











































प्रतीकात्मक चित्र
अम्बेडकरनगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग (health Department) की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग का नया कारनामा महामाया राजकीय ऐलोपैथिक मेडिकल (allopathic medical) सद्दरपुर से सामे आया है। जहां मेडिकल में भर्ती मरीज के खाने में छिपकली निकली, खाने में छिपकली देख तीमारदारों के होश उड़ गए। वहीं खाना लेकर अस्पताल प्रशासन (hospital administration) के पास तीमारदार पहुंचे। वहीं इस बात की जानकारी वायरल हुई तो हर कोई हैरान है। दरअसल ये भोजन प्राइवेट मेस के जरिए मरीजों को दिया जाता है।
बता दें कि ज्यादातर मरीज भोजन कर चुके थे। भोजन में छिपकली मिलने की सूचना पर भोजन कर चुके मरीजों का जी मचलने (nausea) लगा। एक-दो मरीजों को उल्टियां (Patients vomiting) भी होने लगी। मेडिकल कॉलेज (Medical college) सदरपुर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने मरीजों की जांच (examination of patients) की गई। वहीं अब सब ठीक है, तब मरीजों ने कुछ चैन की सांस ली।
दरअसल, मेडिकल कॉलेज में मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए एक निजी फर्म (private firm) का ठेका हुआ है। आए दिन भोजन की गुणवत्ता को लेकर मेडिकल कॉलेज में विवाद होता रहता है, मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा मामले को दबा दिया जाता है।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 413
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4648
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4592
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3759
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34721
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72469
इस समय देश में 1,48,359 मरीजों का इलाज जारी है। एक्टिव केसों की दर 0.35% है। डेली पॉजिटिविटी रेट 1.2
व्यक्ति शारीरिक दृष्टि से ही रोगी नहीं होता, अपितु वह भावनात्मक, मानसिक एवं सामाजिक रोगी भी हो सकता
रविवार को सिविल अस्पताल में पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयोजित सेवा सप्ताह पखवाड़ा के अन्तर्गत विशेष कैम्
इस दवा की मार्केटिंग LOBG ब्रांड नाम के अंतर्गत की जाएगी। इस दवा में लोबेग्लिटाज़ोन 0.5 मिलीग्राम हो
एसजीपीजीआई की वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. पियाली भटटाचार्या बताती हैं कि यह पैरामाइक्सो वायरस परिवार
पीठ ने कहा, ‘‘जब भारत सरकार और एमसीसी ने काउंसिलिंग का कोई भी विशेष चरण न कराने का फैसला जब सोच समझक
रविवार को पटना में 343 नये मामले की पहचान हुई है। बता दें कि सबसे अधिक मरीज शहर के पीएमसीएच, आइजीआइए
कोरियाई कंपनियों ने भारत में कोरियाई प्रवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली द यूनाइटेड कोरियन एसोस
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक ऐसे समय में जब हर देश को स्वास्थ्य सेवा को सर्वोच्च महत्व देना चाहिए,
एबीडीएम के साथ ई-संजीवनी का एकीकरण एक ऐसा उदाहरण है जहां यूपी के दो करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट

COMMENTS