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आपको पेट में जलन, सीने पर जलन या एसिडिटी की समस्या रहती है? अगर हां तो आप सुबह के समय यहां बताई जा रही चीजों का सेवन ना करें। खासतौर पर खाली पेट तो इन चीजों को बिल्कुल नहीं खाना है। क्योंकि ऐसा करने से स्थिति खराब हो सकती है। जो लोग नियमित रूप से इन चीजों का खाली पेट सेवन करते हैं, हो सकता है, उन्हें शुरुआती तौर पर किसी तरह की समस्या ना हो लेकिन समय के पाचन संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। जैसे खट्टी डकार आना, सीने पर जलन होना, मोशन ठीक से ना होना, गैस बनना इत्यादि।
एसिडिटी के लक्षण क्या हैं? - What are the symptoms of acidity?
एसिडिटी के कारण क्या हैं? - What are the causes of acidity?
अपनाएं ये घरेलू उपाय - Follow these home remedies
केला - Banana
केला खाने से एसिडिटी की परेशानी दूर हो सकती है। साथ ही यह पेट में होने वाली जलन की समस्या से राहत दिलाने में असरदार हो सकता है। लॉन्ग टर्म एसिडिटी की परेशानी को कम करने के लिए ठंडे दूध के साथ केले का सेवन करें। इससे काफी हद तक आराम मिलेगा।
सौंफ - Fennel
लंबे समय से एसिडिटी की परेशानी से अगर आप जूझ रहे हैं, तो इस परेशानी को कम करने के लिए सौंफ का पानी पिएं। सौफ का पानी पीने से एसिडिटी की परेशानी कम होती है। इस पानी को तैयार करने के लिए 1 गिलास पानी में 1 चम्मच सौंफ डालकर छोड़ दें। करीब 30 मिनट बाद इसे फ्रिज में रखें। जब पानी ठंडा हो जाए, तो इस पिएं। इससे एसिडिटी से काफी हद तक शांति मिलती है।
तरबूज - watermelon
लॉन्ग टर्म एसिडिटी (long term acidity) की परेशानी से जूझ रहे लोगों को अपने आहार में तरबूज के पानी को शामिल करना चाहिए। खासतौर पर गर्मियों में तरबूज का पानी पीने से एसिडिटी से काफी हद तक आराम पा सकते हैं। साथ ही यह आपके संपूर्ण पाचन तंत्र के लिए काफी हेल्दी माना जाता है।
इलायची - Cardamom
एसिडिटी की परेशानी को कम करने के लिए खाने के बाद इलायची जरूर चबाएं। इलायची चबाने से लंबे समय से एसिडिटी की परेशानी को काफी हद तक कम कर सकते हैं। साथ ही यह आपकी पाचन क्रिया को भी इंप्रूव कर सकता है।
अजवाइन - Celery
अजवाइन के सेवन से एसिडिटी और पेट फूलने की परेशानी दूर होती है। यह पाचन के लिए बहुत अच्छा है और प्रभावी एंटी-एसिड एजेंट है।
पपीता - Papaya
पपीता गैस्ट्रिक एसिड (gastric acid ) स्राव को कम करता है और एसिडिटी से राहत दिलाने में असरदार होता है। दरअसल, पपीते में एंजाइम पपैन होता है, जो लंबे समय से एसिडिटी की परेशानी को कम कर सकता है।







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