देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

मोटापे से पीड़ित मरीजों में हर्निया के इलाज के लिए बेहतर उपचार पद्धतियाँ।

हर्निया पेट की दीवार में आई एक तरह की गड़बड़ी है जिसमें पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं जिस कारण गांठ या छेद हो जाता है। हर्निया पुरुष, महिला और बच्चों में से किसी को हो सकता है।

0 33033
मोटापे से पीड़ित मरीजों में हर्निया के इलाज के लिए बेहतर उपचार पद्धतियाँ। प्रतीकात्मक

लखनऊ। चिकित्सा विज्ञान में हुई हाल की तरक्कियों के कारण हर्निया के  इलाज में अब तेज रिकवरी, पुनरावृत्ति की संभावना का खतरा नहीं, कम दर्  द और बेहतर जीवन गुणवत्ता जैसी विशेषताएं जुड़ गई हैं। हालांकि बहुत  आसानी से इसके लक्षण महसूस होने और डायग्नोस हो जाने के बावजूद  उभार वाली जगह पर दर्द इतना तेज और गंभीर होता है कि इसका तत्काल  इलाज कराने की जरूरत पड़ जाती है
 
मैक्स हेल्थकेयर में लेपरोस्कोपिक, एंडोस्कोपिक और बैरियाट्रिक सर्जरी के चेयरमैन डॉ. प्रदीप चौबे ने कहा, 'मोटापा, गर्भावस्था, भारी वजन उठाना, पुरानी कफ की समस्या, कब्ज और पेशाब करने में दिक्कत के कारण आंत पेट की दीवार की तरफ बढ़ सकती है और आंत का एक हिस्सा विकसित होकर गांठ में बदल जाता है। यही गांठ हर्निया कहलाती है। मोटापा का संबंध प्राइमरी और इनसिशनल हर्निया के ज्यादातर मामलों से होता है। मोटापे से पीड़ित व्यक्ति (बीएमआई 40 से अधिक) को हर्निया का इलाज कराने से पहले वजन घटाने पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही भारी वजन उठाने, कफ की समस्या और पेशाब करते वक्त जोर लगाने या लंबे समय तक बैठने या खड़े होने के दौरान आंत के खिसकने के कारण भी दर्द का अनुभव होता है'

हालांकि कई तरह की उपलब्ध उपचार पद्धतियों में ओपन और लेपरोस्कोपिक सर्जरी भी शामिल है लेकिन कुछ खास फायदे को देखते हुए मरीज लेपरोस्कोपिक सर्जरी ही चुनते हैं। हर्निया से पीड़ित जो मरीज मोटापे से भी पीड़ित होते हैं, उन्हें बैरियाट्रिक सर्जरी के जरिये पहले वजन कम कर लेने की सलाह दी जाती है। इसके बाद ही उन्हें हर्निया का आॅपरेशन कराना चाहिए क्योंकि अधिक वजन के कारण इसकी पुनरावृत्ति की संभावना अधिक रहती है।

हर्निया पेट की दीवार में आई एक तरह की गड़बड़ी है जिसमें पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं जिस कारण गांठ या छेद हो जाता है। हर्निया पुरुष, महिला और बच्चों में से किसी को हो सकता है। कुछ हर्निया जन्मजात होते हैं, जबकि अन्य प्रकार के हर्निया समय के साथ विकसित होते हैं। इन्हें प्राइमरी हर्निया कहा जाता है। इस तरह के हर्निया पेड़ू और जांघ के बीच, पेट के निचले हिस्से में और मध्यवर्ती हिस्से में होते हैं। जिस जगह पर सर्जिकल आॅपरेशन होता है, वहां विकसित होने वाले हर्निया को इनसिशनल हर्निया कहा जाता है।

उन्होंने कहा, 'इसका दर्द बहुत तेज और अचानक भी हो सकता है या हल्का दर्द शुरू होने के साथ दिन का अंत आते—आते बढ़ता जाता है। हर्निया के सूजन वाले स्थान पर गंभीर और निरंतर दर्द, लाली और नरमी जैसे लक्षण बताते हैं कि आंत उलझ या दब गई है। ये लक्षण चिंता के कारण होते हैं और किसी फिजिशियन या सर्जन से तत्काल इलाज करा लेना ही अच्छा होता है।'

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

मरीजों तक दवा पहुंचाने के लिए अस्पतालों में आपूर्ति सुनिश्चित करायी जाएं: ब्रजेश पाठक

मरीजों तक दवा पहुंचाने के लिए अस्पतालों में आपूर्ति सुनिश्चित करायी जाएं: ब्रजेश पाठक

रंजीव ठाकुर May 11 2022 30529

उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य केन्

सहारा हॉस्पिटल की स्थापना दिवस के 14 वर्ष पूर्ण, मनाया गया वार्षिकोत्सव

सहारा हॉस्पिटल की स्थापना दिवस के 14 वर्ष पूर्ण, मनाया गया वार्षिकोत्सव

हुज़ैफ़ा अबरार March 02 2023 98206

डायरेक्टर डॉ मजहर हुसैन ने नर्सों का योगदान को महत्वपूर्ण योगदान बताते हुए कहा कि चिकित्सक दवा लिखते

भारत को टीबी मुक्त बनाने में धर्मगुरुओं की भूमिका अहम

भारत को टीबी मुक्त बनाने में धर्मगुरुओं की भूमिका अहम

हुज़ैफ़ा अबरार March 03 2022 29828

जिला क्षय रोग अधिकारी ने धर्मगुरुओं से अपील की कि उनकी जब भी अपने समुदाय के लोगों से वार्ता हो तो उन

लखनऊ मेट्रो इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिक्स ने किया लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग सेरेमनी का आयोजन 

रंजीव ठाकुर May 12 2022 63539

नर्स को मां का दर्जा दिया गया है, डाक्टर के बाद मरीज की सारी जिम्मेदारी नर्सों पर ही होती है। इसी वज

राजधानी में पहली बार बच्चों को मिलेंगी विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं

राजधानी में पहली बार बच्चों को मिलेंगी विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं

रंजीव ठाकुर April 29 2022 50958

राजधानी के मेदांता अस्पताल में आज से नियोनेटल विभाग ने काम करना शुरू कर दिया है। इसमें बच्चों को विश

लोहिया संस्थान में दूरबीन विधि से हुई पैंक्रियाज के जटिल कैंसर की सर्जरी

लोहिया संस्थान में दूरबीन विधि से हुई पैंक्रियाज के जटिल कैंसर की सर्जरी

हुज़ैफ़ा अबरार May 21 2026 0

सामान्यत: इस प्रकार के कैंसर में बड़े चीरे वाले ऑपरेशन किए जाते हैं जिससे मरीज़ को लंबे समय तक अस्पता

कटा सिर धड़ से जोड़ इजारयली डॉक्टर ने किया चमत्कार

कटा सिर धड़ से जोड़ इजारयली डॉक्टर ने किया चमत्कार

हे.जा.स. July 15 2023 129836

द टाइम्स‍ ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टरों ने 12 साल के लड़के सुलेमान हसन को बेहद जटिल सर्ज

केजीएमयू अल्युमिनाई मीट का आयोजन: यादों के साथ डॉक्टर्स ने चिकित्सा ज्ञान को भी किया साझा

केजीएमयू अल्युमिनाई मीट का आयोजन: यादों के साथ डॉक्टर्स ने चिकित्सा ज्ञान को भी किया साझा

रंजीव ठाकुर April 25 2022 42992

किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग ने अपनी स्थापना के 75वें वर्ष में 75 क

कोरोना-रोधी टीका आने से मरीज़ों का भय हुआ खत्म, ओपीडी में बढ़ी संख्या - डॉ एस के नंदा  

हुज़ैफ़ा अबरार February 18 2021 34303

हमलोग उनको सोशल डिस्टैन्सिंग, मास्क और सैनिटाइज़र के बारे में बताते थें। जिससे उनका भय काम हो। लॉकडाउ

एनडीआरएफ में मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन

एनडीआरएफ में मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन

विशेष संवाददाता February 15 2023 29589

गाज़ियाबाद की 8वीं  बटालियन एनडीआरएफ आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 165 एनडीआरफ जवानों ने रक्तदान किया।

Login Panel