











































प्रतीकात्मक चित्र
नयी दिल्ली। देश में एक दिन में कोविड-19 के 12,213 नए मामले सामने आये। एक जून से 15 के बीच कोरोना संक्रमण के मामलों में 445 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज़ हुई है। अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 4,32,57,730 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 58,215 पर पहुंच गई।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत में संक्रमण से 1 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 5,24,803 हो गई। देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 58,215 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.13 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 4,578 की बढ़ोतरी हुई है। संक्रमण मुक्त होने की राष्ट्रीय दर 98.65 प्रतिशत है।
अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, दैनिक संक्रमण दर दो प्रतिशत, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 2.35 प्रतिशत है। देश में अभी तक कुल 4,26,74,712 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। वहीं, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 195.67 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक जिन लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं।
आंकड़ों के मुताबिक, देश में 110 दिन में कोविड-19 के मामले एक लाख हुए थे और 59 दिनों में वह 10 लाख के पार चले गए थे। भारत में कोविड-19 संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 10 लाख से 20 लाख (7 अगस्त 2020 को) तक पहुंचने में 21 दिनों का समय लगा था, जबकि 20 से 30 लाख (23 अगस्त 2020) की संख्या होने में 16 और दिन लगे. हालांकि 30 लाख से 40 लाख (5 सितंबर 2020) तक पहुंचने में मात्र 13 दिनों का समय लगा है।
वहीं, 40 लाख के बाद 50 लाख (16 सितंबर 2020) की संख्या को पार करने में केवल 11 दिन लगे. मामलों की संख्या 50 लाख से 60 लाख (28 सितंबर 2020 को) होने में 12 दिन लगे थे। इसे 60 से 70 लाख (11 अक्टूबर 2020) होने में 13 दिन लगे. 70 से 80 लाख (29 अक्टूबर को 2020) होने में 19 दिन लगे और 80 से 90 लाख (20 नवंबर 2020 को) होने में 13 दिन लगे। 90 लाख से एक करोड़ (19 दिसंबर 2020 को) होने में 29 दिन लगे थे।
इसके 107 दिन बाद यानी पांच अप्रैल 2021 को मामले सवा करोड़ से अधिक हो गए, लेकिन संक्रमण के मामले डेढ़ करोड़ से अधिक होने में महज 15 दिन (19 अप्रैल 2021) का वक्त लगा और फिर सिर्फ 15 दिनों बाद चार मई 2021 को गंभीर स्थिति में पहुंचते हुए आंकड़ा 1.5 करोड़ से दो करोड़ के पार चला गया।
चार मई 2021 के बाद करीब 50 दिनों में 23 जून 2021 को संक्रमण के मामले तीन करोड़ से पार चले गए थे. इसके बाद तकरीबन नौ महीने बाद 26 जनवरी 2022 को कुल मामलों की संख्या चार करोड़ के पार हो गए थे।
वायरस के मामले और मौतें
जून महीने में कोविड-19 संक्रमण की बात करें तो एक दिन या 24 घंटे में बीते 15 जून को 8,822, 14 जून को 6,594, 13 जून को 8,084, 12 जून को 8,582, 11 जून को 8,329, 10 जून को 7,584, नौ जून को 7,240, आठ जून को 5,233, सात जून को 3,714, छह जून को 4,518, पांच जून को 4,270, चार जून को 3,962, तीन जून को 4,041, दो जून को 3,712 और एक जून को 2,745 नए मामले दर्ज किए गए थे।
इस महीने में एक दिन या 24 घंटे में बीते 15 जून को 15, 14 जून को 6, 13 जून को 10, 12 जून को 4, 11 जून को 10, 10 जून को 24, नौ जून को आठ, आठ जून को सात, सात जून को सात, छह जून को नौ, पांच जून को 15, चार जून को 26, तीन जून को 10, दो जून को पांच और एक जून को छह लोगों की जान गई थी।







हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3465
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1232
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 721
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 518
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 476
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 420
हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9142
एस. के. राणा January 20 2026 0 5649
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5418
एस. के. राणा February 01 2026 0 5411
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5306
एस. के. राणा January 13 2026 0 4942
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4886
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87316
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35393
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38440
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35931
लेख विभाग March 19 2022 0 35581
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73253
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि देश में अब केवल 11,058 सक्रिय मामले ही बचे हैं जो कि दो साल बाद सबसे
ठंड के साथ सर्दी-जुकाम के मरीज भी बढ़ गए है, लेकिन अब अस्पताल आने वाले सर्दी-जुकाम और खांसी वाले लोग
फेफड़ों के कैंसर के लगभग 85 प्रतिशत मामलों का प्रमुख कारण धूम्रपान है। हालांकि अब ऐसे मरीजों की संख
यूपीटीईएन का उद्देश्य मरीज के अस्पताल पहुंचने का इंतजार करने के बजाय आपातकाल की सूचना मिलते ही इलाज
आरोग्य स्वास्थ्य मेला का सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य चिकित्
इस मेले के माध्यम से गर्भावस्था एवं प्रसवकालीन परामर्श और जरूरी सेवाएं, परिवार नियोजन के स्थायी व अस
ऐसे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित टीकाकरण सेवाएं मिल रही हैं जिन्हें अभी तक टीका नहीं लगा है य
कार्यक्रम में नीलू त्रिवेदी ने माहवारी के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले कपड़े को गर्भाशय के कैंसर का
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निर्देश दिया कि सांस के मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत अधिक पड़ती है। ऐसे में
सभी सीएचसी व पीएचसी के प्रभारियों को आदेश दिया है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद क्षेत्र के लोगों व प्

COMMENTS