











































प्रतीकात्मक चित्र
लखनऊ। राजधानी के केजीएमयू ने एक बार फिर स्वास्थ्य जगत में प्रदेश का नाम ऊँचा किया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी चिकित्सा संस्थान को एक साथ आकस्मिक चिकित्सा में एमडी की पांच सीटों की मंजूरी मिली हो।
प्रदेश में आकस्मिक चिकित्सा (emergency medicine) में एमडी की उपाधि देने वाला केजीएमयू (KGMU) पहला और सबसे बड़ा संस्थान बन गया है। आज तक किसी भी चिकित्सा संस्थान को एक साथ आकस्मिक चिकित्सा में एमडी की पांच सीटों की मंजूरी नहीं मिली थी।
आकस्मिक चिकित्सा एक विशेषज्ञता है जिसमें चिकित्सक (physician) को गम्भीर बीमारी (serious illness) या चोट (injury) वाले रोगियों की आपात चिकित्सा (Emergency medicine) करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। केजीएमयू में यह सुविधा (MD seats) बढ़ने से ट्रॉमा के मरीजों (trauma patients) को गुणवत्तापूर्ण त्वरित चिकित्सा पहले की अपेक्षा और जल्दी प्राप्त होगी।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (King George Medical University) को इमरजेंसी मेडिसिन की पांच सीट मिलने पर संस्थान में ख़ुशी का माहौल था। कुलपति डॉ बिपिन पुरी (VC Dr. Bipin Puri) ने विभागाध्यक्ष डॉ हैदर अब्बास को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की मांग तेजी से बढ़ रही है और मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की दिशा में यह कोर्स अहम भूमिका निभाएगा। केजीएमयू की व्यवस्थाओं को देखते हुए नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) ने इस संस्थान को यह जिम्मेदारी दी है।
केजीएमयू में आकस्मिक चिकित्सा की पाँच पीजी सीटे होने से मरीजों को और अच्छा इलाज (better treatment) मिल सकेगा क्योंकि हर साल पांच नए डॉक्टर बढ़ जाएंगे। तीन साल में कुल 15 डॉक्टर इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहें होंगे। ट्रॉमा के बहुत से मरीजों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
केजीएमयू में आकस्मिक चिकित्सा के विभागाध्यक्ष (HOD Emergency Medicine,) डॉ हैदर अब्बास ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 से नई सीटों पर दाखिले की मंजूरी दे दी है। एमडी इमरजेंसी मेडिसिन की एक साथ पांच सीटों को मान्यता मिली है जो एक इतिहास बन जाएगा। अपनी छवि के अनरूप केजीएमयू इमरजेंसी मेडिसिन में नए कीर्तिमान स्थापित करने का प्रयास जारी रखेगा।







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