












































Prof. Dr. CM Singh, Director, RMLIMS Lucknow
लखनऊ। बेहतर स्वास्थ्य के लिए औषधि खोज को बढ़ावा देना आवश्यक है। यह बातें डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के औषधि विज्ञान विभाग द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के सहयोग से राष्ट्रीय फार्माकोलॉजी दिवस पर संस्थान के निदेशक डा सीएम सिंह ने फार्माकोलाजी-26 का आयोजन पर कहीं। कार्यक्रम का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया। इस वर्ष के राष्ट्रीय फार्माकोलॉजी दिवस का विषय बेहतर स्वास्थ्य के लिए औषधि खोज को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का उद्देश्य औषधि विज्ञान एवं नवीन औषधि खोज की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालना था। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत संबोधन एवं उद्घाटन के साथ हुआ। डॉ. गौतम पालित पूर्व वैज्ञानिक सीडीआरआई लखनऊ द्वारा दवा की खोज: पेप्टिक अल्सर की बीमारी के लिए भारतीय औषधीय पौधों से संभावित दवाएं विकसित करने के वैज्ञानिक तरीके विषय पर अतिथि व्याख्यान प्रस्तुत किया।
व्याख्यान में औषधि खोज के वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा पेप्टिक अल्सर रोग के उपचार हेतु नवीन औषधीय विकसित करने में भारतीय औषधीय पौधों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में सफ़र का जश्न और भविष्य के लिए प्रेरणा विषय पर पूर्व छात्र विशेष का आयोजन किया गया, जिसमें विभाग के पूर्व छात्रों की व्यावसायिक यात्रा एवं उपलब्धियों को साझा किया तथा विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों को औषधि विज्ञान एवं जैव-चिकित्सीय अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. डॉ. सीएम सिंह निदेशक डॉ. लोहिया संस्थान लखनऊ तथा प्रो. डॉ. प्रद्युम्न सिंह डीन डॉ. आरएमएलआईएमएस लखनऊ के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर प्रो. डॉ. अर्पिता सिंह प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष औषधि विज्ञान विभाग ने आयोजन अध्यक्ष के रूप में तथा डॉ. पारुल कमल सहायक आचार्य औषधि विज्ञान विभाग ने आयोजन सचिव के रूप में कार्यक्रम का संचालन किया।
कार्यक्रम ने संकाय सदस्यों विद्यार्थियों पूर्व छात्रों एवं स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच शैक्षणिक संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया। इस अवसर पर औषधि खोज एवं विकास में फार्माकोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका तथा सुरक्षित प्रभावी एवं सुलभ उपचार विकल्पों के विकास के लिए निरंतर वैज्ञानिक अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया गया। यह आयोजन डॉ. आरएमएलआईएमएस लखनऊ के औषधि विज्ञान विभाग की शैक्षणिक उत्कृष्टता वैज्ञानिक अनुसंधान औषधि खोज में नवाचार तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए योगदान के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।







हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 882
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 875
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 721
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 581
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 546
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6461
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1414
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1400
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1393
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1274
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1106
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 910
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10199
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6461
एस. के. राणा February 01 2026 0 6440
एस. के. राणा January 20 2026 0 6279
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5845
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5754
एस. के. राणा January 13 2026 0 5306
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87652
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35890
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38804
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36288
लेख विभाग March 19 2022 0 35882
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73876
मानसून के दौरान दूषित भोजन और पानी डायरिया संक्रमण का सबसे बड़ा कारण हैं। अक्सर लोग डायरिया को सामान
अमेरिका में पोवासन वायरस से मौत का मामला सामने आया है। पोवासन टिक के काटने से फैलने वाला एक दुर्लभ व
निरीक्षण के दौरान बालिका गृह में साफ सफाई की खराब व्यवस्था को देखते हुए उन्होंने अधीक्षिका रीता टम्ट
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 39 बच्चे कोरोना संक्रमित मिले है। बच्चों को जरूरी दवाई और अन्य सा
इंजेक्शन का प्रयोग pulmonary arterial hypertension के मरीज़ में किया जाता है। इस इंजेक्शन को PAH में
सपा विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव ने अपने विधायक निधि से सीएचसी गुन्नौर एवं रजपुरा में हेल्थ एटीएम मश
आंखों दिल की ज़ुबान होती हैं। कुछ नहीं कहते हुए भी बहुत कुछ बयाँ कर जाती हैं। दुनिया की खूबसूरती दिख
ओमीक्रॉन से सुरक्षा के लिए मौजूदा टीकों में बदलाव किया जा सकता है। वर्तमान टीके प्रभावी हैं, लेकिन न
देश में पहली बार पूरी तरह से टीकाकरण (vaccine ) करवाने वालों की संख्या आंशिक रूप से टीकाकरण करवाने व
स्मार्ट और डिफरेंट लुक पाने के लिए ज्यादातर लोग अलग-अलग हेयर स्टाइल ट्राई करना पसंद करते हैं। वहीं घ

COMMENTS