देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

शिक्षा

देश में डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने के लिए, विदेश के मेडिकल डिग्रीधारकों को एफएमजीई परीक्षा पास करना जरूरी 

विदेश में मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को भारत में सीधे डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं मिलता है। इसके लिए छात्रों को फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन में सफलता प्राप्त करना होता है। 

अखण्ड प्रताप सिंह
March 01 2022 Updated: March 01 2022 04:09
0 37163
देश में डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने के लिए, विदेश के मेडिकल डिग्रीधारकों को एफएमजीई परीक्षा पास करना जरूरी  प्रतीकात्मक

नयी दिल्ली। यूक्रेन समस्या के बीच भारतीय छात्रों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हर साल भारत के हजारों छात्र यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने जाते हैं। कई अन्य देश भी ऐसे हैं, जहां भारत के छात्र, वर्तमान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण नीट परीक्षा की कठिन और विदेश में मिलने वाली सस्ती तथा उच्च स्तरीय पढ़ाई है। 

विदेश में मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को भारत में सीधे डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं मिलता है। इसके लिए छात्रों को एफएमजीई (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन) में सफलता प्राप्त करना होता है। 

जानें एफएमजीई परीक्षा के बारे में - Know about FMGE Exam
एफएमजीई यानी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन का आयोजन एनबीई (National Examination Board) की ओर से हर साल दो बार किया जाता है। परीक्षा जून और दिसंबर महीने में आयोजित की जाती है। जो भी छात्र विदेशी कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई करते हैं, उन्हें भारत में उच्च शिक्षा और डॉक्टरी (प्रैक्टिसिंग) के लिए इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य है। परीक्षा में सफल होने के लिए छात्रों को न्यूनतम 50 फीसदी अंक लाने होते हैं। इस परीक्षा को पास करने वाले छात्रों को  राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (पुराना नाम मेडिकल कॉउंसिल ऑफ़ इंडिया) की ओर स्थायी पंजीकरण प्रदान किया जाता है। 

क्यों जरूरी है एफएमजीई परीक्षा? - Why is FMGE exam important?
कई जानकार बताते हैं कि विदेशों में होने वाली मेडिकल की पढ़ाई के लिए वहां कि विश्वविद्यालय नीट जैसी कोई कठिन परीक्षा का आयोजन नहीं करते हैं। भारत में नीट की परीक्षा में सफल छात्रों को भी अच्छी रैंक लाने पर ही मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिया जाता है। हालांकि, विदेशी विश्वविद्यालयों  में प्रवेश के लिए केवल नीट परीक्षा में सफल होना ही काफी है। अन्य कारण की बात करें तो भारत के स्वास्थ्य व्यवस्था के ढ़ांचे और इसकी जरूरतों के मुकाबले विदेशी व्यवस्था में काफी अंतर है। वहां की जनसंख्या, मौसमी बीमारियों आदि के मुकाबले भी भारत की स्थितियां भिन्न हैं। इन सब कारणों से एफएमजीई परीक्षा की अनिवार्यता और अधिक बढ़ जाती है। 

कौन-कौन से देश हैं पसंद? - Which countries are preffered?
विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने जाने वाले छात्रों की पहली पसंद मुख्यत:  चीन, रूस, यूक्रेन और नेपाल जैसे देश होते हैं। इसका कारण है कि भारत के मुकाबले इन देशों में मेडिकल की पढ़ाई ज्यादा किफायती होती है। हालांकि, इन प्रमुख देशों में पढ़ाई करने वाले छात्रों का असफलता प्रतिशत भी ज्यादा है। फ्रांस, केन्या जैसे देशों में पढ़कर आने वाले छात्रों ने अधिक फीसदी में एफएमजी में सफलता प्राप्त की है।  

क्या है एफएमजीई में सफलता प्रतिशत? - What is the success rate in FMGE?
एनबीई की ओर से कराई जाने वाली एफएमजीई यानी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन में भाग लेने वाले छात्रों के सफलता प्रतिशत को देखने पर परिणाम चिंता में डालने वाले दिखाई पड़ते हैं। अगर आंकड़ों पर ध्यान दें तो करीब 80 फीसदी छात्र जो विदेशी कॉलेजों से पढ़ाई कर के एफएमजीई परीक्षा में भाग लेते हैं, वह सफल नहीं हो पाते। 

क्या है मुख्य समस्या? - Main cause
जब छात्र देश के बाहर जाकर शिक्षा प्राप्त करते हैं तो छात्रों को समस्याएं तो होती ही हैं, साथ ही देश को आर्थिक घाटा भी झेलना पड़ता है। इसके साथ ही बड़ी रकम खर्च कर के पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को एफएमजीई में बार-बार असफलता मानसिक रूप से परेशान भी कर देती है। वर्तमान में भारत में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 600 के करीब हैं और इनमें 1.5 लाख के लगभग सीटें उपलब्ध हैं। वहीं, अगर साल 2021 की बात करें तो नीट यूजी परीक्षा के लिए 16 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था। यह आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि क्यों छात्र बड़ी संख्या में विदेशों का रुख कर रहे हैं। इसका नतीजा है कि देश में आबादी की जरूरत के मुकाबले डॉक्टरों की संख्या में भारी कमी है। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

चिरायु योजना बच्चों के लिए बनीं वरदान

चिरायु योजना बच्चों के लिए बनीं वरदान

विशेष संवाददाता September 20 2022 26118

छत्तीसगढ़ में चिरायु योजना बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही। बाल स्वास्थ्य योजना जिसे चिरायु योजना क

अविवाहित महिलाओं को भी गर्भपात का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

अविवाहित महिलाओं को भी गर्भपात का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

एस. के. राणा September 30 2022 26929

अविवाहित महिलाओं के गर्भपात मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिह

वृद्ध श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य, ऐसे मिलेगी जानकारी

वृद्ध श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य, ऐसे मिलेगी जानकारी

विशेष संवाददाता March 05 2023 28722

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर स्वास्थ्य और पर्यटन विभा

मोतियाबिन्द आपरेशन हर मौसम में आसान व कारगर।

मोतियाबिन्द आपरेशन हर मौसम में आसान व कारगर।

लेख विभाग January 18 2021 28290

आंखों के प्राकृतिक लेंस के धुंधले पडऩे को ही कैटरेक्ट या आम बोलचाल की भाषा में मोतियाबिंद कहा जाता ह

वजन कम करने के लिए शहद का करें इस्तेमाल

वजन कम करने के लिए शहद का करें इस्तेमाल

लेख विभाग February 06 2023 36016

शहद उन लोगों के लिए बेस्ट ऑप्शन है जो अपना वजन कम करना चाहते हैं, लेकिन इसके स्वास्थ्यवर्धक गुणों का

अल्ट्रासाउंड सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम का छापा, सिटी मजिस्ट्रेट रहे मौजूद

अल्ट्रासाउंड सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम का छापा, सिटी मजिस्ट्रेट रहे मौजूद

वजाहत बेग June 09 2023 35254

प्रखर अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सोनीपत की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा है। अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ

उत्तराखंड के निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेज की नहीं बढ़ेगी फीस

उत्तराखंड के निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेज की नहीं बढ़ेगी फीस

विशेष संवाददाता October 12 2022 35421

उच्च शिक्षा विभाग की ओर से गठित शुल्क नियामक समिति की ओर से निजी मेडिकल कॉलेज और डेंटल कॉलेज में एमब

फार्मईजी, थायरोकेयर का अधिग्रहण करेगी।

फार्मईजी, थायरोकेयर का अधिग्रहण करेगी।

हे.जा.स. June 27 2021 28897

एपीआई होल्डिंग्स के मुख्य कार्यकारी सिद्धार्थ शाह ने कहा कि यह एक साहसी कदम है, जिसमें उनकी सात वर्ष

अनिद्रा की समस्या के समाधान में कारगर है होम्योपैथी- डॉ अनुरूद्व वर्मा    

अनिद्रा की समस्या के समाधान में कारगर है होम्योपैथी- डॉ अनुरूद्व वर्मा    

हुज़ैफ़ा अबरार July 10 2021 41892

दुनिया के लगभग 50% लोग नींद की कमी से होने वाली परेशानियों से पीड़ित हैं। नींद की कमी से देश की लगभग

लोकबंधु अस्पताल में विधायक राजेश्वर सिंह ने वृक्षारोपण किया

रंजीव ठाकुर July 01 2022 30322

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर, सरोजनी नगर विधायक डॉ राजेश्वर सिंह ने लोकबंधु अस्पताल में नवग्रह वाटिका

Login Panel