देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

महिला जननांग विकृति के पूर्ण उन्मूलन कार्यक्रम पर कोविड महामारी का असर

यूएन एजेंसियों का मानना है कि स्कूल बन्द होने, तालाबन्दी और लड़कियों के संरक्षण के लिये सेवाओं में व्यवधान की वजह से, दुनिया भर में लाखों लड़कियों के महिला ख़तना का शिकार होने का जोखिम बढ़ा है।

आनंद सिंह
February 07 2022 Updated: February 07 2022 02:50
0 36373
महिला जननांग विकृति के पूर्ण उन्मूलन कार्यक्रम पर कोविड महामारी का असर प्रतीकात्मक

वाशिंटन/नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने आगाह किया है कि कोविड-19 महामारी के कारण, महिला जननांग विकृति (Female Genital Mutilation/FGM) के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में हुई दशकों की वैश्विक प्रगति पर जोखिम मंडरा रहा है।  

यूएन एजेंसियों ने 6 फ़रवरी को ‘महिला ख़तना के लिये शून्य सहिष्णुता के अन्तरराष्ट्रीय दिवस’ से पहले, महिलाओं व लड़कियों के मानवाधिकारों, स्वास्थ्य व गरिमा को सुनिश्चित करने के लिये मज़बूत कार्रवाई की अपील की है।एजेंसियों का मानना है कि स्कूल बन्द होने, तालाबन्दी और लड़कियों के संरक्षण के लिये सेवाओं में व्यवधान की वजह से, दुनिया भर में लाखों लड़कियों के महिला ख़तना का शिकार होने का जोखिम बढ़ा है।

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के एक अनुमान के अनुसार, विश्व में 20 लाख अतिरिक्त लड़कियाँ, वर्ष 2030 तक इससे प्रभावित हो सकती हैं। इस परिदृश्य में, महिला जननांग विकृति के उन्मूलन की दिशा में वैश्विक प्रयासों में 33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज किये जाने की आशंका है।

हानिकारक प्रथाओं की रोकथाम के मुद्दे पर यूनीसेफ़ की वरिष्ठ सलाहकार ननकली मक़सूद ने बताया कि महिला जननांग विकृति के पूर्ण ख़ात्मे के विरुद्ध लड़ाई में हम पिछड़ रहे हैं।उन्होंने चिन्ता जताई कि जिन देशों में यह प्रथा प्रचलन में है, वहाँ लाखों लड़कियों के लिये इसके गम्भीर दुष्परिणाम हो सकते हैं। जब लड़कियों की अहम सेवाओं, स्कूलों और सामुदायिक नैटवर्क तक पहुँच नहीं होती, तो महिला जननांग विकृति काजोखिम काफ़ी हद तक बढ़ जाता है। इससे उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिये ख़तरा पैदा होता है।

एक बड़ी समस्या

महिला जननांग विकृति से तात्पर्य उन सभी प्रक्रियाओं से है, जिनके तहत, ग़ैर-चिकित्सा कारणों से महिला जननांगों को विकृत किया जाता है। बताया गया है कि दुनिया भर में कम से कम 20 करोड़ महिलाएँ व लड़कियाँ किसी ना किसी रूप में महिला ख़तना का शिकार हुई हैं।

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, महिला ख़तना, विविध सांस्कृतिक व सामाजिक कारणों से मुख्यत: शैशवास्था से 15 वर्ष की उम्र के दौरान किया जाता है। उदाहरणस्वरूप, कुछ समुदायों में इसे लड़कियों के लालन-पोषण और उनके वयस्कपन व विवाह के लिये तैयार होने का एक आवश्यक हिस्सा माना जाता है। कुछ अन्य देशों में, महिला जननांग विकृति को स्त्रीत्व व शीलता से जोड़कर देखा जाता है।

स्वास्थ्य जोखिम

महिला ख़तना से गुज़रने वाली लड़कियों को अल्पकालिक जटिलताओं, जैसेकि भीषण पीड़ा, स्तब्धता, अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण और मूत्र विसर्जन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, उनका यौन व प्रजनन स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़, महिला जननांग विकृति एक वैश्विक समस्या है. 

मुख्यत: अफ़्रीका और मध्य पूर्व के 30 देशों में ही मुख्य रूप से इसके मामले देखे जाते हैं, मगर एशिया, लातिन अमेरिका, पश्चिमी योरोप, उत्तर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, व न्यूज़ीलैण्ड में आप्रवासियों की आबादियों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं।

कुछ देशों में यह अब भी सार्वभौमिक है। यूनीसेफ़ के आँकड़ों के अनुसार, जिबूती, गिनी, माली और सोमालिया में 90 प्रतिशत से अधिक लड़कियाँ इससे प्रभावित हैं। 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने भी मौजूदा रुझानों के उभरने पर चिन्ता जताई है। बताया गया है कि हर चार में एक लड़की, यानि दुनिया भर में पाँच करोड़ 20 लाख लड़कियों का ख़तना स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा किया गया है, जिसे चिकित्साकरण कहा जाता है। 

2030 तक ख़ात्मे का लक्ष्य

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ वर्ष 2030 तक महिला जननांग विकृति के पूर्ण उन्मूलन के लिये प्रयासरत हैं, और इसे टिकाऊ विकास एजेण्डा के तहत अहम माना गया है।

वर्ष 2008 से ही, यूनीसेफ़ और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष ने एक साझा कार्यक्रम का नेतृत्व किया है, जिसमें क्षेत्रीय व वैश्विक पहल को समर्थन प्रदान करते हुए, अफ़्रीका और मध्य पूर्व के 17 देशों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है।   

इनमें से 14 देशों में अब महिला जननांग विकृति पर पाबन्दी के लिये अब एक क़ानूनी व नीतिगत फ़्रेमवर्क है, और डेढ़ हज़ार से अधिक मामलों में क़ानूनी कार्रवाई व गिरफ़्तारी हो चुकी है।

यूएन का मानना है कि महिला जननांग विकृति का उन्मूलन, एक पीढ़ी के भीतर किया जा सकता है और लड़कियों के लिये शिक्षा, स्वास्थ्य व रोज़गार सुलभता सुनिश्चित करके, प्रगति सम्भव है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

रूस में कोरोना संक्रमण के आधे से अधिक मरीज़ ओमिक्रॉन वैरिएंट से प्रभावित

रूस में कोरोना संक्रमण के आधे से अधिक मरीज़ ओमिक्रॉन वैरिएंट से प्रभावित

हे.जा.स. January 15 2022 28845

रूस में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। मेयर सर्गेई सोबयानिन ने

कम नींद लेना बन सकता है दिल के दौरे का कारण, शोध में हुआ खुलासा

कम नींद लेना बन सकता है दिल के दौरे का कारण, शोध में हुआ खुलासा

रंजीव ठाकुर July 03 2022 41015

कहा जाता है कि भरपूर नींद अच्छे स्वास्थ की निशानी होती हैं और अच्छी नींद लेने से दिल की बीमारियों से

बाल टीकाकरण दर पिछले 30 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर: संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ

बाल टीकाकरण दर पिछले 30 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर: संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ

हे.जा.स. July 16 2022 33699

विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष के अनुसार, डिप्थीरिया, टेटनस और पेरटुसिस से बचाव के

नेचुरल उपायों से बढ़ायें, आँखों की खूबसूरती  

नेचुरल उपायों से बढ़ायें, आँखों की खूबसूरती  

सौंदर्या राय May 08 2022 58983

आँखों के आस-पास के हिस्से को मॉइस्चराइज करने से आँखों की ख़ूबसूरती सबसे ज्यादा बेहतर बनती है।  इसके

यूके में मंकीपॉक्स का नया वेरिएंट मिला

यूके में मंकीपॉक्स का नया वेरिएंट मिला

हे.जा.स. September 04 2022 31755

ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के नए स्ट्रेन की पहचान हुई है। मंकीपॉक्स का ये नया वेरिएंट ब्रिटेन में हाल ही

सर्दियों में ऐसे रखें त्वचा का ख्याल

सर्दियों में ऐसे रखें त्वचा का ख्याल

सौंदर्या राय December 08 2022 85953

ये चीजें त्वचा को हेल्दी और मुलायम बनाए रखने में मदद करती हैं। आइए जानें आप सर्दियों में कौन सी नेचु

शुरुआती चरणों में कैंसर के इलाज से होगी जान और माल दोनों की बचत- डा. हरित

शुरुआती चरणों में कैंसर के इलाज से होगी जान और माल दोनों की बचत- डा. हरित

हुज़ैफ़ा अबरार February 22 2021 25391

विकसित देशों में जहां कैंसर के 70 फीसदी से ज्यादा मामले शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाते हैं वहीं हमा

ताजनगरी में कोरोना संक्रमण के केस बढ़े

ताजनगरी में कोरोना संक्रमण के केस बढ़े

विशेष संवाददाता April 06 2023 18295

कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर जिला अस्पताल से लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज और सीएससी सेंटर पर व्यव

सोलन में चलाया गया वैक्सीनेशन अभियान

सोलन में चलाया गया वैक्सीनेशन अभियान

विशेष संवाददाता February 06 2023 29042

हिमाचल के जिला सोलन के बच्चों को कई बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष वैक्सीनेशन अभ

वजन घटाने के लिए ना करें ये गलती

वजन घटाने के लिए ना करें ये गलती

आरती तिवारी August 28 2022 27820

मोटापा आजकल की एक बड़ी समस्या है इसके लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते है लेकिन आपकी एक गलती से इसके साइ

Login Panel