ. भट्ट ने कहा कि नर्सिंग प्रशिक्षुओं के दीप प्रज्वलन समारोह को भारतीय संस्कृति के अनुरूप बनाकर आयोजन किए जाने का यहां देश के सामने अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।लैंप लाइटनिंग समारोह पाश्चात्य संस्कृति का अनुगमन रही है किंतु श्रीगोरक्षपीठ की ज्ञान परंपरा के अनुरूप इस संस्थान ने विशुद्ध भारतीय आयोजन का अनुकरणीय कार्य किया है।
अन्य संस्थानों की अपेक्षा अधिक प्रभावी, दक्ष और सेवाभावी होंगी यहां की परिचारिकाएं
लैंप लाइटनिंग की बजाय दीप प्रज्वलन एवं सेवा शपथ ग्रहण समारोह से अभिभूत नजर आ रहे मेडिकल असेसमेंट बोर्ड के अध्यक्ष डॉ रघुराम भट्ट ने कहा कि गुरु श्रीगोरक्षनाथ कॉलेज आफ नर्सिंग से पढ़कर निकली परिचारिकाएं अन्य संस्थानों की परिचारिकाओं की अपेक्षा अधिक प्रभावी, अधिक दक्ष और अधिक सेवाभावी होंगी।
उन्होंने कहा कि यहां की प्रशिक्षित परिचारिकाएं संस्थान के पाठ्यक्रम के साथ धर्म-अध्यात्म के बल पर सेवा की जो प्रेरणा प्राप्त कर रही हैं वह अद्वितीय है। आप सभी प्रशिक्षु परिचारिकाओं का सेवा संकल्प यशस्वी हो, मेरी यही शुभकामनाएं हैं।
हृदय में अहर्निश जलता रहे आरोग्यता सेवा का संकल्प दीप : डॉ सुरेखा किशोर
दीप प्रज्वलन एवं सेवा शपथ ग्रहण समारोह की विशिष्ट अतिथि एम्स गोरखपुर की डायरेक्टर डॉ सुरेखा किशोर ने कहा कि नर्सिंग प्रशिक्षुओं ने आज जिस प्रज्वलित दीप के समक्ष जो प्रतिज्ञा की है वह सेवा का दीप है। साधना का दीप है। तपस्या का दीप है। धर्म का दीप है।
सेवा के इस प्रतिज्ञा दीप से चिकित्सा जगत अधिक संपन्न और प्रकाशित होगा। आपने जो दीप जलाया है उससे स्वयं को प्रकाशित करने के साथ दूसरों के जीवन में सदा निरोगता का प्रकाश भरती रहें। मेरी कामना है कि आपके हृदय में आरोग्यता व सेवा के रूप में यह संकल्प दीप अहर्निश जलता रहे।
अहर्निश आगे बढ़ता रहेगा श्रीगोरक्षपीठ की सेवा साधना का रथ : डॉ वाजपेयी
समारोह की अध्यक्षता करते हुए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल बाजपेयी ने कहा कि श्रीगोरक्षपीठ द्वारा चिकित्सा एवं शिक्षा के लिए जलाया गया दीप अहर्निश प्रज्वलित है।
1932 में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने जो दीप प्रज्वलित किया उसे ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी महाराज ने और ऊर्जावान बनाया। इस विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलाधिपति गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सफल नेतृत्व में यह दीप सदैव प्रज्वलित होता रहे, इसके लिए हम सभी संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि श्रीगोरक्षपीठ द्वारा सेवा रूपी साधना का रथ हमेशा आगे बढ़ता रहेगा।
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय इस सेवा साधना की यात्रा का एक पड़ाव है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग प्रशिक्षुओं का दीप प्रज्वलन समारोह उसी सात्विक परंपरा में सेवा शपथ का हिस्सा है जो श्रीगोरक्षपीठ की संस्थाएं लोक कल्याण के लिए लेती रहती हैं।
382 छात्राओं ने ली सेवा शपथ
गुरु श्री गोरक्षनाथ कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग की प्राचार्य प्रो अजीथा डीएस ने एएनएम, जीएनएम और बीएससी नर्सिंग की कुल 382 छात्राओं को सेवा शपथ दिलाई।
इस अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय आरोग्यधाम के कुलसचिव डॉ प्रदीप कुमार राव, नर्सिंग कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल प्रिंसी जी, एसोसिएट प्रोफेसर दिव्या, असिस्टेंट प्रोफेसर प्रभु, अंजली गुप्ता, ममता, नर्सिंग ट्यूटर लियो सिंसी, सुमित कुमार, आंचल गुप्ता, ज्योति वर्मा, एकता पुष्कर, निधि जायसवाल, आराधना कुमारी, समीक्षा मिश्रा, मनीषा राय, अंजलि तिवारी, स्वाति मिश्रा, वंदना सिंह, शालू वंदना जायसवाल, पूजा जायसवाल समेत 700 छात्राएं उपस्थित रहीं।







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