












































प्रतीकात्मक
कोरोना संक्रमण से उबरे लोग नयी नयी समस्याओं का सामना कर रहें हैं। अमेरिका की वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल आफ मेडिसिन द्वारा किये गए शोध बताते हैं कि कोरोना के दीर्घकालीन प्रभाव किडनी को खराब कर सकते हैं।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, कोरोना से संक्रमित होने वाले लोगों की किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा ज्यादा पाया गया है। इसके चलते किडनी रोग का जोखिम बढ़ सकता है। अध्ययन में एक लाख 51 हजार से अधिक महिलाओं के डाटा पर भी गौर किया गया। इसके अनुसार किडनी की कार्यक्षमता में गिरावट का सबसे ज्यादा खतरा आइसीयू में भर्ती रहने वाले लोगों में पाया गया है।
कोरोना के दीर्घकालीन असर के तौर पर किडनी की कार्यक्षमता में गिरावट पाई गई है। कोरोना से मामूली रूप से संक्रमित होने वाले कई पीड़ितों में भी इस तरह की समस्या पाई गई है।
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर जियाद अल-अली ने कहा, "हमारे नतीजों से यह जाहिर होता है कि कोरोना पीड़ितों के इलाज में जुटे चिकित्सकों को इनकी किडनी की कार्यक्षमता पर भी गौर करना चाहिए। इससे हजारों लोगों को इस खतरे से बचाया जा सकता है।
कोरोना वायरस की चपेट आने वाले लोगों की सेहत पर इस घातक वायरस का गहरा प्रभाव सामने आ रहा है। संक्रमण से उबरने के बाद भी कई तरह की समस्याएं उभर रही हैं। अमेरिका की वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल आफ मेडिसिन के अमेरिकन सोसाइटी आफ नेफ्रोलाजी में अध्ययन के नतीजों को प्रकाशित किया गया है।







हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3577
एस. के. राणा January 13 2026 0 3563
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3395
एस. के. राणा January 20 2026 0 3367
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3122
एस. के. राणा February 01 2026 0 2800
एस. के. राणा February 04 2026 0 2611
उत्तर प्रदेश
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102432
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106974
सौंदर्या राय March 03 2023 0 107220
admin January 04 2023 0 107061
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97558
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85953
आयशा खातून December 05 2022 0 140567
लेख विभाग November 15 2022 0 109617
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158862
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109823
लेख विभाग October 23 2022 0 94702
लेख विभाग October 24 2022 0 98076
लेख विभाग October 22 2022 0 103792
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106739
ब्रिटेन में कोरोना वायरस के निए वैरिएंट डेल्टाक्रॉन की पुष्टि हुई है। पहले तो इसे लैब त्रुटि का परिण
वर्तमान में, चिकनगुनिया बुख़ार का कोई भी इलाज़ नहीं है और इस रोग से बचने का एकमात्र उपाय है- मच्छरों
ज्यादातर लोग वैसलीन का उपयोग त्वचा व होंठों को मुलायम रखने के लिए करते हैं। लेकिन इसके अलावा भी वैसल
गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भी मवेशियों में लंपी वायरस की पुष्टि होने के बाद बस्तर में जिला
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों की मौत अन्य गंभीर बीमारियों के कारण हुई है।
मई 2018 के बाद भारत से बाहर किसी भी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने के इच्छुक उम्मीदवारों को एनईईटी परी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक योजना के चौथे चरण के तहत अगले पांच वर्षों (2027 तक) में जिला अस्पत
सीएम योगी ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए यूपी में सभी संसाधन उपलब्ध हैं। देश में बढ़ते केस को देखते
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की बाल सुरक्षा के लिए काम करने वाली एजेंसी यूनिसेफ ने एक अध्ययन में बताया
मैनपुरी जिला अस्पताल में दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले छह दिन में ओपीडी में डायरिया के 298 मरीज पहुं

COMMENTS