देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

जानिये नपुंसकता के कारण और निवारण।

नपुसंकता अब सामान्य हो चली है । तनाव या डिप्रैशन के होना इसकी प्रमुख जड़ है ।बार-बार हो रही बीमारियां या स्वास्थ्य का खराब रहना भी नपुंसकता के लक्षण हो सकते हैं । 

लेख विभाग
September 20 2021 Updated: September 20 2021 23:32
0 38820
जानिये नपुंसकता के कारण और निवारण। प्रतीकात्मक

- डॉ के के अग्रवाल

नपुसंकता यानि (Erectile dysfunction) उस यौन संबंधित रोग को कहते हैं जो इंसान के शरीर में वीर्य कम या खत्म हो जाता है और इसी कारण वह संतान की प्राप्ति नहीं कर सकता । इसे स्तंभन दोष भी कहते हैं । 

नपुसंकता (Erectile dysfunction)अब सामान्य हो चली है । तनाव या डिप्रैशन के होना इसकी प्रमुख जड़ है ।बार-बार हो रही बीमारियां या स्वास्थ्य का खराब रहना भी नपुंसकता के लक्षण हो सकते हैं । 

कईं बार सिर्फ नपुसंकता (Erectile   होना सैक्स समस्या नहीं हो सकता बल्कि इसके दूसरे कारण भी हो सकते हैं । इसके पीछे दूसरे शारीरिक कारण भी हो सकते हैं, जैसे-

  • समय से पहले वीर्य का निकल जाना
  • देरी से या कम मात्रा में वीर्य का निकलना
  • सेक्स में मन न लगना

नपुसंकता के कारण (Causes of Erectile dysfunction)

  • दिल संबंधी रोग, जैसे – हार्ट अटैक, थक्का लगना आदि
  • डायबटिज़
  • बल्ड प्रैशर
  • कैंसर
  • डिप्रैशन
  • नशीली दवाओं के सेवन द्वारा
  • शराब का उपयोग
  • धूम्रपान

नपुसंकता के लिए इसमें से कोई भी कारक जिम्मेदार हो सकते हैं | यही कारण है कि आपको अपने सैक्सोलॉजिस्ट से संपर्क करना ज़रुरी है ।

लिंग का खड़ा न होना 
लिंग का बड़ा या खड़ा होना खून में रक्त के प्रवाह की वजह से होता है । रक्त का यह प्रवाह आमतौर पर सैक्स भावनाओं के मन में आने और लिंग के साथ किसी सैक्स संबंधी साधन के संपर्क में आने से होता है |

जब कोई मनुष्य यौन रुप से उत्तेजित होता है तब उसके लिंग में रक्त का प्रवाह होना जारी होता है । उस समय अगर मनुष्य इससे और उत्तेजक बनाना चाहता है तो खून का दौर या प्रवाह और अधिक तेजी से होने लगता है । जब लिंग की मांसपेशियों में रक्त का यह प्रवाह पूरी तरह भर जाता है तब लिंग कठोर हो जाता है । 

क्या दिक्कतें आती हैं ? (Complication)
डॉक्टरों और सैक्सोलॉजिस्ट के शोध के अनुसार आजकल बहुत से पुरुषों में नपुंसकता बढ़ती जा रही है । अगर आयु के अनुसार देखें तो :

  • 60 से कम आयु के पुरुषों में लगभग 12 प्रतिशत
  • 60 से अधिक आयु के लोगों में 22 प्रतिशत
  • 70 या उससे अधिक उम्र के लोगों में 30 प्रतिशत 

वैसे आयु के साथ नपुसंकता (Erectile dysfunction) का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन जब आप उम्र के पड़ाव को पूरा करते हैंतो नपुसंकता होना परेशानी की बात नहीं है । आयु बढ़ने के साथ लिंग का कठोर होना या खड़ा होना कठिन हो जाता है । 

नपुंसकता युवा पुरुषों के बीच भी हो सकती है । लंदन में 2013 में किए एक शोध में पाया गया कि नपुंसकता से ग्रसित अधिकतकर लोग 40वर्ष से कम आयु के थे । वैज्ञानिकों ने 40 वर्ष से कम पुरुषों में धूम्रपान करने और अवैध दवाओं के उपयोग को नपुंसकता का कारण बनाया ।इससे यह बात भी सामने आयी है कि युवाओं में नपुंसकता होने के पीछे उनकी अनहेल्दी लाइफस्टाइल है ।

जाँच (Diagnosis)
डॉक्टर आपसे आपके स्वास्थ्य इतिहास को लेकर प्रश्न पूछता है ।वे इसे कन्फर्म करने के लिए जांच कर सकते हैं और पता लगा सकते हैं कि आपके रोग के लक्षण का कारण क्या है । आप अपने अंडकोष और लिंग की जांच करवाएं । वे आपकी प्रोस्टेट जांच के लिए एक रेक्टल परिक्षण की भी कर सकते हैं । इसके अलावा आपको दूसरी जांच जैसे खून या पेशाप की जांच की ज़रुरत हो सकती है ।

एनपीटी जांच ( NPT TEST)
एनपीटी की जांच (NPT) एक पोर्टेबल और बैटरी द्वारा चलने वाले यंत्र से की जाती है,जिसे आप सोते या लेटते वक्त अपनी जांघों में पहनते हैं । यह यंत्र रात के भोजन यानि डिनर की गुणवत्ता को परखता हैऔर डेटा जमा करता है और जिसे बाद में आपका सैक्सोलॉजिस्ट  एक्सेस कर सकता है । आपका लिंग आपकी नपुसंकता (Erectile dysfunction) को बेहतर तरीके से समझने के काम आता है ।

सीधे शब्दों में कहा जाए तो एनपीटी(NPT) एक स्वस्थ कामकाजी लिंग को परखने वाला परिक्षण है ।

इलाज (Treatment)
नपुंसकता का इलाज बाहरी न होकर कईं हद तक भीतरी है । आपको कुछ चीजों पर ध्यान देना होगा जैसे – दवाओं पर, जीवनशैली में बदलाव के द्वारा आप इसे ठीक कर सकते हैं ।

उपचार
नपुसंकता के लिए आपके डॉक्टर जांच के आधार पर आपको दवाईयां दे सकता है । इलाज के दौरान आपको इन दवाओं का सेवन करना पड़ सकता है परंतु इन दवाओं का दुष्प्रभाव भी हो सकता है । यदि आप शरीर में किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट का अनुभव कर रहे हैं तो फौरन आपने डॉक्टर से बात करें ।वे आपको दूसरी दवा सुझा सकते हैं । नपुसंकता (Erectiledysfunction) के उपचार के लिए कुछ दवाएं आपको फायदा दे सकती हैं और आपके लिंग में खून के प्रवाह को सही कर सकती हैं, ये दवाएं हैं –

  • सिल्डेनाफिल
  • तडालाफिल
  • टेस्टोस्टेरोन
  • वाराणनाफिल 

प्राकृतिक उपचार
कुछ पुरुषों के मामलों में उन्हेंप्राकृतिक उपचार मदद कर सकते हैं । लेकिन किसी भी आयुर्वेदिक या देसी इलाज को करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें ।

यहां कुछ आयुर्वेदिक दवाईयां बताई गई हैं जो नपुसंकता के इलाज में सफल मानी गई हैं -

  • जिनसेंग
  • योहिम्बे
  • शतावरी रेसमोसस
  • टॉक थेरेपी

मानसिक स्तर का नपुसंकता के होने या न होने पर बहुत प्रभाव पड़ता हैं -

  • तनाव या डिप्रैशन
  • चिंता
  • पोस्ट-आघात विकार (PTSD)

अगर आपको इनमें से किसी प्रकार की मानिसक समस्या है तो यह आपके अंदर नपुंसकता का कारण हो सकते हैं । 

कुछ बेसिक जीवनशैली में बदलाव आपके अंदर नपुंसकता को कम कर सकते हैं, जैसे –

  • नियमित व्यायाम
  • संतुलित और पौष्टिक आहार
  • नशीले पदार्थों के सेवन से बचें
  • तनाव, चिंता कम करें 

नपुसंकता और कुछ नहीं, आपकी जीवनशैली पर निर्भर है । अगर स्वस्थ जीवनशैली होगी तो नपुंसकता की संभावना बहुत कम होगी 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

रोबोटिक सर्जन डॉ संदीप नायक को दुनिया का सर्वोच्च सम्मान

रोबोटिक सर्जन डॉ संदीप नायक को दुनिया का सर्वोच्च सम्मान

रंजीव ठाकुर September 14 2022 45807

डॉ संदीप नायक दुनिया के तीन सर्वश्रेष्ठ रोबोटिक सर्जन्स में से एक बन गए है। इस उपलब्धि को हासिल करने

अनचाहे बालों को हटाने के उपाय।

अनचाहे बालों को हटाने के उपाय।

लेख विभाग September 01 2021 48342

शरीर से बालों को हटाने के कई ऊपाय हैं। कई लोग इसके लिए थ्रेडिंग का सहारा भी लेते हैं लेकिन इसमें आपक

वैश्विक पुनर्स्थापना की ओर अग्रसर है आयुर्वेद : प्रो. एके सिंह

वैश्विक पुनर्स्थापना की ओर अग्रसर है आयुर्वेद : प्रो. एके सिंह

आनंद सिंह April 01 2022 24541

कोरोना के संकट में आयुर्वेद की उपयोगिता सच्चे हितैषी के रूप में प्रमाणित हुई है। आयुर्वेद के विद्यार

इंडोनेशिया में कोरोना कहर: एक दिन में 54 हजार से ज्यादा नए केस, एशिया का नया हब। 

इंडोनेशिया में कोरोना कहर: एक दिन में 54 हजार से ज्यादा नए केस, एशिया का नया हब। 

हे.जा.स. July 16 2021 22041

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता की एक करोड़ से ज्यादा आबादी में से आधी आबादी कोरोना संक्रमित हो सकती ह

अगले माह शुरू होगा पीजीआई का ट्रामा सेंटर।

अगले माह शुरू होगा पीजीआई का ट्रामा सेंटर।

हुज़ैफ़ा अबरार October 25 2021 26497

पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन बताते हैं कि ट्रामा सेंटर के संचालन की मंजूरी दे दी गई है। यहां बने कोवि

कोरोना अपडेट: 8 नए रूपों में दिख सकता है नया ओमिक्रोन वेरियेंट बीए.2.75

कोरोना अपडेट: 8 नए रूपों में दिख सकता है नया ओमिक्रोन वेरियेंट बीए.2.75

एस. के. राणा July 11 2022 22893

देश में लगातार बढ़ रहे कोविड संक्रमण के मामलों ने चिंता बढ़ा रखी है और अब ओमिक्रोन के नए वेरिएंट बीए

कोविड-19 के बाद अब डिजीज X का खतरा !

कोविड-19 के बाद अब डिजीज X का खतरा !

एस. के. राणा November 24 2022 28318

डब्ल्यूएचओ द्वारा प्राथमिकता वाले रोगजनकों की इस लिस्ट में कोविड-19, इबोला वायरस, मारबर्ग वायरस, लस्

2030 तक मैनिंजाइटिस को खत्म करने तथा मौतों की संख्या 70% तक कम करने का लक्ष्य: विश्व स्वास्थ्य संगठन 

2030 तक मैनिंजाइटिस को खत्म करने तथा मौतों की संख्या 70% तक कम करने का लक्ष्य: विश्व स्वास्थ्य संगठन 

एस. के. राणा September 29 2021 30260

कई टीके विकसित किये जा चुके हैं, जो मेनिन्जाइटिस से बचाव करते हैं। जिनमें मेनिंगोकोकल, हीमोफिलस इन्फ

Maternal hypertensive disorder of pregnancy and mortality in offspring from birth to young adulthood: national population based cohort study

Maternal hypertensive disorder of pregnancy and mortality in offspring from birth to young adulthood: national population based cohort study

British Medical Journal October 19 2022 28892

Maternal HDP, particularly eclampsia and severe pre-eclampsia, is associated with increased risks of

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बुजुर्गों की देखभाल के बारे में जागरूकता अभियान

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बुजुर्गों की देखभाल के बारे में जागरूकता अभियान

हे.जा.स. October 30 2025 1925

‘अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस’ की पूर्व संध्या पर साझा किया गया यह निष्कर्ष 2023 के लिए नमूना पंजीकरण

Login Panel