











































निजी लैब में जांच के पैसे निरधारित
लखनऊ। निजी पैथोलॉजी में डेंगू-चिकनगुनिया (Chikungunya) और स्क्रब टाइफस (scrub typhus) की जांच की दर तय की गई है। डेंगू की जांच (dengue test) का शुल्क 1200-1400 रुपये जबकि चिकनगुनिया का 1200 से 1700 और स्क्रब टाइफस का 1200-1400 रुपये होगा। सीएमओ कार्यालय से सभी निजी लैबों को रेट लिस्ट भेज दी गई है। इससे अधिक शुल्क वसूलने वालों पर कार्रवाई होगी।
सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने कहा कि डेंगू (Dengue), चिकनगुनिया के मामले बढ़ने पर निजी लैबों की मनमानी रोकने के लिए डीएम के अनुमोदन पर ये निर्देश लागू किया गया है। दूसरी ओर, शुक्रवार को डेंगू के नौ मरीज मिले। इनमें से कई निजी अस्पताल में भर्ती हैं। चंदरनगर में तीन पुरूष, इंदिरानगर में दो महिला और एक पुरूष, अलीगंज में एक पुरूष, एक महिला एवं टूडियागंज में एक महिला डेंगू पॉजिटिव (dengue positive) मिली।
केजीएमयू में जांच शुल्क- Examination Fee in KGMU
डेंगू- 600 रु.
मलेरिया- 300 रु.
टायफाइड- 300 रु.
चिकनगुनिया- मुफ्त







हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 147
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 560
हुज़ैफ़ा अबरार October 01 2026 0 420
हुज़ैफ़ा अबरार October 04 2026 0 147
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9765
एस. के. राणा January 20 2026 0 5978
एस. के. राणा February 01 2026 0 5957
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5572
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5551
एस. के. राणा January 13 2026 0 5117
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 5061
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87456
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35638
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38608
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36120
लेख विभाग March 19 2022 0 35679
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73526
एमपी के बीना जिले में सोमवार को नगरीय विकास और आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह के विशेष प्रयासों से खुरई
ठंडी हवाओं और मौसम के बदलने से होंठों की नमी कहीं खो सी जाती है और वे फटने लग जाते हैं। ऐसे में ये
मांसाहार करने वाली महिलाओं के दूध में कीटनाशक की मात्रा साढ़े तीन गुना तक ज्यादा मिली। इसी तरह अधिक
NIRF 2021 की रैंकिंग लिस्ट के अनुसार भारत के टॉप 10 मेडिकल, डेंटल और फार्मेसी कॉलेजों की सूची। शिक्ष
स्तनपान से संबंधित भ्रांतियों का निराकरण करते हुए माँ का दूध देने के लाभों एवं शिशु के समुचित पोषण क
दिव्यांग शरीर वाले लोग ज्ञान, मेधा और तार्किक शक्ति के लिहाज से अन्य सामान्य व्यक्तियों से किसी भी त
हमारा एजेंडा कैंसर की रोकथाम के बारे में जागरूकता पैदा करना है। भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़
सरकार ने मिशन निरामया के तहत पूरे नर्सिंग औऱ पैरामेडिकल में सभी को एक कैटिगरी की रैंक दी गई है। नर्स
ज़्यादातर महिलाओं को ये पता नहीं होता कि प्रेग्नेंसी में उन्हें क्या और कितना खाना चाहिए। सर्वे में
नए आंकड़ों को मिलाकर देश में संक्रमितों की संख्या 4 करोड़ 31 लाख 97 हजार 522 पर पहुंच गई है। वहीं, अ

COMMENTS