देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

कोविड के बाद से न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में वृद्धि हुई है: डॉ जयंत वर्मा

रीजेंसी हॉस्पिटल कानपुर के न्यूरोसर्जन डॉ जयंत वर्मा के अनुसार कोविड महामारी के बाद से ब्रेन स्ट्रोक के केस में लगभग 20% की वृद्धि देखी गयी है। भले ही ब्रेन स्ट्रोक के केस बढ़ रहे हैं फिर भी काफी ज्यादा संख्या में लोग इस बात से अनजान हैं कि अगर इस पर ध्यान दिया जाए तो इसे होने से रोका जा सकता है।

हुज़ैफ़ा अबरार
November 02 2022 Updated: November 03 2022 01:12
0 27628
कोविड के बाद से न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में वृद्धि हुई है: डॉ जयंत वर्मा प्रतीकात्मक चित्र

हमारी ख़राब जीवन शैली तथा अन्य वजहों से दिन प्रति दिन हम सभी में गंभीर बीमारियों से पीड़ित होने की दर बढ़ रही है। आज कल में नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियाँ तेज गति से बढ़ रही हैं। इन्ही बीमारियों में से स्ट्रोक एक ऐसी बीमारी है जिससे बहुत सारे लोग चपेट में आ रहे हैं। रीजेंसी हॉस्पिटल कानपुर के न्यूरोसर्जन डॉ जयंत वर्मा के अनुसार कोविड महामारी के बाद से ब्रेन स्ट्रोक के केस में लगभग 20% की वृद्धि देखी गयी है। भले ही ब्रेन स्ट्रोक के केस बढ़ रहे हैं फिर भी काफी ज्यादा संख्या में लोग इस बात से अनजान हैं कि अगर इस पर ध्यान दिया जाए तो इसे होने से रोका जा सकता है। 12 भारतीय शहरों में 'अवेयरनेस अबाउट स्ट्रोक इन अर्बन इंडिया' पर एक सर्वे किया गया जिसके आंकड़े काफी चिंताजनक है। 

ब्रेन स्ट्रोक का प्रमुख कारण ब्रेन अटैक (brain attack) माना जाता है। जब मस्तिष्क के किसी भी हिस्से में खून की आपूर्ति बंद हो जाती है तो ब्रेन अटैक होता है। अगर खून का प्रवाह कुछ सेकंड से ज्यादा समय के लिए बाधित होता है, तो मस्तिष्क में खून और आक्सीजन नही जा पाती है। जिस वजह से मस्तिष्क की कोशिकाएं मर जाती हैं, और मस्तिष्क अपने कामकाज करने की क्षमता को खो देता है। अगर समय पर इसका इलाज नहीं किया गया, तो स्ट्रोक से ब्रेन डैमेज (brain damage) हो सकता है या यहाँ तक कि मौत भी हो सकती है।

 

डा जयंत ने बताया कि दुनिया भर में हर 3 सेकंड में एक व्यक्ति को स्ट्रोक होता है, साल भर में इस आंकड़े के मुताबिक़ 12.2 मिलियन स्ट्रोक  से लोग पीड़ित होते हैं। विश्व स्तर पर 25 साल से ऊपर के चार लोगों में से एक को स्ट्रोक होने की संभावना है ।

 

न्यूरोसर्जन डॉ जयंत वर्मा (neurosurgeon Dr Jayant Verma) के अनुसार नींद की कमी, एंग्जाइटी, डिप्रेशन और स्ट्रोक सहित कई कारणों की वजह से महामारी की शुरुआत के बाद से न्यूरोलॉजिकल बीमारियों (neurological diseases) में ज्यादा वृद्धि हुई है। इससे मानसिक स्वास्थ्य (mental health) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसे ठीक होने में थोड़ा समय लगता है। लाइफ स्टाइल (lifestyle) या जेनेटिक बदलाव (genetic changes) के कारण दुनियाभर में स्ट्रोक के केस बढ़ रहे हैं।

पहले 55 साल के लोगों में स्ट्रोक होने की सम्भावना ज्यादा थी लेकिन अब युवा भी इस बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। युवा आलस भरी लाइफस्टाइल, अस्वस्थ भोजन और कुछ दवाओं के सेवन के कारण स्ट्रोक से पीड़ित हो रहे हैं। स्ट्रोक की रोकथाम के लिए जल्दी कार्रवाई करना महत्वपूर्ण होता है क्योंकि अगर इमरजेंसी में इलाज नहीं किया गया तो मस्तिष्क के कई टिश्यु (ऊतक) नष्ट हो सकते हैं, जो आगे चलकर कभी ठीक नहीं हो सकते हैं। इलाज के लिए 60 मिनट या उससे कम का समय जरूरी होता है। 4.5 घंटे की अवधि को अक्सर स्ट्रोक के लिए "गोल्डन आवर" कहा जाता है। इस 'गोल्डन आवर' के दौरान स्ट्रोक के डायग्नोसिस के लिए अन्य बीमारियों को जांच करके स्ट्रोक की पहचान की जाती है। मेडिकल प्रोफेसनल्स गोल्डन आवर को बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं। इस समय के दौरान मरीज का हॉस्पिटल में पहुंचना बहुत ही जरूरी होता है। गोल्डन आवर में क्लॉट बस्टिंग दवा टीपीए प्राप्त करने वाले मरीजों के मस्तिष्क (brain damage) के लॉन्ग टर्म डैमेज से बचने की संभावना ज्यादा होती है।"

 

डॉ जयंत वर्मा ने स्ट्रोक के कुछ कॉमन लक्षण और संकेतों के बारे में बताया है -

गंभीर सिरदर्द होना , चेहरे, पैर और शरीर के एक तरफ सुन्नपन हो जाना, अचानक भ्रम होना,- बोलने या समझने में कठिनाई होना, एक या दोनों आंखों में देखने में अचानक से परेशानी होना , चक्कर आना, शरीर संतुत न रह पाना और चलने में मुश्किल होना , मतली और उल्टी आना।

ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, वजन और हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure) को स्ट्रोक के केस में नियंत्रित करना बहुत जरूरी होता है। जब इन चीजों में मरीज की हालत बिगड़ती है तो ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।  ऐसी स्थितियों से पीड़ित लोगों को नियमित जांच करवानी चाहिए और डॉक्टर से परामर्श लिए बिना किसी भी दवा का सेवन कभी भी नहीं करना चाहिए।  खाने-पीने का ध्यान रखना चाहिए। धूम्रपान (Smoking) और शराब से ब्रेन स्ट्रोक की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। स्वस्थ डाईट खाना चाहिए। डाईट में फल और सब्जियां शामिल करना चाहिए। नियमित एक्सरसाइज (Regular exercise) करना चाहिए।  तली हुई चीजें खाने से परहेज करना चाहिए।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

गोरखपुर में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीज़

गोरखपुर में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीज़

अनिल सिंह October 29 2022 29526

वर्तमान में जिले में डेंगू संक्रमितों की संख्या 83 है। तीन घरों में मच्छरों के लार्वा मिले। विभाग ने

गोरखपुर में 3 नए कोरोना मरीज मिलने से हड़कंप

गोरखपुर में 3 नए कोरोना मरीज मिलने से हड़कंप

अनिल सिंह December 30 2022 22946

कोरोना के तीन नए मरीज मिले हैं। गुरुवार को तीनों के RT PCR टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। तीनों संक

किडनी ट्रांसप्लांट: नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ निर्भय कुमार से जानिए लॉन्ग टर्म के फायदे

किडनी ट्रांसप्लांट: नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ निर्भय कुमार से जानिए लॉन्ग टर्म के फायदे

रंजीव ठाकुर August 25 2022 78464

रीजेंसी रीनल साइंसेस, कानपुर के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉयरेक्टर और सीनियर नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ निर्भ

कानपुर में अनजान वायरस से हड़ंकप

कानपुर में अनजान वायरस से हड़ंकप

विशेष संवाददाता April 24 2023 27498

इस वायरस के लक्षण अलग तरह के हैं। पहले बहुत तेज बुखार (high fever) आता और फिर फेफड़े संक्रमित होते ह

कच्चा अदरक खाने के अनेक फायदे, बढ़ती है पुरूषों की कामोत्तेजना

कच्चा अदरक खाने के अनेक फायदे, बढ़ती है पुरूषों की कामोत्तेजना

लेख विभाग March 18 2022 96850

कच्चे अदरक में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य को काफी लाभ पहुंचाते हैं। कच्ची अदरक में प्रच

देश में बिक रहीं कैंसर-लिवर की नकली दवाएं

देश में बिक रहीं कैंसर-लिवर की नकली दवाएं

हे.जा.स. September 09 2023 166862

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में कैंसर और लिवर की नकली दवाएं बिकने का अलर्ट जारी किया है। डब्ल्यूए

राजमा है सेहत के लिए फायदेमंद

राजमा है सेहत के लिए फायदेमंद

आरती तिवारी December 12 2022 30511

राजमा में कैलोरी की मात्रा काफी कम पाई जाती है, जो वजन को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है। इतना ही न

रक्तदान संस्थान ने क्षेत्राधिकारी रानीगंज को कोरोना योद्धा अभिनंदन पत्र से किया सम्मानित।

रक्तदान संस्थान ने क्षेत्राधिकारी रानीगंज को कोरोना योद्धा अभिनंदन पत्र से किया सम्मानित।

February 15 2021 22712

भर्ती मरीज मीरा पांडेय उम्र लगभग 55 वर्ष के उपचार हेतु टी.बी. सप्रू हॉस्पिटल प्रयागराज के रक्तकोश द्

इंडोनेशिया ने ईज़ाद किया डेंगू से लड़ने वाला मच्छर।

इंडोनेशिया ने ईज़ाद किया डेंगू से लड़ने वाला मच्छर।

हे.जा.स. November 02 2021 44019

नतीजों में देखा गया था कि वोल्बाचिया वाले मच्छरों को छोड़ने से डेंगू के मामलों में 77 प्रतिशत गिरावट

देश में प्रति व्यक्ति प्लास्टिक कचरा उत्सर्जन हुआ दुगना, रिपोर्ट

देश में प्रति व्यक्ति प्लास्टिक कचरा उत्सर्जन हुआ दुगना, रिपोर्ट

अबुज़र शेख़ October 28 2022 36866

देश में प्लास्टिक कचरा उत्सर्जन के मामले में महाराष्ट्र अव्वल है और यूपी आठवें स्थान पर लेकिन अगर बा

Login Panel