देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

लेख

बुढ़ापा आने के संभावित कारण

जैसे जैसे हमारी आयु बढ़ती है, हमारे शरीर की कई प्रणालियां जर्जर होने लगती हैं। जैसे कि हमारी आंखे कमजोर पड़ने लगती हैं, जोड़ हिलने लगते हैं और त्वचा पतली होने लगती है।

लेख विभाग
October 03 2022 Updated: October 04 2022 03:56
0 31628
बुढ़ापा आने के संभावित कारण प्रतीकात्मक चित्र

मानव जाति के इतिहास में बुढ़ापा अबूझ पहेली बना हुआ है। हम बूढ़े क्यों होते हैं?  निराशा की बात है कि इसका कोई निश्चित जवाब भी तक नहीं मिला है लेकिन अब तक जो पता चल पाया है, वो ये रहा हैं। 

जैसे जैसे हम उम्रदराज होते हैं, हमारे शरीर की कई प्रणालियां जर्जर होने लगती हैं। जैसे कि हमारी आंखे कमजोर पड़ने लगती हैं, जोड़ हिलने लगते हैं और त्वचा पतली होने लगती है।  जितना बूढ़े (aging) होते जाते हैं उतना ही बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है, हड्डिया चरमरा जाती हैं और आखिरकार हम मर जाते हैं। 

हमारी प्रजनन संबंधी कामयाबी, जो जीवनकाल में एक व्यक्ति की संतान पैदा करने की क्षमता के बारे में बताती है, वो भी उम्र के साथ घटने लगती है। फ्राइबुर्ग यूनिवर्सिटी (University of Freiburg) में इवोल्युश्नरी बायोलॉजी के प्रोफेसर थोमास फ्लाट  (Thomas Fltt)ने डीडब्ल्यू को बताया, "अधिकांश जीवों के साथ यही होता है।"

वो कहते हैं, "प्राकृतिक चयन से क्रमिक विकास ठीक ठीक इस बारे में है कि आप कितनी सशक्त संताने पैदा कर पाते हैं।  जितनी सशक्त, जीवित रह सकने लायक संतान आप पैदा करते हैं, उतना ही अधिक जीन्स आगे जाएंगी- ये सारा मामला प्रजनन को अधिकतम बनाने का है। "

जीव बूढ़े क्यों होते हैं

जीवों में उम्र के साथ प्राकृतिक चयन कमजोर पड़ता जाता है। इसका मतलब यह है कि प्रजनन (reproduction) के बाद जो कुछ भी होता है उसका इस बात पर बहुत ही कम असर पड़ता है कि आप अगली पीढ़ी को अपनी जीन्स (genes) कितनी कुशलता से दे पाते हैं। यही बात क्रमिक विकास को समझने की कुंजी है।

बूढ़े होते हुए आपकी अवस्था अच्छी है या बुरी है, वास्तव में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है। क्योंकि आप संतान तो पैदा कर ही नहीं पायेंगे।अतीत मे इंसान, और जंगलों मे रहने वाले अधिकांश जीव, अपने आसपास के खतरनाक पर्यावरण की वजह से, बुढ़ापे की अवस्था में पहुंच ही नहीं पाते थे। इसका मतलब जीवों (organisms) में उम्र के साथ प्राकृतिक चयन कमजोर पड़ता जाता है। प्रोफेसर फ्लाट कहते हैं, साफ शब्दों में कहें तो बहुत बूढ़े जीव, क्रमिक विकास के नजरिए से व्यर्थ होते हैं।"

संचित तब्दीलियां (म्यूटेशन)

अब कल्पना कीजिए कि एक विशुद्ध संयोग की बदौलत आपको वंशानुक्रम यानी विरासत में एक खतरनाक म्यूटेशन (Mutations) मिल जाता है यानी खतरनाक बदलाव आप में आ जाता है। हालांकि आप उन बुरे प्रभावों का अनुभव करने के लिए उतना लंबा नहीं जी पाएंगे, लेकिन वो म्यूटेशन आपके जिनोम (जीन्स) में पड़ा रहेगा और उस तरह आपकी संतान तक पहुंच जाएगा।

प्रोफेसर फ्लाट और लिंडा पैट्रिज का एक लेख बीएमसी बायोलॉजी (BMC Biology) में प्रकाशित हुआ है। जिसके मुताबिक इस बात के भी प्रमाण उपलब्ध हैं कि प्राकृतिक चयन कुछ उत्परिवर्तनों (म्यूटेशनों) की मदद कर सकता है जिनका शुरुआती अवस्था में तो सकारात्मक असर हो सकता है लेकिन उम्रदराज होते होते नकारात्मक असर आने लगते हैं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

दो महीने में टीके की बड़ी मात्रा होगी उपलब्ध- डायरेक्टर एम्स दिल्ली

दो महीने में टीके की बड़ी मात्रा होगी उपलब्ध- डायरेक्टर एम्स दिल्ली

एस. के. राणा May 16 2021 30707

स्पुतनिक ने निर्माण के लिए भारत में कई कंपनियों के साथ करार किया है। भारत बायोटेक और एसआईआई द्वारा न

सहारा हॉस्पिटल में दिल का वाल्व रिपेयर कर मरीज़ को दिया नया जीवन।

सहारा हॉस्पिटल में दिल का वाल्व रिपेयर कर मरीज़ को दिया नया जीवन।

हुज़ैफ़ा अबरार November 04 2021 36302

डा. विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अब इस नयी तकनीक यानि वाल्व रिपेयर से बहुत से मरीज लाभान्वित हो पाएं

दोहरी स्थानांतरण नीति के खिलाफ दो घंटे कार्य बहिष्कार।

दोहरी स्थानांतरण नीति के खिलाफ दो घंटे कार्य बहिष्कार।

हुज़ैफ़ा अबरार July 11 2021 28392

महासंघ ने मांग किया की उनको चिकित्सा स्वास्थ्य शासन के अनुभाग.7 दिनांक 27 जून-18 के पैरामेडिकल संवर्

रायबरेली एम्स में अब आर्थिक तंगी के कारण नहीं रुकेगा इलाज

रायबरेली एम्स में अब आर्थिक तंगी के कारण नहीं रुकेगा इलाज

श्वेता सिंह September 25 2022 49369

इसके साथ ही एम्स को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच गयी है। एम्स प

एंडोक्राइन सिस्टम और उससे जुड़ी  बीमारियाँ।

एंडोक्राइन सिस्टम और उससे जुड़ी बीमारियाँ।

लेख विभाग September 28 2021 33218

डायबिटीज और थायराइड डिजीज, ग्रोथ डिसऑर्डर, सेक्सुअल डिसफंक्शन के साथ हाॅर्मोन संबंधी बीमारी के होने

देश में डॉक्टरों की कोई कमी नहीं: केंद्र सरकार

देश में डॉक्टरों की कोई कमी नहीं: केंद्र सरकार

विशेष संवाददाता July 28 2022 32023

जून 2022 तक देश में पंजीकृत एलोपैथी डॉक्टरों की कुल संख्या 13,08,009 है। साथ ही 5.65 लाख आयुष डॉक्टर

कोविड-19 संक्रमण: देश में मरीजों के ठीक होने की दर 97 प्रतिशत के पार।

कोविड-19 संक्रमण: देश में मरीजों के ठीक होने की दर 97 प्रतिशत के पार।

एस. के. राणा July 03 2021 30954

देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी कम होकर 5,09,637 हो गई है, जो कुल मामलों का 1.67 प्रतिशत है। म

देहरादून के बेस हॉस्पिटल में डायलिसिस के लिए 4 नई मशीनें लगीं

देहरादून के बेस हॉस्पिटल में डायलिसिस के लिए 4 नई मशीनें लगीं

विशेष संवाददाता March 11 2023 23675

जिले में डायलिसिस के लिए 4 नई मशीनें आई हैं। पहले सिर्फ 3 मशीनें थीं। इस तरह जिले में अब डायलिसिस के

डोलो-650 बनाने वाली कंपनी माइक्रो लैब्स ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया निराधार

डोलो-650 बनाने वाली कंपनी माइक्रो लैब्स ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया निराधार

विशेष संवाददाता August 21 2022 33014

डोलो 650 बनाने वाली कंपनी ने अब अपनी दलील पेश की है। दवा कंपनी माइक्रो लैब्स लिमिटेड ने अपने ऊपर लग

डीएम लखनऊ ने किया बच्चों के टीकाकरण अभियान का निरीक्षण

डीएम लखनऊ ने किया बच्चों के टीकाकरण अभियान का निरीक्षण

हुज़ैफ़ा अबरार January 08 2022 30839

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते कहा कि जिन लोगों ने अभी तक टीकाकरण नहीं कराया है, वह रविवार स

Login Panel