











































प्रतीकात्मक चित्र
लखनऊ। टीबी मरीजों की जाँच में तेजी लाने के लिए सरकार की तरफ से एक नई पहल की गयी है। इसके तहत आयुष्मान भारत-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से निकटतम परीक्षण केंद्र तक सैम्पल पहुंचाने के लिए सैम्पल ट्रांसपोर्टर की मानदेय के आधार पर तैनाती की जाएगी। इससे बलगम कलेक्शन के बाद जाँच रिपोर्ट जल्दी से जल्दी आने की राह आसान बन सकेगी।
राज्य क्षय नियन्त्रण कार्यक्रम अधिकारी (State Tuberculosis Control Program Officer) डॉ. शैलेन्द्र भटनागर का कहना है कि प्रदेश को तय समय में टीबी मुक्त (TB-free) बनाने में यह पहल अहम भूमिका निभाएगी। घर के नजदीक ही संभावित टीबी मरीजों (TB patients) के बलगम कलेक्शन की व्यवस्था आयुष्मान भारत-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (Ayushman Bharat-Health and Wellness Center) पर की गयी है। इसलिए दो हफ्ते से अधिक समय से खांसी (cough) आने, बुखार बना रहने, वजन गिरने, खांसते समय खून आने जैसी समस्या हो तो तत्काल नजदीकी सेंटर पर सम्पर्क करें, क्योंकि यह टीबी के लक्षण (symptoms of TB) हो सकते हैं।
सैम्पल को जल्द से जल्द निकटतम परीक्षण केंद्र तक पहुंचाने की भी व्यवस्था अब कर दी गयी है। इसके लिए रूट चार्ट और माइक्रो प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत एक सैम्पल ट्रांसपोर्टर (sample transportation) को चार से सात हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से सैम्पल ट्रांसपोर्टेशन की जिम्मेदारी दी जायेगी ताकि सैम्पल उसी दिन जाँच केंद्र तक पहुँचाया जा सके और रिपोर्ट में टीबी की पुष्टि होने के बाद जल्दी से जल्दी उनका इलाज (Treatment) शुरू किया जा सके।
डॉ. भटनागर ने बताया कि प्रदेश के करीब 19 हजार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (health and wellness centers) के लिए 2886 सैम्पल ट्रांसपोर्टर को मानदेय के आधार रखे जाने की योजना है। इसके लिए सेंटर पर तैनात कम्युनिटी हेल्थ आफीसर (Community Health Officer) आशा और एएनएम को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। सैम्पल पैकिंग जाँच केंद्र भेजने और रिपोर्ट को निक्षय पोर्टल पर समय से अपडेट करने की जिम्मेदारी सीएचओ की होगी। सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत करते हुए उनकी आईडी बना दी गयी है। सीएचओ किसी भी तरह की समस्या आने पर सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर व अन्य द्वारा मदद प्राप्त कर सकते हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 350
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3780
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3668
एस. के. राणा January 20 2026 0 3626
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3346
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2877
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33895
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
डॉक्सीसाइक्लिन एक सस्ता और व्यापक रूप से उपलब्ध एंटीबायोटिक है जो फेफड़ों की क्षति को कम कर सकता है,
दिवाली के बाद राजधानी में पिछले साल की तुलना में वायु प्रदूषण कम होने की वजह से दिल्ली के अस्पतालों
रुमेटिक हार्ट डिजीज के मरीजों का इलाज के लिए मरीजों को निजी अस्पताल में दो लाख के आसपास खर्च करने पड
विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष के अनुसार, डिप्थीरिया, टेटनस और पेरटुसिस से बचाव के
कोरोना वायरस का कहर अभी खत्म नहीं हुआ है। वहीं इस बीच, रूस से खबर है कि यहां चमगादड़ों में कोरोना जै
मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग में जल्द ही नेत्र बैंक स्थापित होगा। यहां कार्निया ट्रांस
रिमेगेपेंट नाम की जनेरिक दवा को फाइजर VYDURA® ब्रांड नाम के तहत बाजार में बेचता है। इसका उपयोग माइग्
हमलोग उनको सोशल डिस्टैन्सिंग, मास्क और सैनिटाइज़र के बारे में बताते थें। जिससे उनका भय काम हो। लॉकडाउ
देश में H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया
कल योग करेंगे चिकित्सक, साइकिलिंग भी करेंगे, पौधे भी लगाएंगे। कुल मिलाकर संदेश यह देना है कि प्रकृति

COMMENTS