देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

कॉर्निया की बीमारी का इलाज।

केराटोकोनस आंखों की वह अवस्था होती है, जिसमें कॉर्निया का आकार, जो आमतौर पर गोलाकार होता है, विकारग्रस्त होकर शंकु के आकार में तब्दील हो विकसित होने लगता है। इस प्रकार पीड़ित की दृष्टि कम होने लगती है।

लेख विभाग
January 06 2021 Updated: January 14 2021 04:46
0 28734
कॉर्निया की बीमारी का इलाज। प्रतीकात्मक फोटो

- डॉ. महिपाल सचदेव
   निदेशक, सेंटर फार साइट, नई दिल्ली

युवावस्था में हमारे शरीर में कई महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं जैसे शारीरिक अंगों का विकास, मुहांसों में बढ़ोतरी आदि। इस अवस्था में आंखों में भी बदलाव हो सकते हैं, इसमें गोलाकार कॉर्निया पतला होकर शंकु के आकार में होता है, यही केराटोकोनस है। पिछले कुछ समय से इसका इलाज होने लगा है।

दरअसल, केराटोकोनस के लक्षण किशोरावस्था में ही दिखने लगते हैं और 20 से 30 वर्ष तक पहुंचते-पहुंचते बेहद घातक रूप ले सकते हैं। केराटोकोनस आंखों की वह अवस्था होती है, जिसमें कॉर्निया का आकार, जो आमतौर पर गोलाकार होता है, विकारग्रस्त होकर शंकु के आकार में तब्दील हो विकसित होने लगता है। इस प्रकार पीड़ित की दृष्टि कम होने लगती है। यह दोनों आंखों को प्रभावित करता है, लेकिन किसी आंख को थोड़ा कम और किसी में ज्यादा।

केराटोकोनस एक ऐसी आनुवांशिक अवस्था है, जो कई पीढ़ियों को छोड़ आगे की किसी भी पीढ़ी को शिकार बना सकती है। इसका आगमन अक्सर किशोरावस्था में होता है। इसके साथ कई एलर्जी भी जुड़ी होती हैं जैसे तेज बुखार, एग्ज़ीमा, अस्थमा आदि।

इससे पीड़ित अक्सर घटती दृष्टि और बार-बार चश्मे के नंबर में बदलाव का शिकार होते हैं। उन्हें अक्सर अजीब-सी आकृतियां व छवियां दिखती हैं। वे प्रत्यावर्तन संबंधित बदलावों की शिकायत करते हैं। प्रकाश में भी असहजता महसूस करते हैं। उन्हें फोटोफोबिया की भी शिकायत रहती है। उन्हें आंखों में किसी बाहरी पदार्थ के चुभने का भी एहसास होता है। इससे नजदीक की नज़र कमजोर हो जाती है, जिसे चश्मे या काॅन्टेक्ट लैंस से भी ठीक करना संभव नहीं होता है। लंबे समय तक यही माना जाता रहा कि ऐसे मरीजों को ठीक करने की कोई उम्मीद नहीं होती, परंतु आधुनिक चिकित्सा ने चमत्कार कर दिखाया और अब ऐसे मरीज ठीक हो सकते हैं।

कॉर्नियल टोपोग्राफी :अत्याधुनिक टोपोग्राफी प्रणाली जैसे पेंटाकैम व ओर्बस्कैन संपूर्ण कोर्निया की बनावट की जांच कर लेता है, जिससे केराटोकोनस के उभरने का आसानी से पता चल जाता है। इन जांचों की मदद से केराटोकोनस की बढ़त को मापने में भी मदद मिलती है, जिससे उपयुक्त उपचार का चुनाव करने में आसानी होती है।

आधुनिक उपचार : केराटोकोनस के इलाज के दो पहलू हैं। पहला कदम है, काॅर्निया के पतले होते जाने को रोकना। एक बार ऐसा होने पर रिफ्रेक्टिव दोष को ठीक करके नज़र में सुधार संभव है। रेफ्रेक्टिव दोष को ठीक करने के लिए जो विकल्प मौजूद हैं, उनमें प्रमुख हैं- नज़र का चश्मा, रिजिड गैस परमिएबिल कान्टेक्ट लेंस, इनटैक्स एवं फेकिक आईओएल। इन उपचार योजनाओं में से आपके लिए कौनसी उपयुक्त रहेगी, इसका फैसला नेत्र विशेषज्ञ जांच के बाद करेगा।

कोलैजन क्रासलिंकिंग से काॅर्निया को मजबूत करने की विधि केराटोकोनस रोगियों के लिए उम्मीद की एक किरण बनकर उभरी है। इस थेरैपी का उद्‌देश्य कार्निया की संरचना मजबूत कर कार्निया के पतले होते जाने को रोकना है। यह कैसे होता है? कार्निया कोलेजन नामक प्रोटीन बंडलों से बनी होती है। ये प्रोटीन बंडल आपस में रासायनिक रूप से जुड़े होते हैं। इससे काॅर्निया का आकार स्थिर रहता है। केराटोकोनस कार्निया में कोलेजन तंतुओं के बीच जुड़ाव कम होता है, जिसके चलते काॅर्निया असाधारण रूप से पतला हो जाता है।

कोलैजन क्रासलिंकिंग के दौरान काॅर्निया की ऊपरी परत हटा दी जाती है। इससे नजर की विकृति दूर होती है और कार्निया प्रत्यारोपण की नौबत नहीं आती। कोलैजन क्रासलिंकिंग विधि से कार्निया को स्थिर करने में तीन से छह माह लग जाते हैं। कार्निया स्थिर होने के बाद प्रत्यारोपण योग्य कान्टेक्ट लेंस के जरिए रेफ्रेक्टिव दोष सुधार सकते हैं। फेकिक आईओएल एक प्रकार का लेंस है, जो आंख के अंदर प्राकृतिक लेंस के सामने एक छोटा-सा चीरा लगाकर प्रत्यारोपित किया जाता है। साधारण काॅन्टेक्ट लेंस के विपरीत इसके रखरखाव की जरूरत नहीं होती।

इंट्रास्ट्रोमल कार्नियल रिंग्स या इन्टैक्स केराटोकोनस रोगियों के लिए एक रोमांचक व नया विकल्प है। प्लास्टिक के ये छोटे-छोटे छल्ले विषेशतौर पर मेडिकल प्लास्टिक से तैयार किए जाते हैं और इन्हें ऑपरेशन करके काॅर्निया की सतह के नीचे रखा जाता है। अपने अनोखे डिजाइन के कारण, ये कार्निया को सही आकार देते हैं। इससे रोगी की नजर में सुधार हो जाता है।

वैधानिक सलाह - इलाज केवल प्रक्षिक्षित चिकित्सक से ही कराएं। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

देश में ढलान पर कोरोना संक्रमण, 1 लाख 49 हज़ार नए मामले और 1072 मरीजों की मौत

देश में ढलान पर कोरोना संक्रमण, 1 लाख 49 हज़ार नए मामले और 1072 मरीजों की मौत

एस. के. राणा February 04 2022 23945

बीते 24 घंटे में 2,46,674 लोग रिकवर हुए। कोरोना को मात देने वालों का अब तक आंकड़ा 4,00,17,088 पहुंच

सीतापुर में बुखार का कहर, रोज बढ़ रही मरीजों की संख्या

सीतापुर में बुखार का कहर, रोज बढ़ रही मरीजों की संख्या

श्वेता सिंह August 28 2022 30272

यहां के जगदेवा, फखरपुर, देवरिया, फरीदपुर सहित कई गांवों में 100 से अधिक लोग बीमार हैं। जानकारी के अन

मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एचआईवी पॉजिटिव मरीज का किया जटिल किडनी ट्रांसप्लांट

मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एचआईवी पॉजिटिव मरीज का किया जटिल किडनी ट्रांसप्लांट

हुज़ैफ़ा अबरार April 29 2026 1953

एचआईवी जैसी दूसरी बीमारियों के साथ ट्रांसप्लांट करना कई विशेषज्ञों के बीच बेहतर तालमेल और बेहद सावधा

महिला ने डॉक्टर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, दवा लेने गई थी मेडिकल कॉलेज

महिला ने डॉक्टर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, दवा लेने गई थी मेडिकल कॉलेज

विशेष संवाददाता June 02 2023 51523

हरदोई में मेडिकल कालेज के जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर पर संगीन आरोप लगे हैं। आरोप है कि दवा लेने पहुंची म

Effectiveness of treatment for alcohol problems: findings of the randomised UK alcohol treatment trial (UKATT)

Effectiveness of treatment for alcohol problems: findings of the randomised UK alcohol treatment trial (UKATT)

British Medical Journal March 10 2023 63487

The novel social behavior and network therapy for alcohol problems did not differ significantly in e

आयुर्वेद कॉलेज की ओपीडी में हुआ सुवर्णप्राशन संस्कार

आयुर्वेद कॉलेज की ओपीडी में हुआ सुवर्णप्राशन संस्कार

आनंद सिंह June 27 2025 19513

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के गुरु गोरखनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (आयुर

श्वसन तंत्र संबंधी हर बीमारियों को फैलने से रोकता है मास्क- जिला क्षयरोग अधिकारी

श्वसन तंत्र संबंधी हर बीमारियों को फैलने से रोकता है मास्क- जिला क्षयरोग अधिकारी

हुज़ैफ़ा अबरार February 15 2021 25291

अक्सर टीबी के मरीजों को हम खाँसते वक़्त मुंह पर कपड़ा रखकर खाँसने की सलाह देते है, जबकि यदि टीबी से सं

प्रदेश में समूह ख की नर्सों का तबादला आदेश निरस्त

प्रदेश में समूह ख की नर्सों का तबादला आदेश निरस्त

हुज़ैफ़ा अबरार July 26 2022 30421

निदेशक पैरामेडिकल ने सभी सीएमओ को निर्देश दिया कि तत्काल प्रभाव से तबादला आदेश निरस्त किया जाए। इस प

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने किया अस्पताल दौरा

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने किया अस्पताल दौरा

हे.जा.स. April 05 2023 30528

साथ ही स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब में एक्टिव मरीज़ों की संख्या 396 है। पंजाब में हर

नीट पीजी काउंसलिंग पहले दौर का अलॉटमेंट रिजल्ट हुआ कैंसिल

नीट पीजी काउंसलिंग पहले दौर का अलॉटमेंट रिजल्ट हुआ कैंसिल

एस. के. राणा September 29 2022 28351

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि क्योंकि कुछ पोस्ट ग्रेजुएट डीएनबी संस्थ

Login Panel