देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कॉन्ट्रासेप्टिव पैच एक अच्छा विकल्प

साल 2002 में सबसे पहले कॉन्ट्रासेप्टिव पैच मार्केट में आया था। 17 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। जन्म नियंत्रण पैच हार्मोनल गर्भनिरोधक की एक विधि है। इसको शरीर पर चिपकाने भर से आप अनचाहे गर्भ से बच सकती हैं। ये धीरे-धीरे आपके शरीर से हार्मोन रिलीज करता है।

लेख विभाग
March 10 2023 Updated: March 10 2023 00:50
0 50999
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कॉन्ट्रासेप्टिव पैच एक अच्छा विकल्प प्रतीकात्मक चित्र

अनचाहे गर्भ से बचने के लिए बाज़ार में कंडोम, गर्भ निरोधक दवाइयों। इंजेक्शन्स, स्पेर्मिसिडल जेल कैप्सूल सहित अन्य साधान उपलब्ध हैं। इनका प्रयोग विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में ही करना चाहिए। इन उपायों को बर्थ कंट्रोल करने के लिए अच्छा साधन माना जाता है। इनके अलावा एक विधि और आई है जिसका नाम कॉन्ट्रासेप्टिव पैच है। इसे बर्थ कंट्रोल पैच भी कह सकते हैं।

साल 2002 में सबसे पहले कॉन्ट्रासेप्टिव पैच मार्केट में आया था। 17 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। जन्म नियंत्रण पैच हार्मोनल गर्भनिरोधक की एक विधि है। इसको शरीर पर चिपकाने भर से आप अनचाहे गर्भ से बच सकती हैं। ये धीरे-धीरे आपके शरीर से हार्मोन रिलीज करता है। आइए जानते हैं कि ये कैसे काम कर करता है।

कॉन्ट्रासेप्टिव पैच कैसे काम करता है - How does the contraceptive patch work

जन्म नियंत्रण पैच में हाॅर्मोन के दो मानव निर्मित संस्करण एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन पाए जाते हैं। पैच को शरीर पर चिपकाने के बाद यह हार्मोन को अवशोषित करता है, जिससे अंडे अंडाशय में नहीं जा पाते। यह एस्ट्रोजन (estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (progesterone) सर्वाइकल म्यूकस (cervical mucus) को मोटा कर देता है और स्पर्म को गर्भाशय (uterus) में जाने से रोकता है। इसको इस्तेमाल करने का तरीका भी बेहद आसान है। इसके काम करने का तरीका भी गर्भ निरोधक गोली के समान है।

कॉन्ट्रासेप्टिव पैच नाम से ही जाहिर है कि यह किसी स्टिकर की तरह होता होगा। इस पर चिपकी पन्नी को हल्के हाथों से हटा दिया जाता है। ये पैच शरीर में सूखी जगहों पर लगाना चाहिए। जैसे पेट, बांह या कंधा आदि। ध्यान रहे कि चिपचिपे भाग पर न लगाएं। इसे आराम से अपनी त्वचा से चिपका लें। इस पैच को लगाने के एक हफ्ते बाद इसे हटा दें। तीन हफ्ते तक इस प्रक्रिया को कर सकते हैं।

कॉन्ट्रासेप्टिव पैच के साइड इफेक्ट्स - Side effect of Contraceptive Patch

गर्भ निरोधक गोलियों (birth control pills) की तरह इसके भी कुछ साइड इफेक्ट होते हैं। पैच लगाने के बाद त्वचा में जलन हो सकती है। सिर और पेट में दर्द हो सकता है। स्तन (breast) में सूजन और दर्द रहता है। योनि (vagina) से अनियमित खून आ सकता है। वजन बढ़ सकता है। मासिक धर्म के दौरान दर्द हो सकता है। मुंहासे की समस्या हो सकती है।

कॉन्ट्रासेप्टिव पैच को शुरू करने के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें - Discuss with Doctor

अगर आप पहली बार कॉन्ट्रासेप्टिव पैच का उपयोग कर रहीं हैं, तो उस दिन तक प्रतीक्षा करें जब तक आपकी पीरियड्स (period) शुरू नहीं हो जाते हें। अगर आप पहले दिन को शुरुआत के लिए उपयोग करते हैं, तो आप अपनी अगली पीरियड्स के पहले दिन अपना पहला कॉन्ट्रासेप्टिव पैच लगाएंगे। ऐसे में आपको गर्भनिरोधक की कोई बैकअप विधि की जरूरत नहीं होगी।

कॉन्ट्रासेप्टिव पैच लगाने के लिए जगह चुनें - Choose a place to apply the contraceptive patch

आप पैच को अपने बट्स, ऊपरी बाहरी बांह, निचले पेट या ऊपरी शरीर पर लगा सकते हैं। इसे अपने स्तनों पर या ऐसी जगह पर न रखें जहां इसे रगड़ा जाएगा, जैसे कि ब्रा के पट्टे के नीचे। साफ और सूखी त्वचा पर ही लगाएं। त्वचा के उन क्षेत्रों से बचें जो लाल, जलन देते हो या कटे हुए हैं। लोशन, क्रीम, पाउडर या मेकअप को उस त्वचा के क्षेत्र पर न लगाएं जहां पैच होगा। अगर त्वचा की जलन विकसित होती है, तो पैच को हटा दें और एक अलग जगह पर एक नया पैच लगाएं।

जन्म नियंत्रण पैच से संबंधित कुछ जरूरी बातें - Some important things related to birth control patch

  1. इसे स्तनों पर बिल्कुल न चिपकाएं। अगर आप स्तनपान कराती हैं तो ये 6 हफ्तों में आपके दूध की मात्रा और गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। बच्चे के जन्म से करीब 6 हफ्ते बाद तक ही इसका इस्तेमाल करें। दूध में इन हॉर्मोन के कुछ अंश हो सकते हैं, लेकिन ये बच्चों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। पैच का इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  2. जहां पर कॉन्ट्रासेप्टिव पैच लगा हो वहां पाउडर या लोशन जैसे किसी भी केमिकल का इस्तेमाल न करें। ये पैच को अच्छे से चिपकने नहीं देता। पूरे दिन इस पैच पर ध्यान देना चाहिए। एक हफ्ते बाद पैच को जरूर हटाएं। इसे हमेशा किसी पेपर में लपेटकर कचरे के डब्बे में डालें। पैच लगे स्थान पर पानी पड़ने के अलावा सीधी धूप लगने से भी बचाएं।
  3. इसका उपयोग पीरियड रोकने के लिए भी होता है। जब आप अपने पीरियड्स को रोकने के लिए बर्थ कंट्रोल पैच का उपयोग करती हैं तो आपको पहले छह महिनों तक हल्का रक्तस्राव या स्पॉटिंग हो सकती है। यह सामान्य है। आपको गर्भवती होना है तो बस आप अपने बर्थ कंट्रोल पैच को हटा दें। ऐसा करने पर आप गर्भवती होने की कोशिश करने के लिए तैयार हैं।
  4. अगर कॉन्ट्रासेप्टिव पैच ढीला होकर निकल जाए या गिर जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। दो दिन के अंदर नया पैच लगा लें। इस बात का ध्यान रखें कि अब से यह नया पैच बदलने का दिन होगा। इस दौरान भी आप कंडोम का इ

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

बेमौसम मौसम बारिश से कोरोना के साथ ही फ़ैल सकता है डेंगू-मलेरिया| 

बेमौसम मौसम बारिश से कोरोना के साथ ही फ़ैल सकता है डेंगू-मलेरिया| 

हुज़ैफ़ा अबरार May 30 2021 26218

बरसात में पानी के भराव के कारण मच्छर अधिक पनपते हैं। ऐसे में लोग जागरूक रहें। डेंगू का लार्वा साफ ठह

04 और 05 फरवरी, 2021 को 2.45 लाख स्वास्थ्य कर्मियों व फ्रंट लाइन वर्कर का होगा कोविड टीकाकरण।

04 और 05 फरवरी, 2021 को 2.45 लाख स्वास्थ्य कर्मियों व फ्रंट लाइन वर्कर का होगा कोविड टीकाकरण।

हुज़ैफ़ा अबरार February 04 2021 18486

महाप्रबंधक नियमित टीकाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश ने बताया कि 04 और 05 फरवरी, 2021 क

राज्यों को 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए मुफ्त टीका मिलेगा: प्रधानमंत्री मोदी

राज्यों को 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए मुफ्त टीका मिलेगा: प्रधानमंत्री मोदी

एस. के. राणा June 08 2021 29609

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘बहुत कम समय में ऑक्सीजन के उत्पादन को 10 गुना बढ़ाया गया। जरूरी दवाओं का

डब्ल्यूएचओ ने इन दो दवाओं को कोरोना के इलाज के लिए लगाई रोक

डब्ल्यूएचओ ने इन दो दवाओं को कोरोना के इलाज के लिए लगाई रोक

हे.जा.स. September 16 2022 36516

डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए नयी दिशा-निर्देश दिए है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नयी गाइड

चश्मा पहनने से नाक पर पड़ गए हैं निशान, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

चश्मा पहनने से नाक पर पड़ गए हैं निशान, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

आरती तिवारी September 05 2022 48232

कई बार लगातार चश्मा पहनने से आंखों के पास काला निशान (black mark ) पड़ जाता है, जो देखने में भद्दा ल

सहारा हॉस्पिटल में बंद आहार नाल की सर्जरी करके मरीज़ को दिया नया जीवन।

सहारा हॉस्पिटल में बंद आहार नाल की सर्जरी करके मरीज़ को दिया नया जीवन।

हुज़ैफ़ा अबरार November 12 2021 75284

सहारा हॉस्पिटल के डाक्टरों ने गत पांच साल से आहार नाल बन्द होने से परेशान मरीज की सफलतापूर्वक सर्जरी

10 राज्यों के इन 27 जिलों में तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले, केंद्र सरकार ने पत्र लिखकर चेताया।

10 राज्यों के इन 27 जिलों में तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले, केंद्र सरकार ने पत्र लिखकर चेताया।

एस. के. राणा December 11 2021 24027

उन जिलों को शामिल किया गया है जहां पॉजिटिविटी रेट 10 परसेंट से ज्यादा है। इसमें तीन राज्यों के आठ जि

लोहिया संस्थान में आईडी-नेट मशीन के ज़रिये मिलेगा सुरक्षित खून

लोहिया संस्थान में आईडी-नेट मशीन के ज़रिये मिलेगा सुरक्षित खून

रंजीव ठाकुर June 04 2022 35374

एलाइजा जांच से शरीर में 15 दिन पूर्व दाखिल हुए एचआईवी वायरस (HIV virus) का पता लगाया जा सकता है। जबक

करिश्माई ढंग से फायदा करता है नीम।

करिश्माई ढंग से फायदा करता है नीम।

लेख विभाग June 20 2021 49634

नीम को निम्ब भी कहा जाता है। कई ग्रन्थों में वसन्त-ऋतु (विशेषतः चैत्र मास मतलब 15 मार्च से 15 मई) मे

रीजेंसी हेल्थ लखनऊ ने 8 साल के डायग्नोस्टिक रहस्य को किया उजागर

रीजेंसी हेल्थ लखनऊ ने 8 साल के डायग्नोस्टिक रहस्य को किया उजागर

हुज़ैफ़ा अबरार May 27 2026 637

यह एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया होती है जिसे छोटे चीरों से कैमरे और खास सर्जिकल उपकरणों का इस्तेमाल

Login Panel