











































लखनऊ। विश्व में कैंसर के मरीज लगातार बढ़ रहे है, जो चिंता का विषय है, कैंसर की पहचान करने के लिये वायोप्सी की जाती है, लेकिन अशिक्षा के कारण लोग इसे कराने से डरते है, उनका कहना है कि बायोप्सी से कैंसर की बीमारी और तेजी से बढ़ती है, जो तथ्य पूरी तरह निराधार है।
कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और लोगों इस भयानक बीमारी के होने वाले नुकसान को कम करने के लिये एक वेबीनार में अपोलोमेडिक्स (Apollomedics) सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट (Medical Oncologist) डॉ हर्षवर्धन आत्रेय ने बताया कि आमतौर पर इस तरह की बीमारी होने पर मरीज डिप्रेशन में चला जाता है। गत वर्षों में कैंसर के सफल उपचार में बहुत प्रगति हुई है।
जब हम सर्जरी और बायोप्सी (biopsy) के बारे में बात करते हैं, तो लोगों को अभी भी गलतफहमी है कि सर्जरी के कारण चीरा लगने से कैंसर की वृद्धि दर में तेजी आती है। मानक प्रक्रियाओं के बाद सर्जन विशेष विधियों का उपयोग करते हैं और ट्यूमर (tumor) को हटाने के लिए बायोप्सी या सर्जरी के दौरान कैंसर (cancer) कोशिकाओं को फैलने से रोकने के लिए कई उपचार करते हैं। शुरुआती दौर में ही नई तकनीक और सर्जरी की मदद से कैंसर को पूरी तरह से दूर करना संभव है।
आपके डॉक्टर द्वारा बायोप्सी का सुझाव देने के दो मुख्य कारण रहते हैं, बेहतर निदान के लिए आपके कैंसर के टिशू सैंपल प्राप्त करना है, ताकि सबसे प्रभावी ड्रग थेरेपी लेने में मदद मिल सके और सर्जरी, कीमोथेरेपी (chemotherapy) जैसे उपचार करने से पहले आपको बीमारी का सही स्तर पता चल सके।
डॉ हर्षवर्धन आत्रेय ने कहा कि सुपरफूड कैंसर को ठीक (curing cancer) करने में मदद करता है, इस अवधारणा को दूर करते हुए बताया कि शब्द सुपरफूड (superfood) एक नया शब्द है जो कि बेरी फल, ब्रोकली, टमाटर, लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा है। हालंाकि ऐसा सोचा जाता है कि इन सभी के इस्तेमाल से कैंसर जैसी बीमारी से बचा जा सकता है। परंतु अभी तक वास्तव में ऐसे कोई पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत और शोध नहीं हैं, जो यह साबित कर सके। बेशक यह सभी आपको स्वस्थ रहने में सहायक है, परन्तु इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ये आहार कैंसर को कम कर सकते हैं, किसी व्यक्ति के बचने की संभावना बढ़ा सकते हैं या कैंसर का इलाज कर सकते हैं।
डॉ हर्षवर्धन (Dr Harshvardhan Atreya) के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का वजन कम होने लगता है, अचानक असुविधा महसूस करता है, भूख कम लगना, मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव, शरीर से अनावश्यक रक्तस्राव महसूस करता तो बिना किसी देरी के तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हमें समय-समय पर नियमित जांच करवानी चाहिए ताकि हम अपने शरीर में होने वाले किसी भी विकार के बारे में जान सकें।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1533
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1211
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 994
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 791
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4291
एस. के. राणा January 13 2026 0 4200
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3626
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37649
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35224
लेख विभाग March 19 2022 0 34727
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
हॉस्पिटल में तीमारदारों (मरीज के परिजनों) के ठहरने की पहले से व्यवस्था है। इस नये तरह के विश्रामालय
रायबरेली जिले से हाथ ठेले पर मरीज के अस्पताल पहुंचने का मामला सामने आया है।
लोहिया संस्थान में वर्ष 2016 में 456 गैर शैक्षणिक पदों की मंजूरी मिली थी। इनमें कंप्यूटर आपरेटर, टेक
A healthy lifestyle is associated with slower memory decline, even in the presence of the APOE ε4 al
आईसीएमआर के तहत काम करने वाले नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिकों का कहना है कि पुणे शहर म
बारिश में चेहरे पर ब्लैक और वाइट हेड्स नजर आने लगते हैं। ऐसे में चेहरे के लिए मुल्तानी मिट्टी वरदान
कोरोना वायरस के संक्रमण से 2,887 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 3,37,989 पर पहुंच गई जबक
स्वास्थ्य विभाग का नया कारनामा महामाया राजकीय ऐलोपैथिक मेडिकल सद्दरपुर से सामे आया है। जहां मेडिकल
कई टीके विकसित किये जा चुके हैं, जो मेनिन्जाइटिस से बचाव करते हैं। जिनमें मेनिंगोकोकल, हीमोफिलस इन्फ
लंपी वायरस में जानवरों में बुखार (fever) आना, आंखों एवं नाक से स्राव, मुंह से लार निकलना, शरीर में ग

COMMENTS