











































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली। कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron variant ) से होने वाले संक्रमण के खिलाफ वैक्सीन की दोनों डोज और बूस्टर डोज भी प्रभावी नहीं हो रहा है। देश में हर दस संक्रमित में से नौ ऐसे लोग हैं, जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज ली थीं, इसके बावजूद वे ओमिक्रॉन (Omicron) से संक्रमित हो गए। इस प्रकार का अध्ययन केंद्र सरकार (central government) की तरफ से जारी किया गया है। विशेषज्ञों ने ओमिक्रॉन संक्रमण से और भी ज्यादा सजग होने की अपील की है।
यह अध्ययन देश में 183 ओमिक्रॉन संक्रमितों पर किया गया। जिसमें सामने आया कि 10 में से नौ संक्रमित पूर्ण रूप से टीकाकरण करा चुके हैं। केंद्र का कहना है कि वैक्सीन इस नए खतरे के लिए पर्याप्त नहीं है। लोगों को सोशल डिस्टैन्सिंग (social distancing), मास्क (masks) और सैनिटाइजेशन (sanitization) जैसे अन्य विकल्प संक्रमण को रोकने के लिए फिर से अपनाने होंगे।
बूस्टर डोज लगाने वाले भी नहीं बच सके
केंद्र की ओर से जो आंकड़े पेश किए गए हैं वे डराने वाले हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण के मुताबिक, 87 प्रतिशत ओमिक्रॉन संक्रमित पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हैं। वहीं तीन लोगों ने तो बूस्टर डोज (booster dose) भी ले रखी है, इसके बावजूद वे ओमिक्रॉन की चपेट में आ गए। जिन 187 लोगों पर यह अध्ययन किया गया, उसमें से सिर्फ चार लोगों ने वैक्सीन की एक भी खुराक नहीं ली थी। 73 लोगों के टीकाकरण के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है वहीं 16 लोग वैक्सीनेशन के लिए पात्र नहीं थे। वहीं दो लोगों को आंशिक रूप से टीका (vaccine) लगा था।
27 प्रतिशत संक्रमित तो विदेश गए ही नहीं
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने यह आंकड़े जारी करते हुए बताया कि ओमिक्रॉन के बारे में गंभीर बात यह निकलकर सामने आई है कि 27 प्रतिशत ओमिक्रॉन संक्रमितों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री (travel history) ही नहीं थी। यानि कि वे न तो विदेश गए और न ही विदेश यात्रियों के संपर्क में आए, इसके बावजूद वे ओमिक्रॉन से संक्रमित हो गए।
विशेषज्ञों की क्या है चेतावनी
भारत में कोविड-19 टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. वीके पॉल ने ओमिक्रॉन को लेकर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि यह वैरिएंट डेल्टा से कहीं ज्यादा संक्रामक और खतरनाक है। इस वैरिएंट का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने का खतरा काफी ज्यादा है। अगर कोई व्यक्ति संक्रमण की चपेट में आता है तो उसके घर वालों में संक्रमण होने का खतरा काफी ज्यादा है।







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