देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

ह्रदय की मांसपेशियों के नष्ट होने का प्रमुख कारण है हार्ट अटैक के इलाज में देरी करना। 

ज्यादातर युवा रिमोट वर्किंग मोड में काम कर रहे हैं लेकिन यह जरूरी है कि आप इस दौरान भी फिजिकली ज्यादा एक्टिव रहें। इससे आप स्वस्थ रह सकते हैं और बीमारियों से दूर रह सकते हैं।

0 26068
ह्रदय की मांसपेशियों के नष्ट होने का प्रमुख कारण है हार्ट अटैक के इलाज में देरी करना।  डॉ अभिनीत गुप्ता, कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, कानपुर

कानपुर। कोविड 19 लॉकडाउन के दौरान कई लोगो को जॉब खोने, कोविड होने का डर, वर्क फ्रॉम होम से सम्बंधित स्ट्रेस से गुजरना पड़ा, जिस वजह से उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और अन्य हृदय सम्बंधित समस्याएँ से ग्रसित होने का ख़तरा बढ़ गया है। साथ ही कई लोग जो कोविड से रिकवर कर चुके है उनमें भी ह्रदय सम्बन्धी समस्या बढ़ने का खतरा और बढ़ गया है । डॉ अभिनीत गुप्ता, कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, कानपुर ने कहा कि यदि ऐसे लोगो ने अपने हार्ट समस्याओ के लक्षणों को नज़रअंदाज किया और ट्रीटमेंट कराने में देरी की तो उनको हार्ट मसल्स में परमानेंट डैमेज होने का खतरा है ।
 
कोरोनावायरस महामारी के मुश्किल समय के दौरान हार्ट अटैक की घटना होना सभी के लिए चिंता की बात है। ज्यादातर युवा कार्डियक समस्याओं का सामना कर रहे हैं क्योंकि उनमें अनियमित लाइफस्टाइल और अनियंत्रित डाईट होने के साथ कोविड -19 संक्रमण ने ऐसे केसेस को बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स की मानें तो हार्ट अटैक की घटनाएं अब 15 से 20% तक बढ़ गई हैं।
 
डॉ गुप्ता ने कहा, "अगर आपको डाईबटिस या ब्लड प्रेशर की समस्या है तो आपको ब्लड क्लॉटिंग होने के चांस ज्यादा होते हैं और इन ब्लड के थक्को से आर्टरीज में जमाव हो जाता है जिससे हार्ट अटैक होता है।नोन कम्यूनिकबल डिज़ीज़ेज़ जिसमे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और स्मोकिंग शामिल है वे हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण है। हम पहले से ही एनसीडी बीमारियों से जूझ रहे हैं और इसमें कोविड-19 ने और एक बीमारी बढ़ा दी है। पहले हमें 10 से 15 हार्ट अटैक के केसेस मिलते थे लेकिन अब हमें 20 से 25 हार्ट अटैक के मरीज मिल रहे हैं। “
 
हैंडवाशिंग, सैनिटाइजिंग और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन करते रहना चाहिए भले ही वैक्सीन आ गयी हो, यह बहुत जरूरी चीज है। इसके अलावा हार्ट अटैक से संबंधित खतरों के फैक्टर के बारे में भी पता होना चाहिए। कुछ फैक्टर आपमें हार्ट अटैक के खतरों को बढ़ा सकते हैं, जैसे स्मोकिंग, किडनी की बीमारी या परिवार में कम उम्र में प्रारंभिक हार्ट की बीमारी होना आदि। अगर आप इन रिस्क फैक्टर को जानते रहेंगे तो आपको और आपकी स्वास्थ्य देखभाल टीम को आपके लिए सर्वोत्तम ट्रीटमेंट योजना पर निर्णय लेने में मदद मिल सकती है। कई रिस्क फैक्टर को लाइफस्टाइल में बदलाव करने से रोका जा सकता है।

डॉ अभिनीत गुप्ता ने आगे कहा, " ज्यादातर युवा रिमोट वर्किंग मोड में काम कर रहे हैं लेकिन यह जरूरी है कि आप इस दौरान भी फिजिकली ज्यादा एक्टिव रहें। इससे आप स्वस्थ रह सकते हैं और बीमारियों से दूर रह सकते हैं। युवा लोगों को कम से 150 मिनट मॉडरेट-इंटेंसिटी एरोबिक एक्टिविटी या 75 मिनट विगोरस एक्टिविटी हर हफ्ते करनी चाहिए। अगर आप पहले से ही एक्टिव हैं तो आप ज्यादा फायदे के लिए इंटेंसिटी को बढ़ा सकते हैं। अगर आप एक्टिव नहीं है तो कम बैठे रहने और ज्यादा टहलते रहने से शुरुआत कर सकते हैं।"

हेल्थ से जुड़ी सभी ख़बरों के लिए हमारे Facebook पेज को लाइक करें, हमारे YouTube चैनल को सब्स्क्राइब करें। Twitter अकाउंट को फॉलो करें।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

आयुर्वेद केवल चिकित्सीय विज्ञान ही नही,  स्वस्थ जीवनशैली जीने के लिए एक मार्गदर्शक भी है 

आयुर्वेद केवल चिकित्सीय विज्ञान ही नही,  स्वस्थ जीवनशैली जीने के लिए एक मार्गदर्शक भी है 

लेख विभाग August 01 2022 32295

आयुर्वेद का प्रमुख लक्ष्य बीमारी का इलाज करने के बजाय स्वास्थ्य को बनाए रखना है। आयुर्वेद के अनुसार,

12 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा बाबा बन्दा बहादुर चेरिटेबल अस्पताल

12 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा बाबा बन्दा बहादुर चेरिटेबल अस्पताल

विशेष संवाददाता February 10 2023 25578

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने फरीदाबाद में करीब 12.30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बाबा बन्दा स

सऊदी अरब में योग का क्रेज

सऊदी अरब में योग का क्रेज

हे.जा.स. October 01 2022 34226

अब पूरी दुनिया में लोग योग के मुरीद होते जा रहे हैं। वहीं जागरूकता फैलाने और समाज के सभी वर्गों के ल

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने जारी किया एमबीबीएस का शेड्यूल

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने जारी किया एमबीबीएस का शेड्यूल

एस. के. राणा October 13 2022 31961

एमबीबीएस कोर्स की कुल अवधि 66 महीने है। पहले 13 महीनों के दौरान- 15 नवंबर, 2022 से शुरू होकर 15 दिसं

असफलता से ना हो निराश, जानिए ये मूल मंत्र हो जाएंगे सफल

असफलता से ना हो निराश, जानिए ये मूल मंत्र हो जाएंगे सफल

अखण्ड प्रताप सिंह July 08 2023 164437

आपको असफलता से निराश नहीं होना है। आप अपनी गलतियों से सीखिएं और कोशिश करिए कि कहां चूक हुई है, क्यों

कमजोर इम्युनिटी वालों को हो रहा म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण। 

कमजोर इम्युनिटी वालों को हो रहा म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण। 

हुज़ैफ़ा अबरार May 11 2021 36847

डायबिटिक मरीजों में म्यूकोरमाइकोसिस के मामले मिलते रहते हैं लेकिन अगर किसी का शुगर लेवल कंट्रोल में

आईएमए गोरखपुर का मिशन जनकल्याण: निशुल्क मेडिकल कैंप लगाकर देगा स्वस्थ्य सेवायें

आईएमए गोरखपुर का मिशन जनकल्याण: निशुल्क मेडिकल कैंप लगाकर देगा स्वस्थ्य सेवायें

आनंद सिंह April 03 2022 29915

जनकल्याण मिशन के तहत आज शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में डॉक्टर शिव शंकर शाही ने लेजर विधि द्वारा 3 बुजुर्गो

सरकार का काम है अराजक तत्वों से निपटना, डाक्टर का काम है इलाज करनाः डा. आरएन सिंह

सरकार का काम है अराजक तत्वों से निपटना, डाक्टर का काम है इलाज करनाः डा. आरएन सिंह

आनंद सिंह April 12 2022 40677

यह देखना प्रशासन का काम है कि अराजक तत्वों पर किस प्रकार की कार्रवाई हो रही है लेकिन यह भी ध्यान में

देश में कोविड वैक्सीन की एक भी डोज ना लेने वालों का आंकड़ा करोडों के पार

देश में कोविड वैक्सीन की एक भी डोज ना लेने वालों का आंकड़ा करोडों के पार

रंजीव ठाकुर July 24 2022 27171

देश में अब तक कोविड वैक्सीन की 200 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं लेकिन ऐसे लोगों की संख्या भी

सीओपीडी के मरीज ठण्ड में सुबह की सैर करने से बचे : डा. ए. के. सिंह

हुज़ैफ़ा अबरार November 19 2022 31726

सीओपीडी का सबसे सही इलाज इन्हेलर है इससे दवा सिर्फ आपके फेफडों में जाती है और मुहं में जो दवा का इफे

Login Panel