












































प्रतीकात्मक चित्र
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हर व्यक्ति के शरीर में दो गुर्दे होते हैं, जो मुख्य रूप से यूरिया, क्रिएटिनिन, एसिड, आदि जैसे नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट पदार्थों को रक्त में से छानने के लिए जिम्मेदार होते हैं। (जो सभी शरीर में चयापचय के उत्पाद हैं) और इस तरह मूत्र का उत्पादन करते हैं।
किडनी की बीमारी के लक्षण और उसके बचाव के लिए लखनऊ के जाने माने नेफ्रोलॉजिस्ट (nephrologist) और रीनल साईंसेस के निदेशक डॉ. दीपक दीवान (Dr. Deepak Dewan) ने किडनी को एक साइलेंट किलर बीमारी कहते हुए बताया कि किडनी की बीमारी की सबसे खतरनाक बात यह है कि यह दबे पांव शरीर पर हमला करती है। अधिकांश मामलों में मरीज को जब पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। लोग अपने रक्तचाप, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर की नियमित रूप से जांच करवाते रहते हैं। वे अपने गुर्दे की किसी भी समस्या का पता लगाने के लिए अपने रक्त में एक सरल क्रिएटिनिन परीक्षण भी नहीं करवाते।

2015 के ग्लोबल बर्डन डिजीज के अध्ययन के अनुसार, क्रोनिक किडनी रोग को भारत में मृत्यु दर के आठवें प्रमुख कारणों में से एक के रूप में स्थान दिया गया है। आखिरी उपाय के तौर पर डायलिसिस और किडनी (kidney) ट्रांसप्लांट के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता है। सवाल यह है कि किसी व्यक्ति को कब अपनी किडनी (kidney) की चिंता करनी चाहिए? डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए? इसी बारे में जानकारी देते हुए डॉ. दीवान ने बताया कि किडनी के सही से काम न करने के कई संकेत होते हैं। अधिकांश समय लोग इन्हें अनदेखा कर देते हैं या किसी और तरह की समस्या समझकर भ्रमित हो जाते हैं। इसलिए किडनी को लेकर हर व्यक्ति को सतर्क रहना चाहिए।
अगर आपको उच्च रक्तचाप, मधुमेह (diabetes), मोटापा, मेटाबॉलिक सिंड्रोम है या कोरोनरी आर्टरी डिजीज या किडनी फेल होने का पारिवारिक इतिहास है या आप 60 वर्ष से अधिक उम्र के हैं तो आपको नियमित रूप से गुर्दे की जांच करवाते रहना चाहिए।
किडनी की बीमारियों के सामान्य लक्षण - Common symptoms of kidney diseases
चेहरे की सूजन- facial swelling
चेहरे, पेट और पैरों में सूजन, किडनी (kidney) की बीमारी की ओर संकेत करते है। किडनी की बीमारी की वजह से जो सूजन होती है, आम तौर पर वह बहुत जल्दी नजर आ जाती है।
भूख की कमी, मितली एवं उलटी- Loss of appetite, nausea and vomiting
भूख की कमी, मितली, उलटी, मुँह में असामान्य स्वाद लगना आदि कुछ आम लक्षण हैं। किडनी की बिगड़ती दशा के साथ शरीर में विषाक्त पदार्थों के स्तर में वृद्धि होती जाती है। जिसके फलस्वरूप मितली, उलटी, जी मचलाना और कई बार मरीज को अत्यधिक हिचकियाँ आती है।
उच्च रक्तचाप- high blood pressure
किडनी (kidney) की खराबी के कारण रोगियों में उच्च रक्तचाप होना एक आम लक्षण है। अगर उच्च रक्तचाप कम उम्र में (30 साल से कम) हो जाये या किसी भी उम्र में रक्तचाप जाँच के समय में बहुत अधिक है तो इसका कारण किडनी रोग हो सकता है।
रक्तल्पता या एनीमिया और कमजोरी - Anemia or anemia and weakness
जल्दी थकान लगना, शरीर में पीलापन, किडनी की खराबी के आम लक्षण हैं। किडनी की खराबी की प्रारंभिक अवस्था में केवल यही एक लक्षण सामने आ सकता है। अगर उचित उपचार से एनीमिया ठीक नहीं होता है तो यह किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है।
पेशाब संबंधित शिकायतें - Urination related complaints
डॉ. दीवान के अनुसार पेशाब से संबंधित निम्नलिखित शिकायतें हो सकती है-
किसी व्यक्ति में उपरोक्त लक्षणों और संकेतों में से कई लक्षण उपस्थित हो सकते हैं पर यह जरुरी नहीं है की वह व्यक्ति किडनी (kidney) की बीमारी से पीड़ित हो। हालांकि इस तरह के लक्षणों की उपस्थिति में डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है। रक्त और पेशाब परीक्षण से किडनी की बीमारी का पता चल जाता है।
डॉ. दीवान कहते हैं कि किडनी (kidney) की बीमारी को रोकने के कई तरीके हैं। तो, जब तक आपकी किडनी रोगग्रस्त नहीं होती, तब तक आप प्रतीक्षा क्यों करें? अपने गुर्दे के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए निम्नलिखित कुछ उपाय हैं-
खूब पानी पिएं-
यह आपके किडनी को स्वस्थ रखने का सबसे आम और सरल तरीका है। भरपूर पानी, विशेष रूप से गर्म पानी का सेवन करने से गुर्दे को शरीर से सोडियम, यूरिया और विषाक्त पदार्थों को साफ करने में मदद करता है।
धूम्रपान छोड़ें-
धूम्रपान गुर्दे के रोग की प्रगति में बहुत ही जोखिम कारकों में से एक है। यहां तक कि 1 सिगरेट पीने से पहले से कमजोर किडनी को और नुकसान पहुंच सकता है।
कम नमक वाले आहार-
अपने खाने में सोडियम या नमक का सेवन नियंत्रण में रखें। इसका मतलब है कि आपको पैकेज्ड व रेस्टोरेंट के खाद्य पदार्थों से भी परहेज करना होगा। इसके अलावा, अपने खाने में अतिरिक्त नमक न डालें। कम नमक का आहार गुर्दे पर भार को कम करता है और उच्च रक्तचाप, उच्च रक्तचाप से संबंधित विकारों के विकास को रोकता है और गुर्दे की बीमारी की प्रगति को भी रोकता है।
नियमित रक्त शर्करा की जाँच करवाएं-
मधुमेह के रोगियों में गुर्दे की खराबी बहुत आम बात है और अगर जल्दी पता चल जाए तो इसे रोका जा सकता है। इसलिए, अपने रक्त शर्करा के स्तर की नियमित जांच करवाते रहना चाहिए।
रक्तचाप पर नजर रखें-
यदि आपको उच्च रक्तचाप है, तो अपने चिकित्सक द्वारा सलाह के अनुसार एंटीहाइपरटेन्सिव लें, और स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखें तथा आहार में आवश्यक परिवर्तन करें। रक्तचाप की भी नियमित जांच से किडनी डिसीज से बचा जा सकता है।







हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 1078
हुज़ैफ़ा अबरार October 27 2026 0 679
लेख विभाग October 25 2026 0 280
हुज़ैफ़ा अबरार October 25 2026 0 217
अखण्ड प्रताप सिंह October 26 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 154
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 154
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6713
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1680
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1666
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1547
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1505
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1470
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1358
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1323
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10339
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6713
एस. के. राणा February 01 2026 0 6594
एस. के. राणा January 20 2026 0 6335
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5943
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5796
एस. के. राणा January 13 2026 0 5362
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87680
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35946
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38853
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36379
लेख विभाग March 19 2022 0 35938
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73946
चीन में आए दिन कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यहां 27 से अधिक प्रांत कोरोना महामारी की चपेट मे
इसे एक कप पानी या दूध में डालकर उबालें। जब पानी या दूध उबलकर आधा बच जाए, तो इसे गर्म चाय की तरह पिएं
स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने मंगलवार को संसद में कहा था कि जनवरी से 16 जुलाई तक भारत
गायनिक कैंसर अवेयरनेस माह के अवसर पर सहारा हॉस्पिटल में दो दिवसीय नि:शुल्क गायनिक कैंसर स्क्रीनिंग श
बूंदी में तैनात राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी मानवीय पहल सामने आई है, जो कि चर्चा विषय बन चुकी है।
हिमाचल के हमीरपुर मंडल में कुछ गांवों में डायरिया के मामले में लगातार इजाफा हो रहा है। अभी तक आधा दर
लगभग एक तिहाई भारत थायराइड विकार से पीड़ित है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉयड विकार विकसित
प्राकृतिक सौंदर्य वाले होंठ, महिलाओं के चेहरे की सुंदरता को दोगुना बढ़ाने का काम करते हैं। जिनके हों
देश में कोरोना संक्रमण में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। वहीं सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज महाराष्ट्र में
केजीएमयू के डॉक्टरों को अब सरकारी खर्च पर देश-विदेश में होने वाले सेमिनारों में शामिल होने के लिए ज्

COMMENTS