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सिर्फ एक रुपये में कानपुर के मेडिकल कॉलेज में ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी शुरू

निजी अस्पतालों में इस तकनीक से ऑपरेशन में 10 लाख रुपये तक खर्च होते हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज में एक रुपये के पर्चे पर इलाज हुआ। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रेम शंकर और रेजीडेंट डॉ. शुभम, डॉ. पुनीत के साथ मिलकर नौबस्ता निवासी 48 वर्षीय स्तन कैंसर की मरीज का ऑपरेशन किया।

श्वेता सिंह
October 15 2022 Updated: October 15 2022 23:56
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सिर्फ एक रुपये में कानपुर के मेडिकल कॉलेज में ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी शुरू जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर

कानपुर ( लखनऊ ब्यूरो) कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने पहली बार ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी शुरू कर महिलाओं के तनाव को कम करने का बीड़ा उठाया है। सर्जन्स ने आंको प्लास्टिक सर्जरी तकनीक का प्रयोग कर पूरे ब्रेस्ट को हटाने की समस्या को खत्म कर दिया है। मार्डन तकनीक से ब्रेस्ट (breast) कैंसर की सर्जरी से ब्रेस्ट को बचाने की आस भी जग गई है। आंको प्लास्टिक सर्जरी की अगुवाई खुद प्राचार्य प्रो. संजय काला ने की है। इस सर्जरी को निजी सेन्टर में कराने में डेढ़-दो लाख तक का खर्च आता है।

 

प्राचार्य डॉ. संजय काला (Sanjay Kala) ने प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रेम शंकर और रेजीडेंट डॉ. शुभम, डॉ. पुनीत के साथ मिलकर नौबस्ता निवासी 48 वर्षीय स्तन कैंसर की मरीज का ऑपरेशन (operation) किया। यह आपरेशन वाल्यूम डिस्प्लेसमेंट तकनीक से किया गया। डॉक्टरों की इसी टीम ने 13 अक्तूबर को कल्याणपुर निवासी 53 वर्षीय महिला का आपरेशन वाल्यूम डिस्प्लेसमेंट तकनीक (technique) से किया था। प्राचार्य ने बताया कि पहले कैंसर होने पर पूरा स्तन निकालना पड़ता था।

 

इसके कटने से तमाम महिलाएं डिप्रेशन (depression) का शिकार हो जाती हैं। कई महिलाएं आत्महत्या भी कर चुकी हैं। जिन महिलाओं (women) के स्तन के 15 प्रतिशत तक सेल संक्रमित होते हैं, उनका आपरेशन वाल्यूम रिप्लेसमेंट विधि से और इससे ज्यादा संक्रमण होने पर वाल्यूम डिस्प्लेसमेंट तकनीक से किया जाता है। वाल्यूम डिस्प्लेसमेंट में शरीर में दूसरी जगह के मांस का टुकड़ा लगाना पड़ता है। निजी अस्पतालों (private hospitals) में इस तकनीक से ऑपरेशन में 10 लाख रुपये तक खर्च होते हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज में एक रुपये के पर्चे पर इलाज हुआ।

 

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