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लखनऊ। सहारा हास्पिटल लखनऊ में 17 वर्षीय किशोर की पैदाइशी उलटे स्थान पर स्थित आँतों को एक जटिल सर्जेरी द्वारा ठीक किया गया। सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. अजय यादव के नेतृत्व में उनकी टीम ने ऑपरेशन में सफलता पायी।
डा. यादव ने बताया कि मऊ जिले के रहने वाले उक्त किशोर की छोटी आंतों और बड़ी आँतों की जगह बदल गयी थी। इसकी जानकारी एंडोस्कोपी, सीटी स्कैन के साथ ही लगभग सारी जांच के बाद हुई, तब जाकर ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। अब मरीज को खाने-पीने में कोई दिक्कत नहीं है और वह पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गया है।
उन्होंने आगे बताया कि मऊ जिले के रहने वाले, 17 वर्षीय किशोर को एक महीने पहले पेट दर्द के बाद उल्टियाँ हुईं। उसने मऊ के एक हॉस्पिटल में दिखाया, जहाँ डाक्टर ने कुछ दवाइयाँ दी, लेकिन कुछ समय बाद वही समस्या फिर से उभर आयी। इसके बाद मऊ के एक हॉस्पिटल में मरीज एक सप्ताह तक भर्ती रहा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, तब परिजनों ने मरीज को उस हास्पिटल से डिस्चार्ज करवाया और मऊ के ही दूसरे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवा दिया, जहाँ 8 से 10 दिन तक चले इलाज के बाद फिर से उन्हें उल्टियाँ होने लगीं। तब डॉक्टर ने लखनऊ में इलाज करवाने सलाह का दिया।
मरीज़ के परिजनों ने उसको सहारा हॉस्पिटल लखनऊ में सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. अजय यादव को दिखाया। जांच के दौरान पता चला कि जन्म से ही उनकी आतें विपरीत जगह पर थी। डा. यादव ने तुरंत उसको ऑपरेशन के लिए भर्ती होने की सलाह दी। छोटी आंतों और बड़ी आँतों की जगह बदल गयी थी, जिसको ऑपरेशन करके सही जगह पर बिठाया गया। हालाँकि ऑपरेशन डॉ. यादव के लिए चुनौतीपूर्ण था परंतु उन्होंने अपनी सूझबूझ और अपने प्रयासों से ऑपरेशन में सफलता पायी। इसके बाद मरीज को उल्टियों से छुटकारा मिला।
सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सलाहकार अनिल विक्रम सिंह ने बताया कि सहारा हॉस्पिटल को जिस विजन के साथ हमारे अभिभावक सहाराश्री जी ने निर्मित किया है, उस विजन को पूरा करने की दिशा में सहारा हॉस्पिटल निरंतर दिन प्रतिदिन नये आयाम स्थापित कर रहा है। इसी कड़ी में सहारा हॉस्पिटल के दक्ष व कुशल अनुभवी गैस्ट्रो सर्जन ने चुनौती को स्वीकार करते हुए पुन: एक जटिल सर्जरी को बेहद सफलतापूर्वक अंजाम दिया और मरीज को जटिल समस्या से छुटकारा दिलाया।







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