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चंडीगढ़। देश में कैंसर (cancer) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पंजाब में कैंसर का कहर देखने को मिल रहा है। इस साल सूबे में कैंसर के 2200 नए मरीज मिले हैं और यह संख्या बढ़ती जा रही है। कृत्रिम जीवनशैली (artificial lifestyle) और फसलों में कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग कैंसर की बड़ी वजह बन रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट बताती है कि 10 में से 1 भारतीय को अपने जीवनकाल में कैंसर हो जाता है। हालांकि आज कैंसर का इलाज (Cancer treatment) भी है। बहुत सारे अस्पतालों में इसकी सर्जरी भी की जाती है।
राज्य कैंसर संस्थान (cancer institute) अमृतसर में रोजाना 70-80 कैंसर रोगियों का इलाज हो रहा है, जबकि हजारों लोग निजी अस्पतालों (private hospitals) से उपचार ले रहे हैं। कैंसर से छोटे बच्चे भी पीड़ित हैं। पंजाब में हर साल करीब 50 बच्चे ट्यूमर (tumor) और ब्लड कैंसर (blood cancer) से पीड़ित हो रहे हैं।
राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री (national cancer) कार्यक्रम रिपोर्ट 2020 के अनुसार पंजाब में वर्ष 2020 में कैंसर के नए मामलों की अनुमानित संख्या 38,636 है, जबकि पड़ोसी राज्य हरियाणा में 29,219 और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में 8,777 जबकि चंडीगढ़ में 1,024 लोग कैंसर से पीड़ित थे।
अमृतसर स्थित राज्य कैंसर अस्पताल के प्रमुख प्रोफेसर डॉ. राजीव देवगन ने बताया कि पंजाब में इस साल कैंसर के 2200 नए मामले सामने आए हैं। हर रोज कैंसर इंस्टीट्यूट में 70 से 80 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा अधिकतर मामले पीजीआई और निजी अस्पतालों से संबंधित हैं।







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