











































प्रतीकात्मक
कानपुर। ज़िले में जीका वायरस के तीन नए मरीज मिले हैं। अब यहां कुल मरीजों की संख्या चार हो गई है। ऐसे में प्रदेशभर में निगरानी बढ़ा दी गई है। केरल व राजस्थान से आने वाले लोगों के बुखार होने पर डेंगू के साथ जीका की भी जांच कराई जाएगी। कानपुर में तीन किलोमीटर के दायरे में कंटेनमेंट जोन बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
कानपुर में 15 दिन पहले एक मरीज में जीका वायरस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चार सौ मीटर के दायरे में रहने वाले और पॉजिटिव मरीज के सीधे संपर्क में आने वालों की जांच कराई गई। कानपुर से भेजे गए 510 सैंपल की केजीएमयू की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब में जांच हुई, जिसमें तीन मरीजों के सैंपल में जीका वायरस की पुष्टि हुई है। अब कानपुर में तीन किलोमीटर में दायरे में कंटेनमेंट जोन बनाकर हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जाएगी। बुखार वाले मरीजों की जीका वायरस की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. वेदव्रत सिंह ने कानपुर में विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। यहां पॉजिटिव पाए गए मरीज जिन इलाके में गए हैं, वहां के बारे में भी जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। तीन किलोमीटर के दायरे को प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इस क्षेत्र में जिन्हें भी बुखार होगा, उनकी जीका से संबंधित जांच कराई जाएगी। इसी तरह अन्य जिलों के सीएमओ व सीएमएस को बुखार के मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने, लक्षण होने पर जीका वायरस की जांच के लिए सैंपल भेजने के निर्देश दिए हैं।
हर जिले को रैपिड रिस्पांस टीम तैना करने के निर्देश
स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सीएमओ को निर्देश दिया है कि तत्काल रैपिड रिस्पांस टीम तैयार कर ली जाए। जहां डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या अधिक है, वहां लोगों की डेंगू संबंधित जांच कराने के साथ ही कुछ सैंपल जीका के लिए भी भेजे जाएंगे। इस रैंडम सर्वे के जरिए यह जानकारी मिलेगी कि कहीं संबंधित इलाके में जीका का असर तो नहीं है। इसी तरह गर्भवती महिलाओं में बुखार होने पर निगरानी करने, न्यूरोलॉजिकल डिस्आर्डर होने पर निगरानी करने और जरूरत के मुताबिक जांच कराने, गुलियन बेरे सिंड्रोम (जीबीएम) के संदिग्ध मरीजों की निगरानी करने और लक्षण के आधार पर जीका वायरस की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
विदेश या दूसरे राज्य से आने वालों की होगी जांच
कानपुर में जीका वायरस के मरीजों की संख्या चार होने के बाद विदेश से आने वालों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह केरल सहित अन्य राज्यों से आने वालों की भी निगरानी की जाएगी। जिन लोगों में बुखार, सिरदर्द, क मजोरी, मांसपेशी व जोड़ में दर्द, आंख में लालिमा के साथ दक्षिण के राज्यों से यात्रा कर लौटने का बात सामने आएगी, उनकी जीका वायरस से जुडी जांच भी कराई जाएगी। बुखार प्रभावित इलाके में एडीज मच्छर के प्रजनन जांच अभियान, परिवारों को जागरूक करने, लार्वा नष्ट कराने के लिए दवा छिड़काव सहित अन्य गतिविधियां चलाई जाएंगी।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 987
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
कैंपस में रैगिंग को लेकर सीनियर्स छात्रों को सख्त हिदायत दिया गया है। सोमवार को एक समारोह आयोजित किय
मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए योग आज लगभग हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। इसी
पीरामल फाउंडेशन की मदद से इस कमांड सेंटर को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय में स्थापित किए जाने
भारत में जो कुछ हो रहा है वह एक त्रासदी है। भारत के सामने दो या कई सारी चुनौतियां हैं, लेकिन वहां अभ
कोरोना की चौथी लहर 22 जून के आसपास शुरू हो सकती है। यह अगस्त के अंत तक चरम पर हो सकती है। सरकार ने क
यह सच है हमारे यहां डाक्टर की कमी है। इसको लेकर हमने सीएमओ साहब को सूचित कर दिया है देखिए कब तक यहां
जब आप मेकअप कर रही हों, तब आपके के लिए बहुत जरूरी होता है, कि आप एक एकदम क्लीन चेहरे के ऊपर काम करें
सिंघाड़े में पोटेशियम वाले आहर उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक जैसे हृदय रोग के जोखिम वाले कारकों को कम करने
मंकीपॉक्स संक्रमण को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। इसकी जांच करने के लिए पहला स्वदेशी निर्मित आरटी
CAR-T सेल थेरेपी एक तरह की इम्यून एंटीकैंसर ड्रग्स है यानी यह बॉडी के इम्यून सिस्टम को ही कैंसर सेल

COMMENTS