देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

शिक्षा

देश में डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने के लिए, विदेश के मेडिकल डिग्रीधारकों को एफएमजीई परीक्षा पास करना जरूरी 

विदेश में मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को भारत में सीधे डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं मिलता है। इसके लिए छात्रों को फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन में सफलता प्राप्त करना होता है। 

अखण्ड प्रताप सिंह
March 01 2022 Updated: March 01 2022 04:09
0 36148
देश में डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने के लिए, विदेश के मेडिकल डिग्रीधारकों को एफएमजीई परीक्षा पास करना जरूरी  प्रतीकात्मक

नयी दिल्ली। यूक्रेन समस्या के बीच भारतीय छात्रों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हर साल भारत के हजारों छात्र यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने जाते हैं। कई अन्य देश भी ऐसे हैं, जहां भारत के छात्र, वर्तमान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण नीट परीक्षा की कठिन और विदेश में मिलने वाली सस्ती तथा उच्च स्तरीय पढ़ाई है। 

विदेश में मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को भारत में सीधे डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं मिलता है। इसके लिए छात्रों को एफएमजीई (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन) में सफलता प्राप्त करना होता है। 

जानें एफएमजीई परीक्षा के बारे में - Know about FMGE Exam
एफएमजीई यानी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन का आयोजन एनबीई (National Examination Board) की ओर से हर साल दो बार किया जाता है। परीक्षा जून और दिसंबर महीने में आयोजित की जाती है। जो भी छात्र विदेशी कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई करते हैं, उन्हें भारत में उच्च शिक्षा और डॉक्टरी (प्रैक्टिसिंग) के लिए इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य है। परीक्षा में सफल होने के लिए छात्रों को न्यूनतम 50 फीसदी अंक लाने होते हैं। इस परीक्षा को पास करने वाले छात्रों को  राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (पुराना नाम मेडिकल कॉउंसिल ऑफ़ इंडिया) की ओर स्थायी पंजीकरण प्रदान किया जाता है। 

क्यों जरूरी है एफएमजीई परीक्षा? - Why is FMGE exam important?
कई जानकार बताते हैं कि विदेशों में होने वाली मेडिकल की पढ़ाई के लिए वहां कि विश्वविद्यालय नीट जैसी कोई कठिन परीक्षा का आयोजन नहीं करते हैं। भारत में नीट की परीक्षा में सफल छात्रों को भी अच्छी रैंक लाने पर ही मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिया जाता है। हालांकि, विदेशी विश्वविद्यालयों  में प्रवेश के लिए केवल नीट परीक्षा में सफल होना ही काफी है। अन्य कारण की बात करें तो भारत के स्वास्थ्य व्यवस्था के ढ़ांचे और इसकी जरूरतों के मुकाबले विदेशी व्यवस्था में काफी अंतर है। वहां की जनसंख्या, मौसमी बीमारियों आदि के मुकाबले भी भारत की स्थितियां भिन्न हैं। इन सब कारणों से एफएमजीई परीक्षा की अनिवार्यता और अधिक बढ़ जाती है। 

कौन-कौन से देश हैं पसंद? - Which countries are preffered?
विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने जाने वाले छात्रों की पहली पसंद मुख्यत:  चीन, रूस, यूक्रेन और नेपाल जैसे देश होते हैं। इसका कारण है कि भारत के मुकाबले इन देशों में मेडिकल की पढ़ाई ज्यादा किफायती होती है। हालांकि, इन प्रमुख देशों में पढ़ाई करने वाले छात्रों का असफलता प्रतिशत भी ज्यादा है। फ्रांस, केन्या जैसे देशों में पढ़कर आने वाले छात्रों ने अधिक फीसदी में एफएमजी में सफलता प्राप्त की है।  

क्या है एफएमजीई में सफलता प्रतिशत? - What is the success rate in FMGE?
एनबीई की ओर से कराई जाने वाली एफएमजीई यानी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन में भाग लेने वाले छात्रों के सफलता प्रतिशत को देखने पर परिणाम चिंता में डालने वाले दिखाई पड़ते हैं। अगर आंकड़ों पर ध्यान दें तो करीब 80 फीसदी छात्र जो विदेशी कॉलेजों से पढ़ाई कर के एफएमजीई परीक्षा में भाग लेते हैं, वह सफल नहीं हो पाते। 

क्या है मुख्य समस्या? - Main cause
जब छात्र देश के बाहर जाकर शिक्षा प्राप्त करते हैं तो छात्रों को समस्याएं तो होती ही हैं, साथ ही देश को आर्थिक घाटा भी झेलना पड़ता है। इसके साथ ही बड़ी रकम खर्च कर के पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को एफएमजीई में बार-बार असफलता मानसिक रूप से परेशान भी कर देती है। वर्तमान में भारत में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 600 के करीब हैं और इनमें 1.5 लाख के लगभग सीटें उपलब्ध हैं। वहीं, अगर साल 2021 की बात करें तो नीट यूजी परीक्षा के लिए 16 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था। यह आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि क्यों छात्र बड़ी संख्या में विदेशों का रुख कर रहे हैं। इसका नतीजा है कि देश में आबादी की जरूरत के मुकाबले डॉक्टरों की संख्या में भारी कमी है। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों पर कार्यवाही शुरू, 48 डॉक्टर्स के ट्रांसफर्स निरस्त

स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों पर कार्यवाही शुरू, 48 डॉक्टर्स के ट्रांसफर्स निरस्त

रंजीव ठाकुर July 31 2022 25158

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों को लेकर कार्यवाही शुरू हो गई है। शनिवार को 48 चिकित्

शरीर की दुर्गन्ध दूर करने के लिए अपनाए पाँच उपाय 

शरीर की दुर्गन्ध दूर करने के लिए अपनाए पाँच उपाय 

सौंदर्या राय May 04 2022 35377

कारण कुछ भी हो शरीर की दुर्गंध आपकी सुन्दरता की दुश्मन है। आज हम आपको इस समस्या से निजात पाने के पां

जेसीबी से कटकर अलग हुई व्यक्ति की कलाई, केजीएमयू के डॉक्टरों ने जोड़ी

जेसीबी से कटकर अलग हुई व्यक्ति की कलाई, केजीएमयू के डॉक्टरों ने जोड़ी

आरती तिवारी August 04 2023 31117

कि किंग जॉर्ज चिकित्साज विश्व(विद्यालय अस्पताल के प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव विभाग ने हाथ से पूरी

एंटी-कोविड वैक्सीन कोर्बेवैक्स को बूस्टर खुराक के रूप में मंजूरी मिली 

एंटी-कोविड वैक्सीन कोर्बेवैक्स को बूस्टर खुराक के रूप में मंजूरी मिली 

एस. के. राणा June 06 2022 31739

जो लोग कोविशील्ड या कोवैक्सिन वैक्सीन की दो खुराक ले चुके हैं, वे अब कोर्बेवैक्स की सतर्कता डोज लगवा

चीन में बरपा कोरोना का कहर, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक दिन में 3.7 करोड़ मामले हुए दर्ज

चीन में बरपा कोरोना का कहर, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक दिन में 3.7 करोड़ मामले हुए दर्ज

हे.जा.स. December 24 2022 19873

एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने एक ही दिन में 37 मिलियन कोविड -19 मामले दर्ज किए गए हैं। यह संख्या जनवर

असुरक्षित अबॉर्शन से रोजाना होती है 8 मौतें: रिपोर्ट

असुरक्षित अबॉर्शन से रोजाना होती है 8 मौतें: रिपोर्ट

एस. के. राणा September 30 2022 31080

महिलाओं को प्रजनन की स्वायत्ता और गर्भपात का अधिकार देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को परिवार स्वास

स्वास्थ्य सेवा निगम के माध्यम से मिलेंगी सस्ती दवाइयां

स्वास्थ्य सेवा निगम के माध्यम से मिलेंगी सस्ती दवाइयां

हे.जा.स. May 04 2023 28178

हिमाचल प्रदेश में छह मेडिकल कॉलेज हैं। इनके अलावा 100 से ज्यादा जोनल अस्पताल, सिविल और सामुदायिक स्व

नये RT-PCR किट से 45 मिनट में पता चल जाएगा ओमिक्रॉन के सभी वैरिएंट का

नये RT-PCR किट से 45 मिनट में पता चल जाएगा ओमिक्रॉन के सभी वैरिएंट का

हे.जा.स. February 03 2022 32913

नोवस किट टारगेट फेल्योर स्ट्रैटजी के जरिए ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता लगाता है। किट से ओमिक्रॉन (B.1.1.

क्लीनिकल ट्रायल में फैटी लीवर रोग के इलाज में कारगर साबित हुआ कालमेघ

क्लीनिकल ट्रायल में फैटी लीवर रोग के इलाज में कारगर साबित हुआ कालमेघ

अबुज़र शेख़ October 22 2022 31627

संस्थान के चिकित्सकों ने कालमेघ के इस्तेमाल से फैटी लीवर रोग को दूर करने में सफलता हासिल की है। इससे

कोरोना संक्रमण के 33,376 नए मामले सामने आए। 

कोरोना संक्रमण के 33,376 नए मामले सामने आए। 

एस. के. राणा September 11 2021 18391

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में देश भर में संक्रमण से 32,198 लोग ठीक भी हुए ह

Login Panel