











































प्रतीकात्मक चित्र
मानव जाति के इतिहास में बुढ़ापा अबूझ पहेली बना हुआ है। हम बूढ़े क्यों होते हैं? निराशा की बात है कि इसका कोई निश्चित जवाब भी तक नहीं मिला है लेकिन अब तक जो पता चल पाया है, वो ये रहा हैं।
जैसे जैसे हम उम्रदराज होते हैं, हमारे शरीर की कई प्रणालियां जर्जर होने लगती हैं। जैसे कि हमारी आंखे कमजोर पड़ने लगती हैं, जोड़ हिलने लगते हैं और त्वचा पतली होने लगती है। जितना बूढ़े (aging) होते जाते हैं उतना ही बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है, हड्डिया चरमरा जाती हैं और आखिरकार हम मर जाते हैं।
हमारी प्रजनन संबंधी कामयाबी, जो जीवनकाल में एक व्यक्ति की संतान पैदा करने की क्षमता के बारे में बताती है, वो भी उम्र के साथ घटने लगती है। फ्राइबुर्ग यूनिवर्सिटी (University of Freiburg) में इवोल्युश्नरी बायोलॉजी के प्रोफेसर थोमास फ्लाट (Thomas Fltt)ने डीडब्ल्यू को बताया, "अधिकांश जीवों के साथ यही होता है।"
वो कहते हैं, "प्राकृतिक चयन से क्रमिक विकास ठीक ठीक इस बारे में है कि आप कितनी सशक्त संताने पैदा कर पाते हैं। जितनी सशक्त, जीवित रह सकने लायक संतान आप पैदा करते हैं, उतना ही अधिक जीन्स आगे जाएंगी- ये सारा मामला प्रजनन को अधिकतम बनाने का है। "
जीव बूढ़े क्यों होते हैं
जीवों में उम्र के साथ प्राकृतिक चयन कमजोर पड़ता जाता है। इसका मतलब यह है कि प्रजनन (reproduction) के बाद जो कुछ भी होता है उसका इस बात पर बहुत ही कम असर पड़ता है कि आप अगली पीढ़ी को अपनी जीन्स (genes) कितनी कुशलता से दे पाते हैं। यही बात क्रमिक विकास को समझने की कुंजी है।
बूढ़े होते हुए आपकी अवस्था अच्छी है या बुरी है, वास्तव में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है। क्योंकि आप संतान तो पैदा कर ही नहीं पायेंगे।अतीत मे इंसान, और जंगलों मे रहने वाले अधिकांश जीव, अपने आसपास के खतरनाक पर्यावरण की वजह से, बुढ़ापे की अवस्था में पहुंच ही नहीं पाते थे। इसका मतलब जीवों (organisms) में उम्र के साथ प्राकृतिक चयन कमजोर पड़ता जाता है। प्रोफेसर फ्लाट कहते हैं, साफ शब्दों में कहें तो बहुत बूढ़े जीव, क्रमिक विकास के नजरिए से व्यर्थ होते हैं।"
संचित तब्दीलियां (म्यूटेशन)
अब कल्पना कीजिए कि एक विशुद्ध संयोग की बदौलत आपको वंशानुक्रम यानी विरासत में एक खतरनाक म्यूटेशन (Mutations) मिल जाता है यानी खतरनाक बदलाव आप में आ जाता है। हालांकि आप उन बुरे प्रभावों का अनुभव करने के लिए उतना लंबा नहीं जी पाएंगे, लेकिन वो म्यूटेशन आपके जिनोम (जीन्स) में पड़ा रहेगा और उस तरह आपकी संतान तक पहुंच जाएगा।
प्रोफेसर फ्लाट और लिंडा पैट्रिज का एक लेख बीएमसी बायोलॉजी (BMC Biology) में प्रकाशित हुआ है। जिसके मुताबिक इस बात के भी प्रमाण उपलब्ध हैं कि प्राकृतिक चयन कुछ उत्परिवर्तनों (म्यूटेशनों) की मदद कर सकता है जिनका शुरुआती अवस्था में तो सकारात्मक असर हो सकता है लेकिन उम्रदराज होते होते नकारात्मक असर आने लगते हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 154
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 126
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1176
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 385
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 245
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4998
एस. के. राणा January 20 2026 0 4949
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4851
एस. के. राणा January 13 2026 0 4627
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4529
एस. के. राणा February 01 2026 0 4305
एस. के. राणा February 04 2026 0 3976
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87043
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34931
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38104
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35602
लेख विभाग March 19 2022 0 35217
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72777
In the three large prospective cohorts, high consumption of total ultra-processed foods in men and c
स्क्रब टायफस के ज्यादातर मरीज पहाड़ी इलाकों में ही पाए जाते हैं। यह एक जीवाणुजनित संक्रमण है, जिससे
प्रेरणा गर्ल्स स्कूल स्टडी हॉल के बच्चों को इम्युनिटी के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया
रजिस्ट्रेशन करने के लिए छात्रों को अपने नीट पीजी रोल नंबर और ईमेल आईडी से लॉगिन करना होगा। ध्यान दें
कल एक दिन में कुल 1,25,670 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 2,85,78,777 सैम्पल की जांच की
अल्जाइमर्स एक दिमागी बीमारी है,जो व्यक्ति के दिमाग को कमजोर कर मैमोरी पर असर डालती है। पहले ये बीमार
प्रदेश में अक्तूबर से अब तक जीका वायरस के कुल 146 मरीज मिल चुके हैं। पर, राहत की बात यह है कि इनमें
पूरी दुनिया में कोरोना महामारी से फिलहाल राहत मिलने की खबर है। कई देशों में कोरोना संक्रमित घट गए है
दिवाली पर सबसे ज्यादा टेंशन डायबिटीज वालों की होती है। फेस्टिवल की डिशेज़ देखकर मुंह में पानी आना तो
यशोदा अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी का उद्घाटन किया गया। वहीं इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनस

COMMENTS