











































प्रतीकात्मक
अध्ययन दर्शाते हैं कि सर्दी के मौसम में हार्ट फेलियर के मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने और मरने की दर ज्यादा रहती है। इसका प्रमुख कारण है तापमान में तेजी से गिरावट से होने वाले विभिन्न शारीरिक बदलाव, जो रोग की स्थिति को बिगाड़ देते हैं। हार्ट फेलियर को उसकी शुरूआती अवस्था में सही समय पर इलाज, उपचार के अनुपालन, जीवनशैली में बदलाव और कार्डियोलॉजिस्ट के साथ नियमित चेक-अप्स द्वारा प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
डॉ. आदित्य कपूर, कॉर्डियोलॉजिस्ट, संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, लखनऊ, के अनुसार, “हम सर्दियों के दौरान हार्ट फेलियर के 20-30% मरीजों को अस्पताल में भर्ती होते देखते हैं। वातावरण का तापमान कम होने से हार्ट फेलियर के मरीज प्रभावित होते हैं, क्योंकि उससे रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और रक्त का प्रवाह बाधित होता है। यह संभावित रूप से हृदय पर अतिरिक्त बोझ डालता है और आखिरकार हृदय को पूरे शरीर में पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन की पम्पिंग करने के लिये ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस तरह सर्दियों के दौरान ज्यादातर मरीजों का हृदय रक्त को पंप करने की योग्यता खोने लगता है और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत आ पड़ती है। इसलिये इस बीमारी पर सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना और मरीजों को इसके लिये प्रोत्साहित करना जरूरी है कि वे जीवनशैली में बदलाव के साथ उपचार का कठोरता से पालन करें और इस बीमारी के लक्षणों को बढ़ने न दें।”

डॉ. नकुल सिन्हा, डायरेक्टर- इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ, के अनुसार, “भारत में हार्ट फेलियर के मरीजों की औसत आयु 59 वर्ष है, जो पश्चिमी देशों के मरीजों से लगभग 10 वर्ष कम है। सुस्त जीवनशैली, दैनिक जीवन में निजी, पेशेवर या पर्यावरणीय तनाव, चीनी और नमक का ज्यादा सेवन, अस्वास्थ्यकर आहार और पर्यावरणीय प्रदूषण का बढ़ता स्तर उन कारकों में शुमार हैं, जिनके कारण हमारे लोगों को हार्ट फेलियर का जोखिम ज्यादा है। हार्ट फेलियर किसी भी अवस्था (हल्की, मध्यम या गंभीर) में जीवन के लिये घातक बीमारी है और अगर इसके मरीज लंबा और बेहतर जीवन जीना चाहते हैं, तो ऊपर बताये गये कारकों के बारे में जागरुक होना आवश्यक है। हमारे लिए इनसे बचना, जल्दी डायग्नोस करना और सही समय पर इलाज से प्रभावी नियंत्रण करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।”

हार्ट फेलियर का जोखिम पैदा करने वाले कुछ कारक नीचे दिये जा रहे हैं, खासकर सर्दियों के लिये:
सर्दियों के दौरान अपने हृदय का ख्याल रखें
‘विंटर इफेक्ट’ पर जागरूकता से मरीज और उनके परिवार हार्ट फेलियर के लक्षणों पर ज्यादा ध्यान देने और सही दवाओं तथा जीवनशैली में बदलाव के साथ इसे नियंत्रित करने के लिये प्रोत्साहित होंगे। हार्ट फेलियर के मरीजों और हृदय की पहले से मौजूद बीमारियों वाले लोगों को तो सर्दियों के मौसम में विशेष रूप से सावधान रहना चाहिये और निम्नलिखित बातों को अपनाना चाहिये:







हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 126
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1176
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 385
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 245
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4998
एस. के. राणा January 20 2026 0 4949
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4851
एस. के. राणा January 13 2026 0 4627
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4529
एस. के. राणा February 01 2026 0 4305
एस. के. राणा February 04 2026 0 3976
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87043
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34931
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38104
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35602
लेख विभाग March 19 2022 0 35217
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72777
जहरीला फल खाने से बच्चों की तबीयत खराब हो गई। आपको बता दें कि मिर्जापुर के चुनार थाना क्षेत्र के कां
कई महिलाओं को भीतरी थाई गैप आकर्षक और मनमोहक लगता है। थाई गैप नहीं होने से आधुनिक कपड़ों के चयन में भ
दाल में प्रोटीन होता है, ये मौसमी संक्रमण से बचाने और बच्चों की इम्यूनिटी में मददगार होती है।यहीं नह
म्यूटेंट-6 वायरस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है। डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया
चीन के लांझू शहर में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन लगा दिया गया है। इस आदेश के साथ ही करीब 4 ला
ब्रोंकाइटिस का मुख्य लक्षण पीले सफ़ेद गाढ़े बलगम के साथ लगातार खांसी है, हालांकि यह हमेशा मौजूद नहीं ह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कोविड प्रोट
डॉक्टरों के संघों ने आरोप लगाया है कि रामदेव बड़े पैमाने पर जनता को गुमराह कर रहे थे। वे गलत तरीके स
ताजा मामला स्कूटी से बच्चे को अस्पताल ले जाते वायरल वीडियो का है, जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवा
अभी तक कोई ऐसी दवा नहीं बनी है जो किडनी में पथरी को बनने से रोक सके या इसका इलाज कर सके। पथरी निकालन

COMMENTS