देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

लेख

जीवन क्या है?

अभी आपने अपने उन विचार और भावों को बहुत ज्यादा महत्व दिया हुआ है, जो आपके भीतर चल रहे हैं। आपने अपने भीतर के जीवन को महत्व नहीं दिया है।

अध्यात्म
January 05 2021 Updated: January 28 2021 19:07
0 28259
जीवन क्या है? फोटो सद्गुरु

- सदगुरु 

जीवन तीव्रता है। कभी आपने महसूस किया है कि आपके भीतर जो जीवन है, वह एक पल के लिए भी धीमा नहीं पड़ता। अगर कुछ धीमा पड़ता है, तो वह है आपका दिमाग और आपकी भावनाएं, जो कभी अच्छी हो जाती हैं तो कभी बिमार। अपनी श्वास को देखिए। क्या यह कभी धीमी पड़ती है? अगर कभी यह धीमी पड़ जाती है तो उसका मतलब मौत होता है। जब मैं आपको जीवंत बनने और अपने अंदर तीव्रता पैदा करने के तमाम तरीके बताता हूं, तो मैं बस यह कह रहा होता हूं कि आप जीवन की तरह बन जाएं। अभी आपने अपने उन विचार और भावों को बहुत ज्यादा महत्व दिया हुआ है, जो आपके भीतर चल रहे हैं। आपने अपने भीतर के जीवन को महत्व नहीं दिया है। जरा सोचिए, क्या जीवित रहने से ज्यादा महत्व आपके विचारों का है? महान दर्शनशास्त्री देस्कार्त ने कहा, 'मैं सोचता हूं, इसलिए मैं हूं।'

बहुत सारे लोगों का मानना है कि उनका अस्तित्व केवल इसलिए है क्योंकि वे सोच रहे हैं। नहीं, ऐसा नहीं है। चूंकि आपका अस्तित्व है, इसलिए आप सोच पा रहे हैं, नहीं तो आप सोच ही नहीं सकते। आपकी जीवंतता आपके विचारों और भावों से कहीं ज्यादा मौलिक और महत्वपूर्ण हैं। लेकिन होता यह है कि आप केवल वही सुनते हैं जो आपके विचार और भाव कह रहे हैं। अगर आप जीवन की प्रक्रिया के हिसाब से चलें, तो यह एक निरंतर प्रवाह है, चाहे आप सो रहे हों या जाग रहे हों। जब आप सो रहे होते हैं तो क्या जीवन आपके भीतर सुस्त पड़ जाता है? नहीं, यह आपका मन है जो कहता है, 'मुझे यह पसंद है इसलिए मैं इसे पूरे जुनून के साथ करूंगा, मुझे वह पसंद नहीं है इसलिए उसे दिल से नहीं करूंगा।' लेकिन आपकी जिंदगी इस तरह की नहीं है। यह हमेशा एक प्रवाह और तीव्रता में है।

अगर आप लगातार इस तथ्य के प्रति जागरूक या सजग रहेंगे कि बाकी सभी चीजें गुजर जाने वाली चीजें हैं और मैं मूल रूप से जीवन हूं, तो आपके अंदर एक प्रवाह और तीव्रता बनी रहेगी। आपके अस्तित्व में होने का कोई और तरीका ही नहीं है, क्योंकि जीवन को कोई दूसरा तरीका मालूम ही नहीं है। जीवन हमेशा प्रवाह में है, यह तो बस भाव और विचार ही हैं जो भ्रम पैदा करते हैं।

अगर मैं आपसे तीन सवाल पूछूं, तो आपकी मान्यताएं पूरी तरह लडख़ड़ा जाएंगी। लेकिन जीवन में अलग-अलग मौकों पर आपका मन आपको अलग-अलग बातों पर भरोसा कराएगा - और वह तब आपको बिल्कुल सच लगेगा।

अब जरा अपनी भावनाओं और विचारों की प्रकृति को देखिए। जीवन में ऐसे तमाम मौके आए होंगे, जब इन विचारों और भावनाओं की वजह से आपने कई चीजों में भरोसा किया होगा। कुछ समय बाद आपको ऐसा लगने लगता है कि उस चीज पर भरोसा करना आपकी बेवकूफी थी। आज आपकी भावना आपसे कहती है कि यह शख्स बहुत अच्छा है। फिर कल आपकी भावना आपको बताती है कि यह सबसे खतरनाक व्यक्ति है - और दोनों ही बातें शत प्रतिशत सच मालूम पड़ती हैं। इस तरह आपकी भावना और विचार आपको धोखा देने के शानदार जरिए हैं। वे आपको किसी भी चीज के बारे में भरोसा दिला सकते हैं।

अपनी खुद की मान्यताओं की ओर देखिए। उनमें से कोई भी किसी भी तरह की जांच का सामना नहीं कर पाएगी। अगर मैं आपसे तीन सवाल पूछूं, तो आपकी मान्यताएं पूरी तरह लडख़ड़ा जाएंगी। लेकिन जीवन में अलग-अलग मौकों पर आपका मन आपको अलग-अलग बातों पर भरोसा कराएगा और वह तब आपको बिल्कुल सच लगेगा।

कैसे बनाए रखें तीव्रता?

तीव्रता का अर्थ है जीवन के प्रवाह के साथ चलना। अगर आप यहां सिर्फ जीवन के रूप में, एक शुद्ध जीवन के रूप में मौजूद हैं, तो यह स्वाभाविक रूप से अपनी परम प्रकृति की ओर जाएगा। जीवन की प्रक्रिया अपने स्वाभाविक लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। लेकिन आप एक विचार, भाव, पूर्वाग्रह, क्रोध, नफरत और ऐसी ही तमाम दूसरी चीजें बनकर एक बड़ी रुकावट पैदा कर रहे हैं। अगर आप बस जीवन के एक अंश के रूप में मौजूद हैं, तो स्वाभाविक रूप से आप अपनी परम प्रकृति तक पहुंच जाएंगे।

यह कोई ऐसी चीज नहीं है जिसके लिए आपको जूझना या संघर्ष करना पड़े। मैं हमेशा कहता हूं - बस अपनी तीव्रता को बनाए रखें, बाकी चीजें अपने आप होंगी। आपको स्वर्ग का रास्ता ढूंढने की जरूरत नहीं है। बस अपनी तीव्रता को बनाए रखिए। ऐसा कोई नहीं है जो इस जीवन को इसकी परम प्रकृति की ओर ले जाए या जाने से रोक दे। हम इसमें देरी कर सकते हैं या हम बिना किसी बाधा के इसे तेजी से जाने दे सकते हैं। बस यही है जो हम कर सकते हैं।

यह जितनी तेजी से हो सकती है, उतनी तेजी से इसे होने देने के लिए ही आध्यात्मिक प्रक्रियाएं होती हैं। मदद के लिए आपको देवताओं को बुलाने की जरूरत नहीं है, आपको जीवन होना होगा, विशुद्ध जीवन। अगर आप यहां एक विशुद्ध जीवन के रूप में जी सकते हैं, तो आप परम लक्ष्य तक स्वाभाविक रूप से पहुंच जाएंगे।

यह भी पढ़ें:

मेरठ में कोरोना के नए स्ट्रेन संक्रमित मरीज मिलने से यूपी में अलर्ट

क्या हमें जीवन जीना आता है?

प्राण को नियन्त्रित करने से शरीर और मन स्वस्थ होता है।

हेल्थ से जुड़ी सभी ख़बरों के लिए हमारे Facebook पेज को लाइक करें, Twitter अकाउंट को फॉलो करें। साथ ही हेल्थ से जुड़ी रोचक जानकारियों के लिए हमारे YouTube चैनल को सब्स्क्राइब करें।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

स्वास्थ्यकर्मी सुधीर वर्मा का सराहनीय कार्य, जरूरतमंद को किया रक्तदान

स्वास्थ्यकर्मी सुधीर वर्मा का सराहनीय कार्य, जरूरतमंद को किया रक्तदान

विशेष संवाददाता March 29 2023 30004

गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन अचानक से डॉक्टरों ने खून की मांग की,

दिल के रोग को ठीक करने की नई तकनीक

दिल के रोग को ठीक करने की नई तकनीक

हे.जा.स. December 08 2022 29893

वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक के बारे में बताया है जो दिल के मरीजों के लिए राहत की खबर है। दरअसल, अमेरिका

सिंगापुर में कोरोना विस्फोट, एक दिन में 9,420 लोग मिले संक्रमित

सिंगापुर में कोरोना विस्फोट, एक दिन में 9,420 लोग मिले संक्रमित

हे.जा.स. February 15 2022 28679

सिंगापुर में कोरोना वायरस के नए मामलों में से 2,349 मामलों का पीसीआर टेस्ट के तहत पता चला है जबकि 7,

सीओपीडी के निदान के लिए स्पाईरोमीट्री जरूरी: डॉ बी पी सिंह

हुज़ैफ़ा अबरार November 19 2022 33290

सीओपीडी रोग धीरे-धीरे बढ़ता है, जिस वजह से मरीज अपनी बीमारी को पहचान नहीं पाते और समय पर मेडिकल परा

डेंगू के मरीज को चढ़ा दिया मौसमी का जूस!, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए जांच के आदेश

डेंगू के मरीज को चढ़ा दिया मौसमी का जूस!, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए जांच के आदेश

आरती तिवारी October 21 2022 29434

डेंगू के एक मरीज को कथित तौर पर प्लाज्मा की जगह मीठा नींबू का रस (मौसमी जूस) दिया गया। इससे उसकी मौत

एसजीपीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी लैब में डॉक्टर सहित 20 से ज्यादा स्टाफ कोविड पॉजिटिव

एसजीपीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी लैब में डॉक्टर सहित 20 से ज्यादा स्टाफ कोविड पॉजिटिव

हुज़ैफ़ा अबरार January 15 2022 36681

एसजीपीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी लैब में डॉक्टर सहित 20 से ज्यादा कर्मचारी पॉजिटिव आ गए हैं। शुक्रवार क

किडनी की पथरी और यूटीआईसे बचने हेतु खुद को डीहाइड्रेशन से बचाएं।

किडनी की पथरी और यूटीआईसे बचने हेतु खुद को डीहाइड्रेशन से बचाएं।

लेख विभाग February 10 2021 41688

यूरोलॉजिस्ट किसी ऐसे व्यक्ति के लिए ज्यादा पानी पीने की सलाह देते हैं जो दर्दनाक किडनी की पथरी से पी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नई मशीनों का सिवाना विधायक ने किया लोकार्पण

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नई मशीनों का सिवाना विधायक ने किया लोकार्पण

जीतेंद्र कुमार April 11 2023 28645

अस्पताल सिवाना परिसर में आमजनता की सुविधा के लिए डिजिटल एक्सरे मशीन, ऑक्सीजन सिलेंडर और सी बी सी मशी

लोकबन्धु अस्पताल में फिजीशियन और सर्जरी की ओपीडी शुरू, उमड़ी भीड़।

लोकबन्धु अस्पताल में फिजीशियन और सर्जरी की ओपीडी शुरू, उमड़ी भीड़।

हुज़ैफ़ा अबरार June 18 2021 29770

कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को अधिक प्रभावित करने की वजह से यहां छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाओं के

सर्वाइकल कैंसर में टॉप पर भारत

सर्वाइकल कैंसर में टॉप पर भारत

विशेष संवाददाता December 17 2022 30857

लैंसेट की रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व स्तर पर सर्वाइकल कैंसर के 58% से अधिक मामले एशिया में हैं।

Login Panel