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लिवर ट्रांसप्लांट के बारे में जानिये डॉ. संजय गोजा से 

कई भारतीय संस्थानों द्वारा किए गए विभिन्न अध्ययनों ने लिवर प्रत्यारोपण के बाद के 30 से अधिक वर्षों के डाटा के हवाले से बताया है कि 99% लिवर रोग का सफल निदान और जीवन की गुणवत्ता संतोषजनक रहा है। लिवर प्रत्यारोपण हमेशा के लिए रहता है और थोड़ी सी देखभाल के साथ आप असाधारण परिणाम पाते हैं।

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May 05 2022 Updated: May 05 2022 14:46
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लिवर ट्रांसप्लांट के बारे में जानिये डॉ. संजय गोजा से  प्रतीकात्मक चित्र

हाल के अध्ययनों के अनुसार, भारत में लिवर प्रत्यारोपण की वर्तमान आवश्यकता लगभग 25,000 लिवर प्रत्यारोपण प्रति वर्ष होने का अनुमान है। भारत में लिवर प्रत्यारोपण की वर्तमान दर लगभग 1.2 प्रति दस लाख है। भारत में क्रमशः 2013 और 2014 में लगभग 1200 और 1400  लिवर प्रत्यारोपण किए गए हैं। इस अंतर को भरने के लिए बहुत अधिक इनपुट की आवश्यकता है, लेकिन यह जानने योग्य है कि लिवर प्रत्यारोपण के बाद रोग का निदान नहीं हो जाता।

लिवर ट्रांसप्लांट के बाद एहतियात - Precautions after liver transplant

1. पोस्ट-ट्रांसप्लांट मेडिकेशन (Post-transplant Medication) – इम्यूनोसप्रेसेन्ट मेडिकेशन को समय पर लेना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि आपका खुद का इम्यून सिस्टम ट्रांसप्लांट किए गए लिवर के विरुद्ध काम न करे। अस्पताल में नियमित रूप से आने से आप अपने दवा के शेड्यूल को बनाए रखते हैं।

2. जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle changes) – प्रत्यारोपण के बाद भोजन में नियंत्रित वसा का सेवन अच्छे परिणाम के लिए आवश्यक है।
धूम्रपान से बचें (Avoid Smoking) - अच्छे परिणाम के लिए किसी तरह के धूम्रपान से बचें।

3. प्रत्यारोपणके बाद संक्रमण (Post-transplant infection) – संक्रमण से बचने के लिए भीड़–भाड़  वाले स्थान से बचें, नियमित रूप से हाथ धोने की आदत डालें।

लिवर प्रत्यारोपण के बाद की स्थिति - Status after liver transplant

  • अस्पताल में 7 से 10 दिन रहना पड़ सकता है।
  • कम से कम 3 महीने की नियमित दवाएँ और अस्पताल अपने शेडूल के हिसाब से जाए।
  • लिवर प्रत्यारोपण के बाद तीन से छह महीने में सामान्य व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन पर लौट सकते हैं।
  • आप अपनी इच्छानुसार खेल, सामजिक गतिविधयों में भाग लेना, यात्रा और व्यायाम कर सकेंगे।

लिवर प्रत्यारोपण के बाद बीमारी के वापस आने की संभावना - Disease likely to come back after liver transplant

यह अंतर्निहित कारण पर निर्भर करता है जिसके लिए लिवर प्रत्यारोपण किया गया था। हेपेटाइटिस सी जैसी कुछ बीमारियों की पुनरावृत्ति हो सकती है इसलिए अपने डॉक्टर से नियमित संपर्क में रहें।

लिवर प्रत्यारोपण में दर्द - Pain during and after liver transplant 

यह एक बड़ी सर्जरी है इसलिए इसमें थोड़ा दर्द होगा लेकिन पेट की अन्य सर्जरी जितनी नहीं। सर्जरी के बाद पीठ दर्द भी हो सकता है। लेकिन उचित दर्द की दवा और आइसोमेट्रिक व्यायाम से आपको इसमें जल्द राहत मिल जायेगा।

लिवर प्रत्यारोपण में चीरे - Incisions in liver transplant

दो चीरे होते हैं, एक पसलियों (ribs) के नीचे और दूसरा उरोस्थि (sternum) के नीचे। जो दोनों कमर लाइन या पेट से काफी ऊपर हैं।

संभावित दुष्प्रभाव - Possible side effects

  • उच्च रक्त चाप
  • मूड में बदलाव
  • बालों का झड़ना या असामान्य बालों का उगना
  • उच्च रक्त शर्करा
  • कमजोर हड्डियाँ
  • कमजोर मांसपेशियां
  • गुर्दे से संबंधित समस्याएं
  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • दस्त
  • सिर दर्द

अधिकांश दुष्प्रभाव लिवर प्रत्यारोपण के बाद निर्धारित दवाओं के कारण होते हैं और दवाएं कम हो जाने पर कम हो जाएंगे।

यौन जीवन पर प्रभाव - Effects on sex life

डिस्चार्ज होते ही आप अपने यौन जीवन में वापस आ सकते हैं। आमतौर पर इस संबंध में लिवर प्रत्यारोपण से पहले इच्छा में जो कमी दिखती थी वो प्रक्रिया के बाद वापस आ जाता है। हालाँकि यौन संचारित रोग से सुरक्षा का ख्याल रखें।

परिवार नियोजन के लिए - For family planning

महिलाओं को गर्भ धारण करने के लिए एक साल तक इंतजार करने की सलाह दी जाती है। दवा में थोड़े बदलाव के साथ आप गर्भ धारण कर सकतीं हैं। पुरुष अस्पताल से छुट्टी के बाद से हीं पूर्णतः तैयार होते हैं।

कई भारतीय संस्थानों द्वारा किए गए विभिन्न अध्ययनों ने लिवर प्रत्यारोपण के बाद के 30 से अधिक वर्षों के डाटा के हवाले से बताया है कि 99% लिवर रोग का सफल निदान और जीवन की गुणवत्ता संतोषजनक रहा है। लिवर प्रत्यारोपण हमेशा के लिए रहता है और थोड़ी सी देखभाल के साथ आप असाधारण परिणाम पाते हैं।

लेखक - डॉ. संजय गोजा, प्रोग्राम डाइरेक्टर एंड क्लीनिकल लीड – लिवर ट्रांसप्लांट एच पी बी सर्जरी और रोबोटिक लिवर सर्जरी, मज़ूमदार शॉ मेडिकल सेंटर, बोम्मासैंड्रा और नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम

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