देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

शिक्षा

देश में डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने के लिए, विदेश के मेडिकल डिग्रीधारकों को एफएमजीई परीक्षा पास करना जरूरी 

विदेश में मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को भारत में सीधे डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं मिलता है। इसके लिए छात्रों को फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन में सफलता प्राप्त करना होता है। 

अखण्ड प्रताप सिंह
March 01 2022 Updated: March 01 2022 04:09
0 36939
देश में डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने के लिए, विदेश के मेडिकल डिग्रीधारकों को एफएमजीई परीक्षा पास करना जरूरी  प्रतीकात्मक

नयी दिल्ली। यूक्रेन समस्या के बीच भारतीय छात्रों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हर साल भारत के हजारों छात्र यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने जाते हैं। कई अन्य देश भी ऐसे हैं, जहां भारत के छात्र, वर्तमान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण नीट परीक्षा की कठिन और विदेश में मिलने वाली सस्ती तथा उच्च स्तरीय पढ़ाई है। 

विदेश में मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को भारत में सीधे डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं मिलता है। इसके लिए छात्रों को एफएमजीई (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन) में सफलता प्राप्त करना होता है। 

जानें एफएमजीई परीक्षा के बारे में - Know about FMGE Exam
एफएमजीई यानी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन का आयोजन एनबीई (National Examination Board) की ओर से हर साल दो बार किया जाता है। परीक्षा जून और दिसंबर महीने में आयोजित की जाती है। जो भी छात्र विदेशी कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई करते हैं, उन्हें भारत में उच्च शिक्षा और डॉक्टरी (प्रैक्टिसिंग) के लिए इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य है। परीक्षा में सफल होने के लिए छात्रों को न्यूनतम 50 फीसदी अंक लाने होते हैं। इस परीक्षा को पास करने वाले छात्रों को  राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (पुराना नाम मेडिकल कॉउंसिल ऑफ़ इंडिया) की ओर स्थायी पंजीकरण प्रदान किया जाता है। 

क्यों जरूरी है एफएमजीई परीक्षा? - Why is FMGE exam important?
कई जानकार बताते हैं कि विदेशों में होने वाली मेडिकल की पढ़ाई के लिए वहां कि विश्वविद्यालय नीट जैसी कोई कठिन परीक्षा का आयोजन नहीं करते हैं। भारत में नीट की परीक्षा में सफल छात्रों को भी अच्छी रैंक लाने पर ही मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिया जाता है। हालांकि, विदेशी विश्वविद्यालयों  में प्रवेश के लिए केवल नीट परीक्षा में सफल होना ही काफी है। अन्य कारण की बात करें तो भारत के स्वास्थ्य व्यवस्था के ढ़ांचे और इसकी जरूरतों के मुकाबले विदेशी व्यवस्था में काफी अंतर है। वहां की जनसंख्या, मौसमी बीमारियों आदि के मुकाबले भी भारत की स्थितियां भिन्न हैं। इन सब कारणों से एफएमजीई परीक्षा की अनिवार्यता और अधिक बढ़ जाती है। 

कौन-कौन से देश हैं पसंद? - Which countries are preffered?
विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने जाने वाले छात्रों की पहली पसंद मुख्यत:  चीन, रूस, यूक्रेन और नेपाल जैसे देश होते हैं। इसका कारण है कि भारत के मुकाबले इन देशों में मेडिकल की पढ़ाई ज्यादा किफायती होती है। हालांकि, इन प्रमुख देशों में पढ़ाई करने वाले छात्रों का असफलता प्रतिशत भी ज्यादा है। फ्रांस, केन्या जैसे देशों में पढ़कर आने वाले छात्रों ने अधिक फीसदी में एफएमजी में सफलता प्राप्त की है।  

क्या है एफएमजीई में सफलता प्रतिशत? - What is the success rate in FMGE?
एनबीई की ओर से कराई जाने वाली एफएमजीई यानी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन में भाग लेने वाले छात्रों के सफलता प्रतिशत को देखने पर परिणाम चिंता में डालने वाले दिखाई पड़ते हैं। अगर आंकड़ों पर ध्यान दें तो करीब 80 फीसदी छात्र जो विदेशी कॉलेजों से पढ़ाई कर के एफएमजीई परीक्षा में भाग लेते हैं, वह सफल नहीं हो पाते। 

क्या है मुख्य समस्या? - Main cause
जब छात्र देश के बाहर जाकर शिक्षा प्राप्त करते हैं तो छात्रों को समस्याएं तो होती ही हैं, साथ ही देश को आर्थिक घाटा भी झेलना पड़ता है। इसके साथ ही बड़ी रकम खर्च कर के पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को एफएमजीई में बार-बार असफलता मानसिक रूप से परेशान भी कर देती है। वर्तमान में भारत में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 600 के करीब हैं और इनमें 1.5 लाख के लगभग सीटें उपलब्ध हैं। वहीं, अगर साल 2021 की बात करें तो नीट यूजी परीक्षा के लिए 16 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था। यह आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि क्यों छात्र बड़ी संख्या में विदेशों का रुख कर रहे हैं। इसका नतीजा है कि देश में आबादी की जरूरत के मुकाबले डॉक्टरों की संख्या में भारी कमी है। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

लोहिया संस्थान में गर्भवती महिलाओं को बिना डोनर खून मिलना शुरू 

लोहिया संस्थान में गर्भवती महिलाओं को बिना डोनर खून मिलना शुरू 

हुज़ैफ़ा अबरार January 01 2022 33884

पहली जनवरी को पूरे दिन सभी जरूरतमंद मरीजों के लिए बिना डोनर खून उपलब्ध कराया जा रहा है। नए साल के स्

दिल्ली, यूपी समेत इन राज्यों में जानिए कोरोना की क्या है स्थिति?

दिल्ली, यूपी समेत इन राज्यों में जानिए कोरोना की क्या है स्थिति?

एस. के. राणा April 28 2023 26345

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण (corona infection) के मामले कम जरूर हुए हैं लेकिन मौत के

राजस्थान में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर

राजस्थान में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर

जीतेंद्र कुमार February 05 2023 27528

जयपुर में सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर रोग तेजी से पैर पसार रहा है। कोटा के सांगोद इलाके (Sangod l

हरेगा कोरोना: देश में पिछले दिन 10,273 नए संक्रमित मरीज़ मिले

हरेगा कोरोना: देश में पिछले दिन 10,273 नए संक्रमित मरीज़ मिले

एस. के. राणा February 27 2022 28618

देश में अब 1,11,472 सक्रिय मामले ही बचे हैं। सक्रिय मामलों में भारी कमी का मतलब है कि कोरोना संक्रमि

दिवाली पर लम्पी वायरस का साया, इस जिले में नहीं मनाया जाएगा त्योहार

दिवाली पर लम्पी वायरस का साया, इस जिले में नहीं मनाया जाएगा त्योहार

विशेष संवाददाता October 24 2022 30509

लंपी वायरस ने देश में भयावह रूप अख्तियार कर लिया है। वहीं लम्पी वायरस की मार झेल रहे जिले के करीब 22

कानपुर में मिले डेंगू के 65 नए मरीज

कानपुर में मिले डेंगू के 65 नए मरीज

श्वेता सिंह November 20 2022 31201

एसीएमओ डा. आरएन सिंह का कहना है कि डेंगू के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। डेंगू मरीजों की संख

एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ी, 100 मरीज प्रतीक्षा सूची में

एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ी, 100 मरीज प्रतीक्षा सूची में

हुज़ैफ़ा अबरार February 11 2022 108934

पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन का कहना है कि संस्थान में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ गई है। एक रोबोट से ऑ

‘वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे’ आज, जानें इस बार की थीम ?

‘वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे’ आज, जानें इस बार की थीम ?

आरती तिवारी September 21 2022 24062

अल्जाइमर्स एक दिमागी बीमारी है,जो व्यक्ति के दिमाग को कमजोर कर मैमोरी पर असर डालती है। पहले ये बीमार

कोविड का कहर, फ्रांस में छह साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क अनिवार्य

कोविड का कहर, फ्रांस में छह साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क अनिवार्य

हे.जा.स. January 02 2022 28286

फ्रांस में ओमीक्रोन संक्रमण के दो लाख से अधिक नए मामले सामने आए हैं। सरकार मास्क पहनने के लिए बच्चों

रक्तदान संस्थान ने क्षेत्राधिकारी रानीगंज को कोरोना योद्धा अभिनंदन पत्र से किया सम्मानित।

रक्तदान संस्थान ने क्षेत्राधिकारी रानीगंज को कोरोना योद्धा अभिनंदन पत्र से किया सम्मानित।

February 15 2021 22831

भर्ती मरीज मीरा पांडेय उम्र लगभग 55 वर्ष के उपचार हेतु टी.बी. सप्रू हॉस्पिटल प्रयागराज के रक्तकोश द्

Login Panel