देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

किडनी रोग, लिवर फेल व कैंसर के इलाज़ में रामबाण है आयुर्वेद: आचार्य मनीष

आचार्य मनीष ने कहा, ''देश भर में हमारे सौ से अधिक शुद्धि क्लीनिक्स  संचालित हैं। दिल्ली में सीजीएचएस और डीजीएचएस से मान्यता प्राप्त हमारे 12 आयुर्वेदिक क्लीनिक हैं। हिम्स के इन केंद्रों में प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद और पंचकर्म के माध्यम से अनेक असाध्य रोगों का सफलतापूर्वक उपचार किया जाता है।

हुज़ैफ़ा अबरार
October 19 2022 Updated: October 19 2022 20:53
0 39725

लखनऊ। किडनी रोग, लिवर फेल हो जाने के अलावा कैंसर के मरीजों को ठीक करने में आयुर्वेद एक रामबाण उपाय है। यह बातें विख्यात आयुर्वेद एवं मेडिटेशन गुरु आचार्य मनीष ने एक साक्षात्कार में हेल्थ जागरण से कहा। 


उन्होंने बताया कि वह हॉस्पिटल एंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड मेडिकल एजूकेशन (हिम्स) तथा शुद्धि आयुर्वेद के संस्थापक हैं और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर सक्रिय हैं, ताकि लोगों को अपनी पुरानी विरासत आयुर्वेद पद्धति जिससे हमारे ऋषि मुनियों ने अपना था उससे लोगों को जागरूक कर निरोग काया का मंत्र दे सकूं। उन्होंने बताया कि हिम्स  में शरीर की अंदरूनी शक्ति बढ़ाकर किडनी (kidney), कैंसर (cancer), लिवर (liver), शुगर (diabetes), बीपी (BP) और दिल के रोगों (heart disease) को रिवर्स करने पर जोर दिया जाता है।

यहां पर न तो ग्लूकोज (IV fluid) चढ़ाया जाता है न तो खून चढ़ाया जाता है, यहां केवल जीवनशैली में बदलाव लाकर असाध्य लोगों का इलाज किया जाता है, और न ही किडनी की डायलीसिस की जाती न ही किडनी बदली जाती है।


उन्होंने बताया है यहां पर हजारों ऐसे मरीजों का उपचार किया गया जिनको डाक्टरों द्वारा अंग प्रत्यारोपण (organ transplant) के लिए कहा गया था। आज वह हिम्स (HIMS) में उपचार कराकर स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।


हिम्स भारत का पहला एकीकृत चिकित्सा विज्ञान अस्पताल बन गया है जो आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आहार चिकित्सा आदि पर आधारित दवा मुक्त उपचार पर केंद्रित एक अनूठी स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करता है।


चंडीगढ़ के निकट डेराबस्सी और लखनऊ में हिम्स के 100 बेड वाले बड़े अस्पताल हैं। उत्तर भारत के विभिन्न शहरों में हिम्स नेचर केयर सेंटर स्थापित  किए हैं, जिनमें गुरुग्राम, पटियाला, अमृतसर और दिल्ली शामिल है। देश भर में इसके केंद्रों में 200 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। 

  
आचार्य मनीष ने कहा कि हिम्स में आयुर्वेद (ayurved), एलोपैथी (allopathy), यूनानी (Unani), प्राकृतिक चिकित्सा, होम्योपैथी (homeopathic) आदि प्रणालियों का उपयोग करके रोगों का इलाज किया जाता है। हिम्स विभिन्न चिकित्सा विज्ञानों की अच्छाई और उपचार क्षमता को एक छत के नीचे लाया है। विभिन्न प्रणालियों में अलग-अलग खासियत होती है और हिम्स हर प्रणाली की सर्वोत्तम क्षमता का उपयोग करता है। हिम्स में दवाओं का उपयोग नहीं किया जाता है, यहां पर  मोटे अनाजों (मिलेट्स) व जड़ी-बूटियों से बना भोजन दिया जाता है। हिम्स में बीमारियों के मूल कारण को दूर करने पर ध्यान दिया जाता है। 


आचार्य मनीष ने कहा, ''देश भर में हमारे सौ से अधिक शुद्धि क्लीनिक्स  संचालित हैं। दिल्ली में सीजीएचएस और डीजीएचएस से मान्यता प्राप्त हमारे 12 आयुर्वेदिक क्लीनिक हैं। हिम्स सहित इन केंद्रों में प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद और पंचकर्म के माध्यम से जीवन शैली में परिवर्तन करके किडनी फेल, लिवर फेल, कैंसर, थेलेसीमिया और ऑटो इम्यून जैसे अनेक असाध्य रोगों का सफलतापूर्वक उपचार किया जाता है। हिम्स का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए पारंपरिक उपचार प्राप्त करने में मदद करना है।''


आचार्य मनीष ने जानकारी देते हुए बताया कि हिम्स में क्रोनिक बीमारियों (chronic disease) का इलाज डॉ अमर सिंह आजाद, डॉ खादर वल्ली, डॉ. पांडे और डॉ बीआरसी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की देखरेख में किया जाता है। यहां पोस्च्युरल थेरेपी का भी प्रयोग होता है, जिससे 70 प्रतिशत मरीजों का डायलिसिस (dialysis) तुरंत रोका जा सकता है और उच्च रक्तचाप के 100 प्रतिशत रोगी बिना किसी दवा के तुरंत अपने बीपी को नियंत्रित कर सकते हैं। हिम्स को भारत का पहला एनएबीएच मान्यता प्राप्त आयुर्वेद पंचकर्म (panchkarm) अस्पताल होने का भी गौरव प्राप्त है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

इस पौधे की पत्तियां है कमाल, डायबिटीज को कंट्रोल करने में है सक्षम

इस पौधे की पत्तियां है कमाल, डायबिटीज को कंट्रोल करने में है सक्षम

आरती तिवारी October 02 2022 35191

आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी बूटियां है, जो डायबिटीज में असरदार साबित होती है। डब्ल्यूएचओ ने दुनिया में

नागपुर: अस्पताल की लापरवाही के चलते थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे एचआईवी और हेपेटाइटिस बी के शिकार, एक की मौत 

नागपुर: अस्पताल की लापरवाही के चलते थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे एचआईवी और हेपेटाइटिस बी के शिकार, एक की मौत 

विशेष संवाददाता May 30 2022 46452

छह बच्चों का इलाज थैलेसीमिया के लिए किया जा रहा था, जिसमें खून चढ़ाने के लिए पहले न्यूक्लिक एसिड टेस

रूस में कोरोना संक्रमण के आधे से अधिक मरीज़ ओमिक्रॉन वैरिएंट से प्रभावित

रूस में कोरोना संक्रमण के आधे से अधिक मरीज़ ओमिक्रॉन वैरिएंट से प्रभावित

हे.जा.स. January 15 2022 29783

रूस में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। मेयर सर्गेई सोबयानिन ने

6,500 दवा फैक्टरियां डब्ल्यूएचओ के मानक पर खरी नहीं

6,500 दवा फैक्टरियां डब्ल्यूएचओ के मानक पर खरी नहीं

एस. के. राणा August 03 2023 37639

देश में 10,500 दवा फैक्टरियों में 8,500 फैक्टरियां के पास यह प्रमाणपत्र एमएसएमई श्रेणी के तहत आती है

मुख्यमंत्री के सलाहकार से मिले चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के पदाधिकारी

मुख्यमंत्री के सलाहकार से मिले चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के पदाधिकारी

हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2022 24423

चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई, एवं उन्होंने महासंघ को माननीय उपमु

मेदांता हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने युवा सर्जन्स को सिखाए माइक्रो वैस्कुलर सर्जरी के गुण

मेदांता हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने युवा सर्जन्स को सिखाए माइक्रो वैस्कुलर सर्जरी के गुण

हुज़ैफ़ा अबरार May 30 2022 36872

कैंसर के इलाज के युग में जब दुनिया केवल कैंसर के टिश्यू को हटाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि टिश्यू क

देश में खत्म हो रहा कोरोना संक्रमण, बीते 24 घंटे में कोरोना के 1,778 नए मामले आये

देश में खत्म हो रहा कोरोना संक्रमण, बीते 24 घंटे में कोरोना के 1,778 नए मामले आये

एस. के. राणा March 23 2022 24531

देश में कोरोना के मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। देशभर में आज कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को

लोहिया संस्थान में गर्भवती महिलाओं को बिना डोनर खून मिलना शुरू 

लोहिया संस्थान में गर्भवती महिलाओं को बिना डोनर खून मिलना शुरू 

हुज़ैफ़ा अबरार January 01 2022 34416

पहली जनवरी को पूरे दिन सभी जरूरतमंद मरीजों के लिए बिना डोनर खून उपलब्ध कराया जा रहा है। नए साल के स्

भारत में कोरोना के इन नए-नए वैरिएंट ने फैलाई दहशत

भारत में कोरोना के इन नए-नए वैरिएंट ने फैलाई दहशत

विशेष संवाददाता January 10 2023 26349

रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में फिलहाल कोरोना के 3 वैरिएंट्स के मामले देखे जा रहे हैं, इन तीनों की संक

दुनिया में विकलांगता का प्रमुख कारण स्ट्रोक : डा. राजकुमार

दुनिया में विकलांगता का प्रमुख कारण स्ट्रोक : डा. राजकुमार

हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2022 35322

स्ट्रोक के कई जोखिम कारक हैं, जिनमें मधुमेह , उच्च रक्तचाप , हृदय रोग, डिस्लिपिडेमिया, मोटापा, तनाव,

Login Panel