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यौन रोग गोनोरिया के लक्षण, कारण, निदान, प्रबंधन और रोकथाम

गोनोरिया का कारण जीवाणु है। यह जीवाणु जननांग पथ, मुंह या गुदा को संक्रमित कर सकता है। गोनोरिया सामान्यत: संक्रमित साथी के साथ योनि, मुख या गुदा के संपर्क से फैल सकता है।

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August 08 2022 Updated: August 08 2022 17:03
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यौन रोग गोनोरिया के लक्षण, कारण, निदान, प्रबंधन और रोकथाम प्रतीकात्मक चित्र

प्रमेह या सूजाक या गोनोरिया एक यौन संचारित रोग है जो कि नीसेरिया गानोरिआ (Neisseria gonorrhoea) नामक जीवाणु के कारण होता है। यह वयस्कों में सबसे अधिक सामान्य है। गोनोरिया का कारण जीवाणु (bacteria) है। यह जीवाणु जननांग पथ, मुंह या गुदा को संक्रमित कर सकता है। गोनोरिया सामान्यत: संक्रमित साथी के साथ योनि, मुख या गुदा के संपर्क से फैल सकता है। गर्भवती महिला ( pregnant woman) बच्चे के जन्म के दौरान उसमें संक्रमण पारित कर सकती है।

पुरुषों में पेशाब करते समय जलन और लिंग निर्वहन (लिंग से सफ़ेद, पीला या हरा स्राव) होता है। दूसरी ओर महिलाओं में गोनोरिया (gonorrhea) के किसी भी प्रत्यक्ष लक्षण का विकास नहीं होता है या योनि स्राव और पेडू (pelvic) में तेज़ दर्द होता है। यदि पुरुषों और महिलाओं दोनों में गोनोरिया का उपचार नहीं किया जाता है, तो इसके फैलने के कारण अधिवृषण (epididymis) या पेडू (पैल्विक) सूजन रोग या पूरे शरीर में फैलाव, जोड़ों और हृदय वाल्व (heart valves) को प्रभावित करता है।

 

गोनोरिया के लक्षण - Symptoms of gonorrhea

पुरुष: गोनोरिया से पीड़ित पुरुषों में नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो सकते हैं:

  • लिंग की नोक से असामान्य सफेद, पीले या हरे रंग का निर्वहन (द्रव निकलना)।
  • पेशाब के दौरान दर्द या जलन।
  • शिश्नाग्रच्छद (foreskin) की सूजन।
  • अंडकोष या प्रोस्टेट ग्रंथि में दर्द एवं पीड़ा (हालांकि बेहद कम) होता है।

 

महिलाएं: गोनोरिया से पीड़ित महिलाओं में निम्नलिखित लक्षणों हो सकते हैं:

  • योनि (vagina) से असमान्य गाढ़ा द्रव निकलना, जो कि हरा या पीले रंग का हो सकता है।
  • पेशाब करते समय दर्द होना।
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द या पीड़ा (यह बेहद कम सामान्य है)।
  • मासिक धर्म के बीच में खून बहना या मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्त (बेहद कम) बहना।

 

पुरुष और महिला: पुरुष और महिला दोनों के शरीर के अन्य हिस्सों में गोनोरिया फ़ैल सकता हैं।

इसके संक्रमण में शामिल है:

  • यदि गुदा में होता है, तो गुदा के आसपास या भीतर दर्द, परेशानी या निर्वहन (द्रव निकलता) है।
  • गला, जिसमें सामान्यत: कोई लक्षण नहीं होते हैं।
  • आंखें, जिनमें दर्द, सूजन, चिड़चिड़ापन और निर्वहन (conjunctivitis) हो सकता है।

 

गोनोरिया के कारण - Causes of gonorrhea

गोनोरिया, नीसेरिया गानोरिआ नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। गोनोरिया संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में योनि (vaginal), मुख (oral) या गुदा (anal) संपर्क के माध्यम से फैलता है। बैक्टीरिया सामान्यत: संक्रमित पुरुषों व महिलाओं की योनि से निकलने वाले द्रव एवं लिंग निर्वहन (द्रव निकलना) में पाया जाता है। गर्भवती महिलाएं जन्म के दौरान गोनोरिया को अपने बच्चे में पारित कर सकती हैं। वे आंखों (conjunctivitis) के संक्रमण से पीड़ित नवजात शिशु को जन्म दे सकती है। यदि इसका उपचार न किया जाएं, तो बच्चा अंधा हो सकता है।

 

गोनोरिया के  निदान - Diagnosis of gonorrhea

गोनोरिया का पता ग्राम प्रणाली (Gram system) या बैक्टीरिया कल्चर (bacterial culture) से लगाया जाता है, हालांकि आधुनिक पोलीमरेज़ श्रृंखला प्रतिक्रिया (PCR) आधारित परीक्षण विधियां अधिक सामान्य हैं। आगे निदान और पुष्टि के लिए कृपया अपने चिकित्सक से सलाह लें।

 

गोनोरिया के प्रबंधन - Management of gonorrhea

गोनोरिया के लिए जल्दी से उपचार लेना महत्वपूर्ण है। गोनोरिया का उपचार सामान्यत: निम्न में से किसी एक एंटीबायोटिक (antibiotics) दवाओं की एकल ख़ुराक से किया जा सकता है:

  • सेफट्राईएक्सोन - Ceftriaxone
  • सेफीक्सीम - Cefixime
  • स्पेक्टिनोमाइसिन - Spectinomycin

कोई भी लक्षण नहीं होने पर भी यौन साथी को गोनोरिया के लिए उपचार लेना चाहिए। सही उपचार के लिए कृपया अपने चिकित्सक से सलाह लें।

 

गोनोरिया के रोकथाम - Prevention of gonorrhea

संक्रमण के ज़ोखिम को कंडोम (condoms) का उपयोग करके और असंक्रमित व्यक्ति के साथ परस्पर अपने साथी के प्रति वफादार रहकर (monogamy, केवल एक साथी के साथ सेक्स) काफी कम किया जा सकता है।

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